टिप्पणीकारो, सावधान!

अभी कुछ देर पहले काव्य कुंज पर सुरेश चंद्र गुप्ता का आलेख टिप्पणी मॉडरेशन सक्षम क्यों कर देते हैं कुछ चिठ्ठाकार? पढ़ा। सुरेशजी ने मुद्दा तो बिल्कुल सही उठाया है, लेकिन उन चिट्ठाकारों की मजबूरी नहीं समझी, जिन्होंने अपने टिप्पणी मॉडरेशन को सक्षम किया है। मजबूरी यह है कि अगर किसी ब्लॉगकंटक ने टिप्पणी में अपशब्दों का इस्तेमाल किया, तो वह एक बार के लिए तो प्रकाशित हो ही जाती है। हालाकि बाद में आप इसे डिलीट कर दें, लेकिन तब तक हो सकता है कि देर हो चुकी हो। ऐसा मेरे साथ भी हो चुका है। इसलिए ज्यादातर ब्लॉगर यही पसंद करते हैं कि टिप्पणी मॉडरेशन सक्षम कर दिया जाए। हालांकि ऐसे साथियों से मेरी अपील है कि वे समय निकाल कर जल्द से जल्द टिप्पणियों की छंटाई करें और उन्हें प्रकाशित करें। जिन साथियों को टिप्पणी मॉडरेशन सक्षम करने का तरीका नहीं आता, उनके लिए थोड़ा सा वर्णन कर देते हैं-

1. इसके लिए आप अपने ब्लॉगर के डैशबोर्ड में जाकर सैटिंग्स पर क्लिक कीजिए।

2. इसके बाद कमेंट्स श्रेणी चुनें

3. अगर आप केवल रजिस्टर्ड यूजर्स को ही कमेंट्स की इजाजत देना चाहते हैं, तो संबंधित बटन पर क्लिक करें।



4. थोड़ा नीचे आपको एनेबल कमेंट्स मॉडरेशन का बटन मिलेगा। अगर आप टिप्पणी छपने से पहले उसकी छंटाई करना चाहते हैं तो यह विकल्प चालू कर दीजिए। इसके बाद हर टिप्पणी की सूचना आपको मेल पर मिलेगी। आप उसे पढ़कर पब्लिश या रिजेक्ट कर सकते हैं।


Comments

  1. वह आशीष जी, आपने तो टिप्पणी मॉडरेशन को सक्षम करने का तरीका ही बता दिया उन चिठाकारों को जिन्होनें अभी तक ऐसा नहीं किया है. क्या ऐसा हो सकता है कि अपशब्द वाली टिप्पणी को डिलीट किया जा सके? अगर ऐसा सम्भव है तब शायद टिप्पणी मॉडरेशन को सक्षम करने की जरूरत ही न हो.

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  2. सुरेशजी, किसी भी टिप्पणी को हटाया जाना बिल्कुल सम्भव है. इसकी जानकारी मैं आपको अगली पोस्ट में देने की कोशिश करता हूँ. सादर.

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