Thursday, February 26

Google Friend Connect के फायदे और नुकसान

पिछली पोस्ट में आपको बताया गया था कि अब ब्लॉगर का Follower फीचर Google Friend Connect से जुड़ गया है और नए रंग में नजर आने लगा है। नया फीचर है तो बहुत सारी नई सुविधाएं भी मिली हैं.. साथ ही कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी वजह से इसे बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता।






गूगल फ्रेंड कनेक्ट के फायदे

1. आपके ब्लॉग का पाठक केवल गूगल अकाउंट होल्डर ही नहीं होता। यहां गूगल के अलावा याहू, एआईएम और ओपनआईडी जैसे नेटवर्क के लॉग-इन भी काम करते हैं। पिछले फीचर के लिए केवल गूगल अकाउंट ही मान्य थे।

2. गूगल फ्रेंड कनेक्ट पाठकों को आपके ब्लॉग से ज्यादा गहराई से जुड़ने में सहायता करता है। यहां वे अपने अकाउंट में लॉग-इन करने के बाद आपसे और अपने अन्य ब्लॉग मित्रों से जुड़े रह सकते हैं और अपने ब्लॉग संपर्क बढ़ा सकते हैं।

3. यहां फोलोवर्स के फोटो पर क्लिक करते ही उनका परिचय, उनके ब्लॉग और उनके मित्रों की जानकारी झट से मिल जाती है।

4. अपने सभी फोलोवर्स एक ही विंडो में more ऑप्शन पर क्लिक कर देखे जा सकते हैं। पिछले फीचर में अलग विंडो में जाना पड़ता था।

5. यहां गूगल और ब्लॉगर के अलावा ऑरकुट, फेसबुक, मायस्पेस, ट्विटर और प्लेक्सो जैसे सोशल नेटवर्क के मित्रों को भी अपने ब्लॉग के साथ जोड़ा जा सकता है। (सबसे नीचे Invite your friends का विकल्प है। )


गूगल फ्रेंड कनेक्ट के नुकसान

1. इसकी स्क्रिप्ट लोड होने में वक्त लेती है और आपके ब्लॉग का खुलने का वक्त थोड़ा बढ़ जाता है। (यही वजह है कि हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर इसे मैंने नीचे सरका दिया है और आपको भी मैं ऐसा ही करने की सलाह देता हूं।)

2. फोलोवर फीचर में नए सदस्य सबसे आगे और शेष क्रमानुसार दिखते थे। गूगल फ्रेंड कनेक्ट के जुड़ जाने के बाद ऐसा नहीं है अर्थात आपकी सदस्य संख्या तो बढ़ती जाएगी, लेकिन नए सदस्य सबसे आगे नहीं दिखेंगे।

3. जो लोग सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के पक्ष में नहीं हैं, उन्हें यह फीचर थोड़ा परेशान कर सकता है, क्योंकि इसके जरिए आपके मित्र आपको जुड़ने का अनुरोध भेजते हैं और आपको जुड़ना पड़ता है।

4. यहां रातोरात फोलोवर संख्या बढ़ाना काफी आसान है। ई-मेल पर अपने सभी मित्रों को इनवाइट कर लीजिए। वे आते जाएंगे और आपका नेटवर्क बढ़ता जाएगा। इसके अलावा फर्जी ई-मेल पतों का इस्तेमाल कर भी फोलोवर संख्या आसानी से बढ़ने का अंदेशा है। पहले यह इतना आसान नहीं था।

इसके अलावा आप गूगल फ्रेंड कनेक्ट साइट पर जाकर वहां मौजूद फीचर से और भी सुविधाएं पा सकते हैं।

ज्यादा जानकारी यहां भी उपलब्ध है।

मदद के लिए यहां क्लिक करें।

और अधिक जानकारी के लिए ये वीडियो देखे जा सकते हैं-





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25 comments:

  1. इस महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी के लिए बहुत बहुत आभार.

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  2. प्रणाम
    बहुत अच्छी जानकरी दी आपने , हम भी सुबह से इसके बार में पता लगा रहे थे की कैसे काम करता है क्या अच्छा है क्या ख़राब है . लेकिन आप की दी हुई जानकरी से अब सब राज खुल गया है , फिर भी अगर कोई संदेह आएगा तो आप से सम्पर्क करेगे .
    धन्वाद

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  3. upayogi jaankari ........ sahi kaha...


    arsh

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  4. आशीष जी शुक्रिया इस जानकारी के लिए ..

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  5. देखते हैं अपने फ़ालोवर बढ़ते है कुछ स्पीड से या वैसे ही रहते हैं.
    काफ़ी कुछ खुल गया है अब. धन्यवाद

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  6. mujhey Google ki yah kargujari pasand nahin aayi..jo thodi bachi khuchi privacy blogs par thi..wah bhi nahin bachi...abhi ek limited group ke liye exposure tha.
    Khair,
    umeed kartey hain bhavishy mein is feature ke nuksaan kam hon.

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  7. Jaankari aur sujhaav ke liye dhnywaad.

    main ne bhi is gadget ko bottom bar mein pahuncha diya hai.

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  8. बहुत अच्छी जानकारी दी आपने. अब "मुफ़्त का चंदन घिस मेरे नंदन" तो उनकी मर्जी से ही चलेगा.:)

    रामराम.

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  9. आशीष जी मैं इस छेत्र में बिलकुल नया हूँ ...इसलिए आपके इस नयी जानकारी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद .सचमुच आपने बहुत बढ़िया जानकारी दी.

    ....समीर

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  10. हम शाम को भी आ गए। और आपने अच्छी जानकारी दी। वैसे किसी चीज फायदे और नुकसान दोनो ही होते है। खैर।

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  11. बढ़िया जानकारी, आशीष जी.

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  12. अच्छा बताया जी नफा-नुक्सान। हम तो इस खिड़की को हटा देते हैं।

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  13. पता नहीं भाई, पर मुझे तो काफी disturbing लग रहा है ये.. सारी सुन्दरता ही खत्म हो गई.. अगर कुछ दिनों में ठीक नहीं हुआ तो बाय बाय कह देगें..

    गुगल बाबा सुन रहे है आप...

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  14. Google के हर काम का कोई ना कोई एक Valid कारण होता है। Google ने ये नया Gadget क्‍यों लाया है, इसका फिलहाल हम कोई सही अन्‍दाजा नहीं लगा सकते। लेकिन इस Friend Connect का भी कोई ना कोई Commercial फायदा जरूर होने वाला है Google को, क्‍योंकि Google मुफ्त में तो कुछ भी नहीं देता, हालांकि जो भी देता है, हमें वो मुफ्त ही लगता है।

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  15. अरे वाह, आपने इतनी जल्‍दी गहन मीमांसा कर डाली। शुक्रिया।

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  16. बढ़िया जानकारी, आशीष जी.

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  17. बहुत अच्छी जानकारी दी है । जब मालिक दूसरा है तो उसकी मर्जी जो वह चाहेगा वही होगा ।

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  18. बहुत ही बढ़िया और ज्ञानवर्धक पोस्ट के लिए आपका आभार

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  19. jab se ye aaya hai mera to blog deshjboard se aage khulta hi nahin hai..kripya margdarshan kare...

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  20. उपयोगी जानकारी के लिए बहुत बहुत आभार.

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  21. Dhanyvad saheb
    par mere blog par hindi me nahi likh pa rahi hoo.Kripya madad kare.
    Kiran Rajpurohit Nitila
    (bhorkipehlikiran)

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  22. किरण जी, हिन्दी में लिखने के लिए आप इस पोस्ट की मदद ले सकती हैं- http://www.tips-hindi.blogspot.com/2008/08/blog-post_05.html

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  23. बड़ी अच्छी जानकारी, आशिष जी

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