Friday, April 10

अच्छा है.. कोई तो है जो हिन्दी चिट्ठों पर कमाई का आश्वासन दे रहा है..


कल से कई ब्लॉगर साथी सूचना दे रहे हैं कि उन्हें किसी वेबसाइट ने अपने विज्ञापन दिखाने की पेशकश की है। वेबसाइट का नाम है WuTravel. सिंगापुर की यह वेबसाइट अपने एफिलिएट प्रोग्राम के जरिए हिन्दी चिट्ठों पर विज्ञापन दिखाने की पेशकश कर रही है। सुबह मीत जी ने जानना चाहा कि क्या इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए।






मैंने उनके पास आई मेल को मंगवाया और नियम-शर्तों को खंगाला। सबसे पहले आप उनके पास आई मेल को देखिए-
पहली मेल-
Sub- We want to place our ads on your site
Hi,

We are interested to place our ads on your site. If interested, please email me.

We, WuTravel.com, are a start up travel site in Singapore.

Best Regards,
Isabella


और दूसरी मेल-

Hi,

Here are our company current marketing packages.

1) For sites PR >= 4, and Alexa in top 100,000, and site is travel topic related, we are willing to buy ads space from SGD 100 /month, and invite them to join our affiliate program

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Please reply me If you are willing to accept our offer, then I will open an affiliate account for you right now, after you put on our banner on your site, I will deposit the money for you.:)

Regards,

Isabella


आइए, अब मैं इन सेवा शर्तों के बारे में आपको विस्तार से बताता हूं।

यह सिंगापुर की ट्रेवल वेबसाइट है और इसका दुनियाभर में कई होटलों के साथ गठजोड़ है। यह अपने व्यवसाय को बढ़ाने और होटलों के विज्ञापन से अपना मुनाफा कमा रही है। इसके लिए यह ब्लॉग और वेबसाइटों की मदद ले रही है। भारत में भी कई होटल इसके साथ अनुबंधित है यही वजह है कि इसने हिन्दी चिट्ठों को भी अपना लक्ष्य बनाया है।

यह वेबसाइट नियत भुगतान 100 सिंगापुर डॉलर (करीब 3275 रुपए) प्रतिमाह पर एडस्पेस उन्हीं ब्लॉग्स से खरीदेगी जिनकी गूगल पेजरैंक 4 या उससे ऊपर हो और अलेक्सा रैंकिंग में वह ब्लॉग टॉप 1,00,000 में हो। साथ ही वह भ्रमण विषय पर लिखी जा रही हो। हिन्दी ब्लॉग संसार में इन शर्तों को पूरा करने वाला ब्लॉग मेरी नजर में संभवतः नहीं है। हिन्दी ब्लॉग टिप्स की गूगल पैजरैंक 3 है और अलेक्सा रैंकिंग करीब 6 लाख। इस लिहाज से यह ऊपर की दो शर्तों को पूरा करने के काफी करीब है। (गूगल पेज रैंक और अलेक्सा रैंकिंग पर अलग से पोस्ट लिखने की तैयारी कर रहा हूं)।

इससे कम ट्रेफिक वाले ब्लॉग्स को यह केवल अपने एफिलिएट प्रोग्राम से जुड़ने का प्रस्ताव दे रही है। एफिलिएट प्रोग्राम के तहत आपको अपने ब्लॉग पर इस वेबसाइट के विज्ञापन लगाने होते हैं और इन पर क्लिक के बदले आपको पैसा मिलता है। पूरी जानकारी ऊपर दूसरी मेल में दी गई है।

अगर आपको कंपनी की ओर से ई-मेल मिलती है और अगर आप प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं तो आपके खाते में शुरुआती स्तर पर 50 डॉलर जोड़ दिए जाते हैं। जैसे ही आपके अकाउंट में 100 डॉलर हो जाते हैं, कंपनी आपको भुगतान करने का दावा करती है। भुगतान PayPal अकाउंट में किया जाता है।

सभी शर्तें देखने के बाद मेरा मानना है कि इस तरह 100 डॉलर तक पहुंचना मुश्किल है। लेकिन साथ ही मैं यह भी कहना चाहूंगा कि अगर इस कार्यक्रम के साथ जुड़ा जाए तो बुराई भी क्या है। अगर फायदा नजर नहीं आया तो आप जब चाहें इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम से जुड़ना चाहें तो यहां क्लिक कर सकते हैं।

खाता बनाने के बाद आपको ई-मेल पर लॉग-इन नेम और पासवर्ड दिया जाता है। उसके बाद अपने खाते में जाकर विज्ञापन के लिए कोड हासिल कर सकते हैं। विज्ञापन का एक नमूना देखिए-




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अंत में कहना चाहूंगा कि अगर यह वेबसाइट हिन्दी चिट्ठों को अपने कार्यक्रम से जुड़ने का प्रस्ताव दे रही है तो आप खुद समझ लीजिए कि हिन्दी ब्लॉग की दुनिया पेशेवर दहलीज पर कदम रखने के कितनी दूरी पर है?? एडसेंस टीम .. आप इसे पढ़ रहे हो न...

क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!

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31 comments:

  1. सही है कोई नुक्सान भी नहीं है।

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  2. सोच समझ कर कदम बढ़ाना .
    अपनी और हिन्दी ब्लॉग की छवि को दाग मत लगने देना .
    अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद .

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  3. meri samajh me yeh aataa he ki pahle thodaa ruk liya jaaye baad dekhe aakhir ye kyaa balaa he..

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  4. खण्डेलवाल जी,
    यदि आप सच में हिंदी ब्लॉग जगत की सहायता कर रहे हैं तो "इस कार्यक्रम से जुड़ना चाहें तो यहां क्लिक कर सकते हैं।" में अपना रेफ्रल कोड क्यों लगाये हुये हैं? देखिये स्नैपशॉट

    अच्छा, इससे आपको ज़िंदगी भर कमीशन मिलता रहेगा इसलिए!?

    ठीक है लगे रहिये, आखिर कितने लोग जानते होंगे, इस बात को?

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  5. एडसेंस टीम .. आप इसे पढ़ रहे हो न... "

    सही कहा- सबको सोचना होगा । हिन्दी चिट्ठाकारी अब गम्भीरता से ली जाने लगी है ।

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  6. ज्ञान जी,
    सूचना के लिए आभार.. पोस्ट लिखने के लिए मुझे इस साइट पर जाकर इसे खंगालना जरूरी था (ऐसा मीत जी का आग्रह भी था), इसलिए इसमें लॉग-इन करना जरूरी था। आपने जानकारी दी तो रेफरल लिंक को हटा दिया है.. वैसे मैं ऊपर ही स्पष्ट लिख चुका हूं कि इस कार्यक्रम के जरिए 100 डॉलर तक पहुंचना काफी मुश्किल है। मेरे लिए यही कमाई बहुत है कि आप सभी साथियों का प्यार मुझे लगातार मिल रहा है।

    वैसे मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि अगर रेफरल लिंक इसमें लगा भी था तो इसमें किसी का क्या नुकसान हो सकता था? अगर कोई सीधे वेबसाइट पर जाकर सीधा इसका सदस्य बनता तो भी उसे वही फायदे और सुविधाएं मिलती, जो यहां से जाकर मिलती। पता नहीं आपको इसमें क्यों आपत्ति हुई, जो आपने इसका स्नैपशॉट तक बना डाला?

    खैर, अब चैक कर लीजिए। रेफरल लिंक हटा दिया है।

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  7. this is a good option for hindi blog. Thanks Ashish.

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  8. भाई खंडेलवाल जी पहले हमको ये तो समझाओ कि ये गूगल पेज रैंक और अलेक्सा क्या बला है? और हम इसमे कहां तक ठहरते हैं? यानि हमको भी कुछ मिल सकता है या नही? कृपया पूरा तरीका समझाये, हमको कुछ समझ नही आरहा है.

    रामराम.

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  9. आशीष जी
    हिन्दी ब्लॉग के क्षेत्र में यह बहुत अच्छी बात है | वास्तव में प्रोत्साहित करने वाली बात है ; और फिर आपके प्रयास तो निःसंदेह बहुत खूब हैं |

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  10. दो दिन पहले यह मेल मुझे भी मिली थी. पर क्या इसे ज्वाइन करने पर गूगल को कोई आपत्ति नहीं होगी?

    ज्ञान जी की जासूसी बुरी लगी. अरे आप बिना किसी स्वार्थ के ब्लॉगजगत की सेवा कर रहे हैं, इसके लिए धन्यवाद देने के बजाए ये सब. अपने ब्लॉग पर रेफरल लिंक लगाने का सबको अधिकार है. और फिर इसमें किसका नुकसान हो रहा है.

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  11. कोशिश करने में क्या बुराई है...शायद सही हो!!

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  12. मेरे पास भी आया है ये मेल ।

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  13. आशीष जी !
    विश्वासम फलदायकं...आपके श्रम और प्रयास के लिए साधुवाद...शक का इलाज तो हकीम लुकमा के पास भी नहीं था...मैं तो,संभावनाओं को तलाशने में भरोसा करता हूँ. कर्मण्येवाधिकारस्ते... कोशिश करना ही चाहिए...

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  14. आशीष जी बहुत ही गलत बात आप रेफरल तुंरत लगाइए यदि हम ब्लॉगर का प्यार चाहते हैं तो !!
    आपकी यदि कुछ कमाई हो रही है तो इसमें जलने की बात ये बिलकुल ही गलत बात है.
    ई-गुरु और अंकित के साथ-साथ आप ही तो हैं जो चिट्ठाजगत के तकनीकी ज्ञाता हैं.

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  15. अपने तो समझ से परे ये है ये सब,आप सब ज्ञानी महात्माओं के बीच हम सिंपल ब्लागर हैं।

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  16. बढ़िया।
    और हां आशीष, जो जिज्ञासा ताऊ की है वही मेरी भी। इस विषय पर पोस्ट का इंतजार रहेगा। वैसे शब्दों का सफर की पेज रैंक चार है। ये जानकारी हमें है। अलेक्सा के बारे में आप बताएं।
    सालगिरह की बधाई।

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  17. ये नियम और शर्तें ऐसी हैं की 95% हिंदी ब्लोगों की शायद ही कोई कमाई हो पाए :) :)

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  18. मुझे भी ऐसी ही एक मेल आई है, लेकिन यदि इसकी शर्तों को देखा जाए तो मैं समझता हूँ की यह केवल ब्लॉग पेज की जगह खायेगी | इसके टारगेट तक पहुँचाना बहुत मुश्किल है |

    आप अपने रेफरल की लिंक लगाइए | किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए |
    क्योंकि इसमे किसी का नुक्सान तो हैं नहीं |
    सुझावों को लिए धन्यवाद |

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  19. आशीष जी बहुत बहुत शुक्रिया इस जानकारी के लिए...
    उम्दा जानकारी...
    वैसे इसे अपने ब्लॉग पर लगाने पर अगर फायदा नहीं है तो कोई नुक्सान भी तो नहीं...है...
    मीत

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  20. कुछ समझ आया कुछ नहीं .. जानकारी जो दी उसके लिए शुक्रिया

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  21. आपने अच्‍छी जानकारी दी और इसमें कोई बुराई नहीं है कि‍ कोई इस जरि‍ए से कमाई करे।

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  22. ये मेल मुझे भी आई है २ बार मैंने हां में जवाब भी दिया आगे क्या करू आप कुछ मदद करे

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  23. आशीष जी, ऐसा ही मेल दो दिन पहले मेरे पास भी आया था। आज दूसरा मेल आया है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए बेताब था मगर आपके ब्लॉग पर क्लिक करते ही मन को तस्सली हो गई। ब्लॉग की रैंक बढ़ाने का भी कोई जुगाड़ है क्या?

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  24. आपने अच्‍छी जानकारी दी है । कई बार दुख होता है जब कोई सम्मानित बलोगर बहुत छोटी बात कह देता है । नये ब्लोगरो को तो अपने ज्ञान का प्रदर्शन करते देखा है लेकिन पांडे जी जैसे पुराने लेखकों को इस प्रकार कि टिप्पणी नही देनी चाहिये । मेरा तो यह मानना है कि कमाना सभी कोई चाहता है । लेकिन एक दूसरे के पैर पर कुल्हाड़ी मार कर कोई नही कमा सकता है । जितना संगठन हिन्दी ब्लोग जगत मे है उतना अंग्रेजी भाषा मे नही है । इस का हमे फायदा उठाने के बारे मे सोचना चाहिये क्यों कि बडी कम्पनी भी कही न कही कोई लूज होल छोडती ही है । उस का फायदा किसी हिन्दी ब्लोग संगठन को मिल जाये तो कितना अच्छा है ।

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  25. नरेश जी,

    ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा कि आप अपने कमेंट में जिन ब्लॉगर महोदय का जिक्र कर रहे हैं उनका पूरा नाम एम ज्ञान है और उन्हें हिन्दी ब्लॉग जगत में कदम रखे हुए महज आठ महीने हुए हैं..

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  26. वीकएंड से वापस लौटते ही एक अच्छी सम्भावना दिखी. जहाँ तक मैं समझता हूँ, किसी भी आम ब्लॉग की तुलना में 'हिंदी ब्लॉग टिप्स' जैसी साइट्स को ऐसी सुविधा मिलने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. इसने हम ब्लौगर्स को जो लाभ पहुँचाया है, इसकी तुलना में ऐसी छोटी सोच रखनी चाहिए भी नहीं.

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  27. इसके बजाये bidvertiser ज्वाइन करना चाहूँगा क्योंकि ये केवल 10 $ पर ही पेमेंट कर देता है, आसान और सुलभ तरीका है पैसे कमाने का ब्लॉग द्वारा , मेरा ब्लॉग देंखें ....

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  28. ashish ji yh to sirf aashwasn de rha hai ,jab ki aur bhi sites kab se pay kar rhi hain .aap mera ya shyamal ji ke blog par lagi english ki post sbhi paid hain ....

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