Monday, June 22

अपने डोमेन पर शिफ़्ट होने के फ़ायदे और नुकसान

पिछली पोस्ट में ब्लॉगर डैशबोर्ड पर गूगल विज्ञापनों की दखलंदाज़ी और अपने डोमेन पर शिफ़्ट होने के विकल्प की बात कही गई थी। इसके जवाब में टिप्पणियों और ई-मेल के रूप में सौ से ज़्यादा साथियों के संदेश प्राप्त हुए और ज़्यादातर ने अपने ब्लॉग को अपने डोमेन पर शिफ़्ट होने में रूचि दिखाई। कुछ साथियों ने यह भी सुझाव दिया कि ब्लॉग को अपने डोमेन पर शिफ़्ट करने में ज़्यादा समझदारी नहीं है, क्योंकि यहां सालाना पैसा देना पड़ता है, जबकि ब्लॉगर पर सबकुछ मुफ्त में उपलब्ध है।

सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए मैंने यह पता लगाने की कोशिश की कि ब्लॉग को अपने डोमेन पर शिफ्ट करने के क्या फ़ायदे और नुकसान है। आप इन्हें गंभीरता से पढ़ें और उसके बाद तय करें कि आप ब्लॉग को अपने डोमेन पर ले जाना पसंद करेंगे, या जो चल रहा है उसे वैसे ही चलने देंगे।

अपना डोमेन क्यों लें?

  • 1. आपके ब्लॉग की छवि सुधरती है और उसके साथ लगे blogspot शब्द से छुटकारा मिल जाता है। जैसे- http://MYSITE.blogspot.com आपकी मर्ज़ी के मुताबिक़ http://MYSITE.com में बदल जाता है। इसके ब्लॉग का यूआरएल आकर्षक भी बन जाता है और प्रोफ़ेशनल भी लगने लगता है। मिसाल के तौर पर देखिए- taau.in और gyandarpan.com

    2. ब्लॉग का नियंत्रण पूर्ववत रहता है, अर्थात् आप पोस्ट का प्रकाशन पहले की तरह कर सकते हैं और समस्त सैटिंग्स भी पहले की तरह ही कस्टमाइज कर सकते हैं।

    3. ब्लॉग का पुराना पता खोलने पर भी पाठक सीधे ही खुद-ब-खुद नए पते पर रिडायरेक्ट हो जाता है। अर्थात् आपके पुराने पाठक भी नए पते पर अपने आप ही पहुंच जाते हैं। पाठकों के खोने या भ्रमित होने की कोई चिंता नहीं।

    4. ब्लॉग के स्वरूप पर कोई फर्क़ नहीं पड़ता। ब्लॉग के फॉलोवर, टिप्पणियां और साइडबार की समस्त चीज़ें पहले ही की तरह यथावत रहती हैं।

    5. अगर भविष्य में कभी आप ब्लॉगर को छोड़कर वर्डप्रेस या अपने स्वयं के स्पेस पर आने का मन बनाएं तो इसमें ज्यादा परेशानी नहीं होती, क्योंकि पाठकों का सीधा संपर्क आपके डोमेन नेम से होता है। प्लेटफॉर्म बदलने पर भी आपका डोमेन वही रहता है क्योंकि अपने डोमेन के मालिक आप खुद हैं।

    6. अगर आप एक से ज्यादा ब्लॉग संचालित करते हैं या ऐसा विचार रखते हैं तो आप उन्हें एक ही डोमेन पर ला सकते हैं। मिसाल के तौर पर आप rampuriapc.blogspot.com को www.taau.in पर देख सकते हैं, rampyariko.blogspot.com को rampyari.taau.in पर और maggababa.blogspot.com को maggababa.taau.in पर। मतलब एक ही डोमेन नेम की अलग-अलग सबडायरेक्ट्री बनाकर कई ब्लॉग्स को एक ही छत्र के नीचे लाया जा सकता है। यह अपने आप में एक संपूर्ण वेबसाइट बनाने का मार्ग भी प्रशस्त कर सकता है।

    7. एक एडवांस तकनीक के जरिए आपको ई-मेल पता भी आपके डोमेन नेम पर ही मिल सकता है। जैसे ताऊजी का पता- taau@taau.in

    8. एक साल डोमेन संचालन के बाद अगर अगले साल उसे नवीनीकरण न कराकर आप फिर से ब्लॉगर वाले पते पर आना चाहते हैं तो वह विकल्प भी आपके लिए खुला है।

    9. ज्यादातर सर्च इंजन और एलेक्सा जैसे रैंकिंग सिस्टम ब्लॉगर वाले पते के मुकाबले स्वंय के डोमेन पते को ज्यादा तरजीह देते हैं। इसलिए अगर आप अपने डोमेन पते पर आते हैं तो आपके ब्लॉग की रैंकिंग सुधरने में मदद मिलती है।


अपना डोमेन क्यों नहीं लें?

  • 1. ब्लॉगर की सेवा पूरी तरह मुफ्त है, जबकि यहां डोमेन नेम खरीदने के लिए करीब 500 रुपए खर्च करने पड़ते हैं और उसके बाद हर साल करीब इतने ही रूपए नवीनीकरण के रूप में देने होते हैं।

    2. मान लीजिए आपने डोमेन एक साल के लिए खरीदा है और आपने इसका नवीनीकरण नहीं कराया तो यह डोमेन किसी और को जारी कर दिया जाता है। इसलिए हर साल नवीनीकरण जरूरी है, जबकि ब्लॉगर वाले पते पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं है।

    3. डोमेन नेम के कंट्रोल पैनल को शुरुआती स्तर पर संचालन करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है।

    4. आपको अपने बैकलिंक्स (हवाले) का नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि वे पहले ब्लॉगर वाले पते को दिए गए हैं और अब वे आपके डोमेन नेम को मिलेंगे। इसलिए सर्च इंजनों के बेहतर नतीजों के लिए आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।


इन सभी वजहों पर विचार करने के बाद मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि आप अपने डोमेन पर शिफ्ट होने में दिलचस्पी ले रहे हैं या नहीं। टिप्पणी के जरिए अपनी राय ज़रूर बताएं, जिससे इस विषय को और आगे बढ़ाया जा सके और डोमेन नेम पर शिफ्ट होने के सरलतम तरीके पर अगली पोस्ट लिखी जा सके। वैसे इन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद मैं तो अपने डोमेन पर जाने के लिए उत्सुक हूं।








क्या आपको यह लेख पसंद आया? अगर हां, तो ...इस ब्लॉग के प्रशंसक बनिए ना !!

हिन्दी ब्लॉग टिप्स की हर नई जानकारी अपने मेल-बॉक्स में मुफ्त मंगाइए!!!!!!!!!!

44 comments:

  1. मैं डोमेन पर जाने के लिए उत्सुक हूं।
    कृपया,
    आगामी पोस्ट में इसकी विस्तार से
    जानकारी देने की कृपा करें।
    धन्यवाद सहित-

    ReplyDelete
  2. वक़्त के मुताबिक विषय उठाया है ,कई बार मुझे भी कुछ साथियों ने सलाह दी ..कुश से कई बार लम्बी बातचीत हुई पर चिटठा जगत वाले विपुल का मानना यही है की गूगल शरीफ आदमी को परेशां नहीं करता ...इसलिए असमंजस में रहा .देखते है बाकी ब्लोगर क्या कहते है ?

    ReplyDelete
  3. इच्छा तो मेरी भी बहुत है आशिश जी पर ये हर साल का झंझट? पता नहीं..

    ReplyDelete
  4. सर, आपने ठीक बात कही है. मैंने भी एक कस्टम डोमेन पर अपने ब्लॉग को sift कर लिया है. वैसे यह एक तरह से बेहतर ही है,

    http://www.hindikunj.com

    ReplyDelete
  5. मैं तो पहले से कस्टम डोमेन पर हूँ और मुझे तो ये बेहतर लगता है.

    वैसे और ज्यादा जानकारी पाने के लिए उत्सुक हूँ.

    ...आशीष जी,Left to Right स्क्रोलिंग आर्काईव का कोड बताये प्लीज

    ReplyDelete
  6. फ्री का लड्डू, खा मेरे गुड्डू.
    हम तो जी फ्री फंड वाले हैं. अगर ब्लागस्पाट वाले भी पैसे लेने लगे तो ब्लोगिंग ही बंद कर देंगे. तो हमारा तो अपने डोमेन नेम पर जाने का सवाल ही नहीं उठता. कोई जाना चाहता है तो चला जाये, मेरी तरफ से उसे पूरी छूट है.

    ReplyDelete
  7. Shukriya ..kuchh doubts clear ho gaye---

    abhi soch rahe hain...pahle do saal le kar dot.com ka experience hai...is liye taslalee se soch kar phir decide karungi ki apni site ki mujhe kitni jarurat aur upyog hai..

    ReplyDelete
  8. abhi nahin ji paise ki tangi hai. 2-4 saal baad sochenge, free Blogspot badhiya hai.

    ReplyDelete
  9. आशीष जी मै तो आपकी कई दिनों पहले एक पोस्ट "अपने ब्लॉग को कस्टम डोमेन पर ले जाये " पढ़कर अपने ब्लॉग ज्ञान दर्पण को अपने डोमेन पर चला रहा हूँ |
    सालाना ५०० रु. का खर्चा है तो है लेकिन अपने डोमेन की शान कुछ अलग ही होती है |

    ReplyDelete
  10. आप कस्टम डोमेन पर जाने को उत्सुक हैं, तो हम आश्वस्त हैं कि नुकसान नहीं होना है । हाँ,आवश्यकताओं का मामला अलग है । अभिव्यक्ति की कसक चिट्ठाकारी करा रही है, तो यह कहीं भी हो सकती है ।
    पाँच सौ अधिक नहीं है वैसे सालाना ।
    आपकी अगली पोस्ट की प्रतीक्षा । धन्यवाद ।

    ReplyDelete
  11. आशीष जी
    उचित मार्ग दर्शन किया,अच्छा लगा । पर जहां तक बात डोमेन नेम की है तो उसके लिए अभी थोडा और सोचना पडेगा ।
    साधुवाद !

    ReplyDelete
  12. aashishji,
    bahut uttam margdarshan dete hain aap.
    mere pas 3 domin hain albelakhatri.com, hasyahungama.com aur hamaragujarat.com........inmen sabse pahli web site thi hasyahungama.com jisko main ab blog k roop me dhaal raha hoon, albelakhatri.com ki web site nayi hai lekin mera blog bloggar par hai,aapke aadeshanusar main ise bhi blog spot se alag kar ke apne web site se hi jod doonga
    kya ye thik rahega ? ya jaise chal raha hai chalne doon ?
    kripya bataayen
    -albela khatri
    www.albelakhatri.com

    ReplyDelete
  13. अपना डोमैन अच्छा है परंतु अपना तो इंटरेस्ट फ़्री फ़ंड वाले में ही है।

    ReplyDelete
  14. मैं डोमेन पर जाने के लिए उत्सुक हूं।
    कृपया,आगामी पोस्ट में इसकी विस्तार से जानकारी देने की कृपा करें।

    ReplyDelete
  15. डोर मैन, और डाबर मैन से दूर रहने का प्रयास रहता है
    डोमेन से भी अभी इतनी मुहब्बत नहीं है की ५००..............
    मगर आपकी पोस्ट का इंतज़ार रहेगा जानकारी तो मिलेगी जिसके लिए हम बेकरार रहते हैं
    वीनस केसरी

    ReplyDelete
  16. बहुत ज्ञानवर्द्धक जानकारी .. आभार।

    ReplyDelete
  17. संभवतः ऐसा भी कोई विकल्प होगा ही की इसे १० वर्ष या २० वर्ष के लिए एक साथ भुगतान कर के ले लिया जाए.

    न्यूनतम व अधिकतम कितने समय तक का भगतान एक साथ किया जा सकता है?

    यदि किसी के ८-१० ब्लॉग हैं, तो क्या एक ही डोमेन नेम (मान लीजिए `मेरा नाम.कॉम' )पर चलाया जा सकता है? जैसे हिंदिनी.कॉम पर फुरसतिया व हिंदिनी ये २ चल रहे है.

    `बलोगर का प्लेटफोर्म रखते हुए' डोमेन नेम लेने की स्थिति में यदि किसी का भुगतान किसी इमरजेंसी की स्थिति में कभी छूट जाए तो उसका डोमेन नाम ही मात्र छिन जाएगा अथवा सारी सामग्री भी खो जाएगी? क्या वैसी स्थिति में ब्लोगर प्लेटफोर्म को बनाए रखने के कारण ब्लोगर उसकी सामग्री को यथावत नहीं रखेगा?

    ReplyDelete
  18. मैं भी डोमेन पर जाने के लिए उत्सुक हूं। आपकी अगली पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी।

    ReplyDelete
  19. मुझे फिलहाल अपना डोमेन बनाने में कोई रुचि नहीं है। ब्लॉगर जब वेब साइट पर अपने प्रचार दिखाएगा तब इस बाबत कुछ सोचा जा सकता है। वैसे आशीष आपने ब्लॉग रैकिंग सुधारने की बात की है। मैनें कुछ टिप्पणियों में देखा है कि लोगों ने लिखा है कि एलेक्सा की रैंक सुधारने के लिए कुछ चिट्ठे टिप्पणियों में अपने ब्लॉग की लिंक दे रहे हैं और फिर टॉप टेन में आने का दावा ठोंक रहे हैं।
    आपसे अनुरोध है कि अगर ऍसी बात है तो आप इस बारे में तकनीकी स्थिति को स्पष्ट करें।

    ReplyDelete
  20. मुफ्त का चन्दन .......जब तक मिले घिसते रहो मेरे नंदन!!!

    साधुवाद !

    ReplyDelete
  21. जानकारी बढ़ाने का आभार। कविता वाचक्‍नवी जी ने बहुत अच्‍छे सवाल पूछे हैं, उनका उत्‍त्‍ार जानने की मेरी भी जिज्ञासा है।

    ReplyDelete
  22. बहुत बडिया जानकारी है मगर ये सब अभी मेरे बस का नहीं कभी अपसे व्यक्तिगत राय ले कर ही करूँगी आपका बहुत बहुत धन्यवाद्

    ReplyDelete
  23. अगली पोस्ट इस विषय पर विचार करने में और सहायक होगी.

    ReplyDelete
  24. आशीष जी, अभी तो इरादा बना रहे है क्यौंकी ५०० सलाना कोई बडी रकम नही है।

    मैं कविता जी से सहमत हु की ४-५ या १० साल का भुगतान एक साथ हो जाये तो ये परेशानी खत्म हो जायेगी। मैं कुछ वेबसाईट जानता हू जो डोमेन सेल करती हैं लेकिन उनकी शर्ते मैनें नही पढी हैं।

    मेरे दो हिन्दी ब्लोग है और इरादा है की इनको हमेशा चालु रखा जाये तो आप अपनी तरफ़ से पुरी जानकारी दे दीजिये ताकि जब भी दिल करे या ज़रुरत पडें अपने डोमेन पर जा सकें।

    ब्लोगगिगं बंद करने के का कोई इरादा कभी भी नही बनेगा क्यौंकी मैं अपने कम्पुंटर से दुर नही रह सकता।

    आपकी अगली पोस्ट का इतेंज़ार है मेरा इंन्टर्नेट बहुत गड्बड कर रहा है इसलिये काफ़ी परेशानी हो रही है।

    ReplyDelete
  25. तो क्‍या अपने डोमेन पर विज्ञापन भी ले सकते हैं। इस बारे में अगली पोस्‍ट पर अवश्‍य बताएं। विज्ञापन लेने छूट मिले तो वर्ष में पांच सौ रुपए का आर्थिक भार कम हो सकता है।

    ReplyDelete
  26. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  27. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  28. कुछ दिनों पहले मैंने इस विषय पर आपसे राय लेने के लिए मेल की थी लेकिन आप शायद व्यस्तता के कारन उत्तर न दे सके.
    मैं अपने ब्लौग zen-katha.blogspot.com को wordpress.com पर hindizen.com के नाम से ले चूका हूँ और इसका मज़ा ही कुछ और है. हाल में ही मैंने अपना एक और ब्लौग www.nishantam.com पर स्थापित किया है. हंलाकिन मैं सभी को सलाह दूंगा की किसी बेहतर होस्टिंग सर्विस का उपयोग करते हुए wordpress.org पर अपना ब्लौग अपने डोमेन पर चलायें ताकि आप विज्ञापनों से आय प्राप्त कर सकें. वर्तमान में सभी wordpress & blogger एक साल के लिए ही आपको होस्ट करते हैं और अगले साल नवीनीकरण करना पड़ता है. wordpress पर लगभग 750 और blogger पर 500 का खर्चा आ रहा है. अपना ब्लौग निजी होस्टिंग पर बनाने पर लगभग 1500 से 3000 तक सालाना खर्च आएगा अतः यदि आप ब्लॉगिंग से आय बनाने के विषय में आशंकित न हो तभी निजी होस्टिंग पर ब्लौग बनायें.

    ReplyDelete
  29. इस विषय पर काफी कशमश रही है मन मे, आपके इस आलेख ने काफी हद तक डोमेन पर जाने या न जाने के निर्णय को आसन किया है...आगे की जानकारी का इन्तजार रहेगा.."

    regards

    ReplyDelete
  30. मैं अपना चिट्ठा वर्ड प्रेस पर ले जाना चाहता हूं, अपने डोमेन नेम के साथ.. मेरा अभी वाला ब्लौग ब्लौगस्पॉट पर है.. कुछ इसके बारे में भी बताईये..

    ReplyDelete
  31. mai to abhi bhi thora confuse hu...

    aapse detail mai iske baare mai janana chahungi...

    ReplyDelete
  32. Although it does not matters to me but I want to know, "Why did you removed my comment from this post" because my comment was in two parts, because I were commented Anonymously or because the content of my comment were hurting you.

    It would be very satisfactory for me last time if you reply because I don't think I will comment on your blog post again.

    ReplyDelete
  33. yadi domain name lene ka mulya matra Rs. 500/- lagbhag hai to yeh kuchh bhi nahi hai........
    mai bhi apna domain name lene k liye ichhuk hun..

    kripaya vistar se iski prakriya batayen...

    ab tak ki jankari k liye dhanyavaad..........

    ReplyDelete
  34. @ Kuldeep,

    Actually your comments were deleted due to the links you provided. You referred some websites and I considered it as advertisement of those sites. I can't allow any link on my blog without checking properly. And your links were dealing in monetary transaction, so i had to delete those comments. The interest of readers is first priority for me and I can't compromise with it.

    All the best dude..

    ReplyDelete
  35. if we have to shift our blog on domain, do we also have to purchase WEB SPACE.

    ashish ji plz. reply, earlier also u didnt reply on one of my query...

    ReplyDelete
  36. मेरा तो इस बारे मे यह विचार है कि यदि आपके जेब मे पैसा है तो आप, आज ही अपने डोमेन पर शिफ्ट हो जायें । अगर मेरी तरह कड़की मे है तो फ्री का लड्डू खा मेरे गुड्डू ।

    ReplyDelete
  37. अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। सोचकर बताऐगे जी। वैसे और जानकारी भी दीजिए जी।

    ReplyDelete
  38. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  39. मेरे बच्चे मुझे हमेशा ही कहते है इस बारे, क्या कॊई डोमेनो ऎसा नही जिस के एक बार ही पेसे चुकता कर दिये जाये, बार बार के झंझट से?

    ReplyDelete
  40. क्या ब्लॉग पर विज्ञापन डाल सकते है! यदि हां तो केसे ?

    ReplyDelete
  41. aj se 1 saal pehle,maine kavitapustak naam ki blog banai thi,aaj mere saath mere kuch parichit aur dost use mil kar chalate hai.
    humne ise last year september me kavitapustak.com me tabdil kar dia.Aaj lagta hai ki kahi na kahi faisl sahi tha.
    Aap log bhi domain lene ke liye apne setings ke publish tab se custum domain opt kar sakte hai.waha google apps apko matra 500rs me manchaha domain uplabd kara degi.

    Asha hai aapko mere yeh shabd apke kaam ayenge.

    Aur ha hindi bloggero, aapke liye khuskhabri hai ki 1000 impression per day wale hindi sites ko ab infinity aur clicksor me basic adds mil rahe hai,waise chitika ka approval bhi ho jayega...par wo abhi tak blogger pe thik se kaam nahi karta hai...Sirf custom domain ke liye.

    ReplyDelete
  42. प्रियवर आशीष खण्डेलवाल जी!
    डोमेंन के बारे मे आपने तो बहुत सारे फायदे गिना दिये।
    मैंने भी इसी ललक मे डोमेन खरीदा था। अपने सारे ब्लॉग भी उसमें शिफ्ट कर लिए थे। मगर एक महीने बाद ही इसने तंग करना शुरू कर दिया। क्योंकि ब्रॉज बैण्ड पर भी इसको खुलने में दिक्कत आने लगी थी।
    अतः मैं फिर से अपने सारे ब्लॉग भ्लॉगस्पॉट डॉट कॉम पर ले आया हूँ!
    आपकी पोस्ट पढ़कर तो मन में फिर से आया है कि इन्हें अपने डोमेन पर ले आऊँ। मगर इसका सबसे बड़ा वुकसान तो यह है कि इससे आपके मेलबॉक्स में "बज़" नहीं आती है। अतः बज देखने के लिए बार-बार जी-मेल खोलना पड़ता था। जिसमें बहुत असुविधा होती थी।
    र हाँ!
    चिट्ठाजगत पर मेरा सक्रियता क्रमांक जो कभी 07 तक आ गया था अब वो बढ़कर 36-38 तक हो गया। इतना ही नहीं, डोमेन के कारण तो चिट्ठाजगत आदि एगेरीगेटरों पर मेरी पोस्ट दिखाई देनी ही बन्द हो गई थी!
    आपके पास इनका कोई सटीक उत्तर हो तो कृपया मुझे बताएँ!

    ReplyDelete
  43. मेने अपना डोमिन लेलिया हे लेकिन ये समज नही आरहा की में अपने ब्लॉग को अपने डोमिन पर केसे रिडारेक्ट करूं किर्पया बताएं

    ReplyDelete