विज्ञापन लगाइए, हिन्दी चिट्ठे से 5000 रुपए महीना कमाइए - हिन्दी ब्लॉग टिप्स

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Wednesday, April 1

विज्ञापन लगाइए, हिन्दी चिट्ठे से 5000 रुपए महीना कमाइए

अपडेट-- यह पोस्ट 1 अप्रेल 2009 को लिखी गई थी। कृपया इसे उसी संदर्भ में लिया जाए..

आखिर वह दिन आ ही गया, जब आपका हिन्दी चिट्ठा आपके लिए कमाऊ पूत साबित होने जा रहा है। प्रमुख इंटरनेट कंपनी लूफलिरपा हिन्दी ब्लॉग्स के लिए एडसेंस की तर्ज पर स्थानीय विज्ञापनों का बाजार खोलने जा रही है। आप इस वेबसाइट पर अपने ब्लॉग को आसानी से रजिस्टर करा सकते हैं और विज्ञापनों के बदले एक सुनिश्चित आय पा सकते हैं। कमाल की बात यह है कि यहां आपकी कमाई विज्ञापनों पर क्लिक से नहीं, बल्कि उन्हें दिखाने से होती है। यानी एक बार विज्ञापन लगाने के बाद हर महीने 5000 रुपए से लेकर 15000 रुपए तक की सुनिश्चित आय आपके खाते तक पहुंच जाती है।





अगर आप इस वेबसाइट पर अपने ब्लॉग को रजिस्टर कराना चाहते हैं तो नीचे दी गई तस्वीर पर क्लिक कीजिए। लेकिन ध्यान रखिए कि रजिस्ट्रेशन तभी मान्य होगा, जब आपका ब्लॉग कम से कम छह महीने पुराना हो और इस पर पचास से ज्यादा पोस्ट हो चुकी हो।



:) .. अगर यह विजेट आप अपने ब्लॉगर ब्लॉग पर लगाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कीजिए। निर्देशों का अनुसरण करते ही यह विजेट आपके ब्लॉग की साइडबार में होगा।



आज का दिन गुजरने के बाद इसे लेआउट फीचर में जाकर एक क्लिक पर डिलीट भी किया जा सकता है।

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46 comments:

  1. लगता है आज लोगो को अप्रेल फूल बना ही डालोगे !

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  2. ब्‍यूटीफूल :)

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  3. धन्यवाद ज्ञापन.
    भाई, मैंने आपकी अनुमति के बिना आपकी साईट से उम्दा माल उड़ा कर अपने ब्लॉग पर लगा लिया है.

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  4. बहुत बढिया. हमको पिछले महैने looflirpa से साढे सात हजार का चेक आया था. आपने बहुत काम की बात बताई.

    रामराम.

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  5. आशीष जी आज तो आप "ताऊ भतीजा" दोनों मिलकर अप्रेल फूल बना रहे हो ! देखते है कौन बचता है ! वैसे ताऊ के साथ होते हुए कम ही लोगो के फूल बनने से बचने की संभावनाए है ! हम तो ताऊ पत्रिका से ३०० न.पर ही बन लिए !

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  6. अरे भइया! अभी कल ही समझा रहे थे कि हिन्दी भाषा को विज्ञापन से दूर रखा गया है औश्र आज ही ये खबर?
    लगता है कि गूगल ने आपकी पिछली पोस्ट पढ कर हिन्दी ब्लाग के विज्ञापन लेना शुरू कर दिये? बधाई हो आपको................... विज्ञापन दिलवाने के लिए नहीं............... स्वस्थ मजाक के लिए।

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  7. ममता जी के ब्लॉग पर भी एक लिंक दिखा परन्तु ऊपर अरविन्द जी की चेतावनी पढ़ ली थी. यहाँ आप वाला तो बड़ा sofisticated है. आभार.

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  8. आपने भी सीधे सादे पाठकों को अप्रैल फूल बनाने का निश्‍चय कर ही लिया न ।

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  9. अप्रैल फूल ha ha ha ha ha

    regards

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  10. गर्व से कहते हैं हम भी बन गए 'फूल'! कसम से इतने फूल इकट्ठा हो जायेंगे आपके पास , एक बड़ी माला बना कर किसी नेता के गले में पहना सकते हैं.

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  11. हम नहीं फसेगे .......भइया
    और कोई देखो ....

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  12. हम तो इस सब के बिना ही ब्लोग से १०००० रूपये महीना कमा रहे है :)

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  13. आपके ब्लोग पर नहीं दिख रहे? बहुत नाइंसाफी है...

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  14. jante hai "ortem" company kaise bani thi?

    "Metro" ko ulta karke....


    waise "looflirpa" bhi bindaas naam hai...

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  15. Ek baar to chaunka hi diya tha aapne! vo to bhala ho sudhi bloggers ka jinki tippaniyan padh lin.....

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  16. ये तो सत्यम के टक्कर का उल्टा-पुल्टा है गुरू जी।

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  17. मजेदार है आपका style
    ! :)

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  18. BHAI WAH ASHISH ACHHA APRIL FOOL BANAYA...
    EK BAR KO TO LAGA BADI SAHI JUGAR HO GAYI...

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  19. ये तो मजा आ गया...
    मीत

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  20. दर्पण जी का कमेंट न देखते तो हम तो आज Looflirpa बने ही थे ।
    कितनी दुखती रग पर हांथ रख दिया आपने हिन्दी ब्लॉगरों के ! काश यह सच होता !

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  21. यकीन मानिए मजा आ गया...!

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  22. बहुत अच्छी जानकारी , पर हमें पैसे का मोह नहीं है हम माया में नहीं फसाना चाहते .
    आप हर महीने ऐड से पैसे बनाइये यही हमारी शुभकामना है .

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  23. mast...wakai maza aa gaya :D waise ham soch rahe hain ki aaj ka din chunki aise kaarya shuru karne ke liye shubh nahin hai...kal is link par click karenge, kamai ek din der se hi sahi :D

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  24. :) बधाई हो आपको ..अब तक आप तो लखपति बन ही चुके होंगे :) बढ़िया रहा यह :)

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  25. ha ha ha...

    achha raha ye mazak bhi...

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  26. अरे वाह जी, आपने तो कमाल कर दिया. लेकिन आपके ब्लॉग पर आते ही टिप्पणी पढ़ कर हम बच गए... वर्ना लूफलिरपा बन ही जाते. आखिर पैसा किसे प्यारा नहीं है...

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  27. थोड़ी देर के लिए बन तो हम भी गए थे, पर आपको क्यों बताएं !?

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  28. हीस तहुब!!

    इसे भी लूफलिरपा की तरह ही पढ़ना. :)

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  29. काश आपकी यह बात अगर सच साबित हो जाती तो मै तो टिप्पणी देने के लिए और क्लीक करने के लिए दो चार आदमी भी नियुक्त कर लेता |

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  30. अभी तक तो हम गये नहीँ लूफर-लिपा कम्पनी की साईट पर। आप का आभार कि आपने हिन्दी भाषियों को समृद्धि का रास्ता बताया।

    एक बात हम भी आपको बताएं - हाल ही में सत्यम के मामले में एक कम्पनी का नाम आया था घोटाले में, मेटास। इस कम्पनी के नाम को देखें - MAYTAS (लूफरलिपा की तर्ज़ पर) पर। और यह तो वैधानिक रूप से बनाये गयी वास्तविक कम्पनी है। हम इस कम्पनी के नामकरण की अनॉटमी को जानते थे और MAYTAS से चोट खाये भी। इसलिये लूफरलिपा की साईट पर जाने का मन नहीँ बना। आपको पुन: आभार।

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  31. आप या तो हिन्दी वालों को धनी बनायेंगे या मूर्ख! दोनो एक साथ नहीं बना सकते!

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  32. हिंदी के ब्लागरों से ऐसा मजाक अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, समझे!
    नहीं समझे? मज़ाक कर रहा हूँ भाई. आज नहीं karenge तो कब karenge?achchha लगा,धन्यवाद.

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  33. पता नहीं आप अप्रैल फ़ूल बना रहे हैं या वाक़ई ऐसा है। लेकिन हिन्दी ब्लॉगिंग के ज़रिए अच्छी-ख़ासी कमाई की जा सकती है, इसमें कोई शक़ नहीं है। ख़ुद मेरे हिन्दी ब्लॉग के पिछले महीने के चैक की रकम छः अंकों में है।

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  34. चलिये अब बुद्धू बनाना छोडिये और बताइये कि मेरा प्रोफाइल गलती से delete हो गया है, अब क्या करूं?

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  35. 563 हाज़िर हुजुर | पर गुरूजी खटोला बिछा ही रहेगा यानी विजेट ब्लॉग पर ट्राफी की तरह लगा ही रहेगा

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  36. This comment has been removed by the author.

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  37. बहुत खूब। अप्रैल फूल बनाने का यह तरीका पसंद आया। बधाई।

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  38. बहुत अच्छा, क्या बात है |

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  39. aap ki har khusi k liye jaha hoga

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  40. aap ki har khuse ke intjar me

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