Posts

Showing posts from April, 2009

इंतेहा हो गई ब्लॉग आतंकवाद की (टिप्पणियों पर पूरा नियंत्रण रखिए)

Image
क्या बेनामी टिप्पणियों ने इन दिनों ब्लॉग जगत में हलचल मचाई हुई है? डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक जी की इस पोस्ट और मुंबई टाइगर ब्लॉग पर इस पोस्ट को पढ़ने से तो कुछ ऐसा ही लगता है। कोई बेनामी टिप्पणी कर शांत पानी में कंकड़ उछालता है और उसके बाद जैसे प्याले में तूफान आ जाता है। मुंबई टाइगर जी ने तो इस तरह की बेनामी टिप्पणियों के लेखक का पता लगाने की मुझसे अपील तक की है-


यहां मेरा जवाब है कि ब्लॉगर पर यह एक लाइलाज बीमारी है और इसका बचाव ही उपचार है।

मैं अनुरोध करना चाहूंगा कि अगर ब्लॉगर पर बेनामी टिप्पणी के लेखक का आप पता लगाना चाहते हैं, तो यह न तो फिलहाल संभव है और न ही नैतिक रूप से प्रशंसनीय। टिप्पणी की यह सुविधा है ही इसलिए, ताकि कोई अपनी गोपनीयता बरकरार रखते हुए अपनी बात कह सके। आपको यह मंजूर नहीं है तो या तो आप केवल पंजीकृत पाठकों को ही टिप्पणी का अवसर दें या फिर टिप्पणियों की प्रकाशन पूर्व स्वीकृति वाला विकल्प चालू रखें।

पुराने साथी बचाव की ये सभी तकनीकें अच्छे तरीके से जानते हैं। लेकिन नए साथियों के लिए यह जानना जरूरी है कि वे बचाव किस तरह कर सकते हैं। उनके लिए मैं तीन तरह के हथियारों …

यूं होती है CBOX से IP Address की जानकारी

Image
पिछली पोस्ट अब 'बदमाशी' थोड़ी मुश्किल है.. में आपको सी-बॉक्स विजेट की कुछ खूबियों की जानकारी दी गई थी। इस पर प्रकाश बादल जी की टिप्पणी मिली है और वे जानना चाहते हैं कि किस तरह से सी-बॉक्स से संदेश भेजने वाले का आईपी एड्रेस पता किया जाता है और अनचाहे संदेश को कैसे डिलीट किया जाता है।


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नरेश जी ने प्रकाश बादल जी के ब्लॉग पर साजिशपूर्ण टिप्पणी को आधार बनाते हुए पोस्ट लिखी थी कि यह विजेट बहुत खतरनाक है। इससे कोई सम्मानित ब्लॉगर इतना आहत भी हो सकता है कि वह ब्लॉगिंग से किनारा करने का भी निर्णय ले बैठे।

पिछली पोस्ट पर प्रकाश बादल जी ने यह टिप्पणी की है-

आशीष भाई आपने यह तो बता दिया कि इससे कमैंट करने वाले को ब्लॉक किया जा सकता है लेकिन आपने खुलकर नहीं बताया कि आई पी कैसे पता की जा सकती है और उस आईपी को कैसे ब्लॉक किया जा सकता हैं साथ ही अगर आप इस बात पर अगली पोस्ट डाल दें तो सीखने में आसानी होगी। क्योंकि ज़िस प्रकाश मुझ पर मेरे ही ब्लॉग के माध्यम से गाली निकालने का जो आरोप लगाया गया है उसकी शर्मिंदगी से मैं अब तक नहीं उबर पाया हूँ और ये गाली किसने मेरे ब्ल…

अब 'बदमाशी' थोड़ी मुश्किल है..

Image
पिछले दिनों नरेश जी ने अपने ब्लॉग मेरी शेखावाटी पर सी-बॉक्स विजेट के प्रति चेतावनी देते हुए एक आलेख प्रकाशित किया था। उन्होंने हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर हैल्पलाइन के रूप में लगे सी-बॉक्स में 'बदमाश' नाम से टिप्पणी की थी और चेतावनी दी थी कि इस तरह इसका कोई भी गलत इस्तेमाल कर सकता है। इसी क्रम में जब मैंने इस विजेट की सुविधाओं को पूरा खंगाला तो पता चला कि इसके जरिए ऐसी 'बदमाशी' करना उतना आसान नहीं है, जितना आम तौर पर समझा जाता है।

यह विजेट अपने मुफ्त संस्करण में ही आपको उन सभी लोगों के आईपी एड्रेस दे देती है, जिन्होंने इसके जरिए टिप्पणी लिखी है। इसलिए बुरी मानसिकता के साथ टिप्पणी करने वाले की पहचान गोपनीय नहीं रहती। दूसरी सुविधा यह है कि आप अनचाहे संदेश आसानी से डिलीट कर सकते हैं। देखिए हिन्दी ब्लॉग टिप्स के सी-बॉक्स में आपको नरेश जी की "बदमाश" टिप्पणी अब डिलीट हो चुकी है। तीसरी सुविधा यह है कि आप चिट्ठाकंटक आईपी एड्रेस को हमेशा के लिए ब्लॉक भी कर सकते हैं। यानी ब्लॉक होने के बाद उस कंप्यूटर से आपको कभी संदेश नहीं भेजा जा सकता।

अगर आप सी-बॉक्स का इस्तेमाल करते हैं और…

क्या आप भी इस blogger sign in समस्या से जूझते हैं ?

Image
कई बार ब्लॉगर में साइन-इन करने के लिए जैसे ही यूजर नेम और पासवर्ड भरकर एंटर दबाया जाता है, कुछ ऐसा मैसेज दिखाई देता है..Your browser's cookie functionality is disabled. Please enable JavaScript and cookies in order to use Blogger.यह संदेश पढ़ते ही लगता है कि पता नहीं अब जावास्क्रिप्ट या कुकीज की कौनसी सैटिंग्स में बदलाव करना पड़ेगा।

एरर का यह पेज कुछ ऐसा दिखता है-



इसके बाद अगर मदद का बटन दबा दिया जाए तो यह बहुत सारी सैटिंग्स को जांचने की सलाह देने लगता है। ऐसे में कुछ साथी इतने परेशान हो जाते हैं कि कुछ वक्त के लिए ब्लॉगर से किनारा कर लेते हैं। बाद में जब वे फिर से इसे खोलते हैं तो आसानी से ब्लॉगर में लॉग-इन हो जाता है और डैशबोर्ड दिखाई देने लगता है।

मैंने पता लगाने की कोशिश की कि आपकी सभी सैटिंग ठीक होने पर भी आखिर यह संदेश क्यों दिखाई देता है? दरअसल जब आप गूगल की ही किसी और सेवा में किसी दूसरे नाम से लॉग-इन रहते हैं और नई विंडो में जब ब्लॉगर किसी और नाम से खोलने की कोशिश करते हैं तो कई बार गूगल तंत्र भ्रमित होकर ऐसा संदेश देता है।
इससे निजात पाने का सबसे असरदार तरीका आपको बताता हू…

ब्लॉग पर आईपीएल का ताज़ा स्कोर

Image
आईपीएल का आग़ाज़ हो चुका है और इसके जादू ने क्रिकेट प्रेमियों को जकड़ लिया है। इससे ब्लॉग लेखक और पाठक भी अछूते नहीं। क्यों न अपने पाठकों को आईपीएल के ताज़ा स्कोर की पल-पल की जानकारी दी जाए? हिन्दी ब्लॉग टिप्स ने cricketernews वेबसाइट के आंकड़ों का साभार प्रयोग कर एक खास विजेट तैयार किया है। यह आपको आईपीएल के हर मैच की ताज़ा जानकारी संक्षेप में उपलब्ध कराता है। साइडबार में देखिए यह कैसा दिखता है-


अगर आप भी इस विजेट को अपने ब्लॉग की साइडबार में लगाना चाहते हैं तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कीजिए। ब्लॉगर खाते में साइन-कीजिए और निर्देशों का पालन कीजिए। उसके बाद यह विजेट आपकी साइडबार में होगा।

<center><object classid="clsid:D27CDB6E-AE6D-11cf-96B8-444553540000" id="cn-ls-p-1" width="240" codebase="http://download.macromedia.com/pub/shockwave/cabs/flash/swflash.cab#version=6,0,0,0" height="400"><param value="http://www.cricketernews.com/resources/common/user/charts.swf?library_path=http://www.cricketernews.com/resources/comm…

क्या आपका भी ब्लॉगर प्रोफाइल व्यू काउंट नहीं बढ़ रहा है ?

Image
जब भी ब्लॉगर पर किसी चिट्ठाकार का पूरा प्रोफाइल खोला जाता है तो वहां प्रोफाइल व्यूज दिखाए जाने की व्यवस्था है। यह आंकड़ा बताता है कि संबंधित प्रोफाइल का पेज इंटरनेट पर अब तक कितनी बार खोला जा चुका है? पिछले हफ्ते तक यह बखूबी काम कर रहा था, लेकिन अचानक कई साथियों ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका प्रोफाइल व्यू का आंकड़ा एक ही अंक पर आकर अटक गया है।






अभी-अभी ताऊजी ने सूचना दी कि कल तक उनके प्रोफाइल व्यूज का आंकड़ा 5000 पर अटका था और आज यह आंकड़ा 5100 पहुंच गया है। इस असमंजस की स्थिति का कारण जब ब्लॉगर टीम से जाना गया तो पता चला कि ब्लॉगर पर यह बदलाव पिछले हफ्ते ही किया गया है। यह बदलाव इसलिए करना पड़ा क्योंकि कुछ ब्लॉगर प्रोफाइलों पर इतने हिट एक साथ होने लगे कि वे ब्लॉगर टीम के लिए सिरदर्द बन गए। वहीं कुछ ब्लॉगर साथियों ने अपने व्यूज आंकड़े को अनैतिक तरीके से बढ़ाने के लिए स्वचलित स्क्रिप्ट्स का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

इसी वजह से ब्लॉगर टीम ने फैसला किया कि अब यह आंकड़ा सटीक न होकर अनुमानित होगा। यानी हर क्लिक पर प्रोफाइल व्यूज का आंकड़ा बढ़ता हुआ नहीं दिखाई देगा। कुछ दिन में यह आंकड़ा उस…

डैशबोर्ड पर ब्लॉग के शीर्षक से पहले यह क्या दिख रहा है?

Image
यह परिवर्तन आपने भी महसूस किया होगा। ब्लॉगर डैशबोर्ड पर आपको ब्लॉग के शीर्षक से पहले दो आइकन नजर आ रहे होंगे। एक में फोन दिख रहा है और दूसरे में चिट्ठी। कुछ साथियों ने ई-मेल के जरिए जानना चाहा है कि क्या यह कोई नई सुविधा है। इसका इस्तेमाल वे कैसे कर सकते हैं?






जानकारी के लिए बताना चाहूंगा कि इनमें से एक पोस्टिंग बाय एमएमएस (फोन के जरिए पोस्ट का प्रकाशन) के लिए है और दूसरा ई-मेल पोस्टिंग (ई-मेल के जरिए पोस्ट का प्रकाशन) के लिए। ब्लॉगर पर यह सुविधा नई नहीं है। यह पहले से ही मौजूद है, बस इसे सुलभ बनाने के लिए इनके बटन डैशबोर्ड पर ही दे दिए गए हैं।



पोस्टिंग बाय एमएमएस- इस सुविधा के जरिए आप अपने मोबाइल फोन की मदद से ही अपनी पोस्ट को लिखकर प्रकाशित कर सकते हैं। हिन्दी में लिखने के लिए आपके फोन का यूनीकोड समर्थित होना अनिवार्य है। इसके लिए आपको अपने फोन को ब्लॉग के साथ रजिस्टर करना होगा। अगर आपका फोन एमएमएस समर्थित नहीं है तो आप इस सेवा का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसकी विस्तृत जानकारी के लिए यह पोस्ट पढ़ें..

ई-मेल पोस्टिंग- यह सुविधा ब्लॉगर (या ब्लॉगस्पॉट) वेबसाइट पर आए बिना ही पोस्ट प्रकाशन की अन…

फीड के जरिए ई-मेल दिख रहे हैं.. लेकिन प्राइवेसी टूटने का खतरा नहीं..

Image
अभी-अभी रचना जी ने आप सबके ई-मेल ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत पर दिख रहे हैं पोस्ट के जरिए ध्यान दिलाया कि किस तरह से ब्लॉगर की कमेंट फीड में परिवर्तन के चलते कमेंट के साथ टिप्पणीकार का ई-मेल पता भी दिख रहा है- देखिए ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत के स्नेपशॉट (साभारः हिन्दी ब्लॉगिंग की देन)।








इस मसले पर थोड़ा शोध करने के बाद इस बात की तसल्ली हुई कि यह परिवर्तन किसी प्राइवेसी (गोपनीयता) का हनन नहीं कर रहा है। यानी यहां ई-मेल पते उन्हीं लोगों के दिखाए जा रहे हैं, जिन्होंने अपने प्रोफाइल में ई-मेल पते को सार्वजनिक किया है। जिन्होंने प्रोफाइल में ई-मेल पता नहीं लिखा है उनके कमेंट के साथ केवल नाम ही दिख रहा है-


यानी प्रोफाइल पर जाकर ई-मेल तक पहुंचने का एक चरण इस बदलाव के जरिए कम कर दिया गया है। शायद यह ब्लॉगर्स के हित में ही है। अगर यहां आपका ई-मेल पता दिख रहा है और आप नहीं चाहते वह दिखे तो आप एडिट प्रोफाइल में जाकर अपने ई-मेल पते को हटा सकते हैं।

क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!

हिन्दी ब्लॉग टिप्स की हर नई जानकारी अपने मेल-बॉक्स में मुफ्त मंगाइए!!!!!!!!!!

हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर एक लाख विजिटर

Image
आप सभी के साथ एक और खुशी का दिन बांटने का मौका मिल रहा है। हिन्दी ब्लॉग टिप्स को अब तक एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। यानी इसका विजिटर काउंट एक लाख को पार कर चुका है (देखिए दाहिनी साइडबार में)। हालांकि यह संख्या छूने में एक साल का वक्त लगा है, लेकिन फिर भी इस प्रगति को मैं संतोषजनक मान रहा हूं। अगला लक्ष्य है एक महीने में एक लाख विजिटर्स के प्यार को पाने का। आप सभी का सहयोग बना रहा तो यह मुश्किल लक्ष्य हासिल करना भी नामुमकिन नहीं है।






अगर आपने अपने ब्लॉग पर हिट काउंटर नहीं लगाया है तो आपको सुझाव दूंगा कि आप भी इसे जरूर लगाएं। पाठकों की संख्या सार्वजनिक नहीं करना चाहें तो इसे छिपाया भी जा सकता है। लेकिन ब्लॉग पर होने वाली हलचल को मॉनिटर अवश्य करें। मुफ्त में हिट काउंटर उपलब्ध कराने वाली कुछ वेबसाइटें हैं-

हिट काउंट्स

ईजी काउंटर

वेबसाइट हिट काउंटर्स

फ्री लॉग्स

क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!

हिन्दी ब्लॉग टिप्स की हर नई जानकारी अपने मेल-बॉक्स में मुफ्त मंगाइए!!!!!!!!!!

ब्लॉग रैंकिंग का कौनसा सिस्टम क्या कहता है..

Image
पिछली पोस्ट पढ़कर आपको पता तो चल ही गया होगा कि इंटरनेट पर अपने ब्लॉग की स्थिति जानने के लिए अलेक्सा रैंकिंग और गूगल पेज रैंक का कितना महत्व है? व्यावसायिक स्तर पर आपके ब्लॉग की वास्तविक स्थिति इन्हीं रैंकिंग के माध्यम से पता चलती है। जितनी ज्यादा रैंकिंग होगी, माना जाता है कि आपके पास उतने ही ज्यादा पाठक पहुंचते हैं। ब्लॉग को रैंकिंग देने के लिए टैक्नोरेटी और हमारे अपने चिट्ठाजगत ने भी प्रयास किए हैं। ताऊजी और अजित वडनेरकर जी के आग्रह के कारण मैंने इन सभी तंत्रों को टटोला और इन्हें पहचानने की कोशिश की। करीब तीन घंटे तक शोध के उपरांत मैं आपको कुछ बता सकने की स्थिति में पहुंचा हूं।







बात शुरू करने से पहले मैं स्पष्ट कर देना चाहूंगा कि मैंने यहां चिट्ठाजगत के शीर्ष 40 चिट्ठों (दिनांक 11-04-09 शाम 4 बजे) की सभी तरह की रैंकिंग निकालने की कोशिश की है। इसके पीछे मेरा उद्देश्य रैंकिंग तंत्र पर शोध का रहा है, न कि किसी चिट्ठे को हल्का या भारी साबित करने का।

चिट्ठाजगत
चिट्ठाजगत हिन्दी चिट्ठों की रैंकिंग एक विशेष फार्मूले से तैयार करता है। यह फार्मूला कमोबेश यह है कि आपको कितने हवाले मिले हैं, पोस…

अच्छा है.. कोई तो है जो हिन्दी चिट्ठों पर कमाई का आश्वासन दे रहा है..

Image
कल से कई ब्लॉगर साथी सूचना दे रहे हैं कि उन्हें किसी वेबसाइट ने अपने विज्ञापन दिखाने की पेशकश की है। वेबसाइट का नाम है WuTravel. सिंगापुर की यह वेबसाइट अपने एफिलिएट प्रोग्राम के जरिए हिन्दी चिट्ठों पर विज्ञापन दिखाने की पेशकश कर रही है। सुबह मीत जी ने जानना चाहा कि क्या इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए।







मैंने उनके पास आई मेल को मंगवाया और नियम-शर्तों को खंगाला। सबसे पहले आप उनके पास आई मेल को देखिए-
पहली मेल-
Sub- We want to place our ads on your site
Hi,

We are interested to place our ads on your site. If interested, please email me.

We, WuTravel.com, are a start up travel site in Singapore.

Best Regards,
Isabella


और दूसरी मेल-

Hi,

Here are our company current marketing packages.

1) For sites PR >= 4, and Alexa in top 100,000, and site is travel topic related, we are willing to buy ads space from SGD 100 /month, and invite them to join our affiliate program

2) For other sites, we can only offer them to join our affiliate program.

You have one good site, but your site traffic is really lo…

तोड़ दीजिए ब्लॉग के भाषाई बंधन

अशोक पाण्‍डेय जी ने पिछले हफ्ते सवाल पूछा था, "आशीष भाई, ब्‍लॉग पर पेज को अंग्रेजी में ट्रांसलेट करनेवाला बटन कैसे लगाया जाता है ? मेरा मतलब भाषा से है, सिर्फ लिपि से नहीं।" यह सवाल सुनते ही मेरे दिमाग में गूगल ट्रांसलेशन सुविधा और इसके हिन्दी-अंग्रेजी अनुवाद की तमाम खामियां घूमने लगीं। एक बार तो मैंने सोचा कि अशोक जी को कहा जाए कि यह अनुवाद किसी काम का नहीं.. अर्थ का अनर्थ कर देता है। लेकिन फिर मुझे अपने एक ऐसे अमेरिकी दोस्त की याद आई, जिसे हिन्दी बिल्कुल नहीं आती। यकीन मानिए कि वह गूगल ट्रांसलेशन की मदद से मेरे ब्लॉग को अंग्रेजी में अनूदित कर पढ़ता है और उसे पता होता है कि मैंने पोस्ट में क्या लिखा है।






अगर ब्लॉग पर एक छोटा सा ऐसा बटन लगा दिया जाए, जो ब्लॉग का दुनिया की किसी भी भाषा में अनुवाद कर सके, तो बुराई ही क्या है। हो सकता है कि दूसरी भाषा का पाठक आपके लेख से जो जानकारी पाना चाहता है, उसे वह इस आंशिक अनुवाद से ही मिल जाए। इसी वजह से मैं आज आपके लिए गूगल ट्रांसलेट विजेट पेश कर रहा हूं। यह आपके ब्लॉग की साइडबार में कुछ ऐसा दिखेगा-



इसे आप अपने ब्लॉग पर नीचे दिए गए बटन की…

"हिन्दी ब्लॉग टिप्स" की सालगिरह है आज

Image
छह अप्रेल, 2008 को जब हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर पहली पोस्ट लिखी गई थी, तो पता ही नहीं था कि यह सफर इस मुकाम तक आ पहुंचेगा। इस 365 दिन की अल्पावधि में मिले पाठकों के असीम प्यार और अनंत सहयोग से मैं अभिभूत हूं और इसी की बदौलत मैं खुद को गौरवान्वित महसूस करता हूं। आप सभी का तहेदिल से आभार कि आपने इस ब्लॉग को स्वीकार किया और मुझे आपके साथ सम्प्रेषण का मौका दिया। "हिन्दी ब्लॉग टिप्स" आज इस शुभ दिवस पर आशीर्वाद की आकांक्षा के साथ सभी साथियों का धन्यवाद ज्ञापित करता है।



क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!

हिन्दी ब्लॉग टिप्स की हर नई जानकारी अपने मेल-बॉक्स में मुफ्त मंगाइए!!!!!!!!!!

अनचाही फोन कॉल वाले मोबाइल नंबर की लोकेशन का पता लगाइए..

Image
कुछ दिनों से एक मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आ रही थी। कोई लड़की बात करती और कहती गोवा से बोल रही है। मैंने कई बार कहा कि मुझे उससे बात नहीं करनी और वो मुझे आगे से फोन नहीं करे। लेकिन यह सिलसिला चलता रहा। मामला हद से तब गुजर गया, जब तीन दिन पहले उसका कॉल मेरे फोन पर रात में ठीक 12 बजे आया। मैं गुस्से से लाल-पीला हुआ और मैंने फोन उठा लिया।






उसके बाद क्या हुआ?? मैं अप्रेल फूल बन गया जी.. वो मेरी छह साल पुरानी एक दोस्त थी और जयपुर से ही बात कर मुझे उल्लू बनाने का प्रेंक खेल रही थी। पहली अप्रेल के आगाज के साथ ही उसने मुझे अप्रेल फूल बना दिया था। तभी मुझे लगा कि हर फोन की लोकेशन का तो पता होना ही चाहिए। अगर मैं यह पता कर लेता कि यह फोन गोवा से नहीं, बल्कि राजस्थान से ही है तो मेरी इस तरह किरकिरी नहीं होती।

लैंडलाइन फोन में नंबर से पहले कोड को देखकर पता लगाया जा सकता है, लेकिन मोबाइल फोन में ऐसी सुविधा नहीं है। इसलिए मैंने इंटरनेट की मदद ली और इस साइट की मदद से कुछ ऐसी साइटें ढूंढ़ निकालीं, जो नंबर भरते ही आपको मोबाइल फोन के कनेक्शन की लोकेशन बता देती है। आप नीचे दी गई वेबसाइटों में से किसी को…

विज्ञापन लगाइए, हिन्दी चिट्ठे से 5000 रुपए महीना कमाइए

Image
अपडेट-- यह पोस्ट 1 अप्रेल 2009 को लिखी गई थी। कृपया इसे उसी संदर्भ में लिया जाए..

आखिर वह दिन आ ही गया, जब आपका हिन्दी चिट्ठा आपके लिए कमाऊ पूत साबित होने जा रहा है। प्रमुख इंटरनेट कंपनी लूफलिरपा हिन्दी ब्लॉग्स के लिए एडसेंस की तर्ज पर स्थानीय विज्ञापनों का बाजार खोलने जा रही है। आप इस वेबसाइट पर अपने ब्लॉग को आसानी से रजिस्टर करा सकते हैं और विज्ञापनों के बदले एक सुनिश्चित आय पा सकते हैं। कमाल की बात यह है कि यहां आपकी कमाई विज्ञापनों पर क्लिक से नहीं, बल्कि उन्हें दिखाने से होती है। यानी एक बार विज्ञापन लगाने के बाद हर महीने 5000 रुपए से लेकर 15000 रुपए तक की सुनिश्चित आय आपके खाते तक पहुंच जाती है।






अगर आप इस वेबसाइट पर अपने ब्लॉग को रजिस्टर कराना चाहते हैं तो नीचे दी गई तस्वीर पर क्लिक कीजिए। लेकिन ध्यान रखिए कि रजिस्ट्रेशन तभी मान्य होगा, जब आपका ब्लॉग कम से कम छह महीने पुराना हो और इस पर पचास से ज्यादा पोस्ट हो चुकी हो।



:) .. अगर यह विजेट आप अपने ब्लॉगर ब्लॉग पर लगाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कीजिए। निर्देशों का अनुसरण करते ही यह विजेट आपके ब्लॉग की साइडबार में होगा…

Followers