Monday, January 26

हिंदी और हिंदुस्तान का सिर मत झुकाओ !!!!



सबसे पहले तो आपको गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

आज सुबह जब ब्लॉग खोले तो कुछ पर इस तरह के बधाई संदेश दिखे, जिन्हें देखकर हर हिंदुस्तानी का सिर शर्म से झुक जाए। एक संदेश में भारत के नक्शे के साथ खिलवाड़ किया गया है तो दूसरे संदेश में हमारी प्यारी भाषा के साथ। आप खुद ही देखिए-






यह करतूत स्क्रेपलाइव नामक वेबसाइट की है। मान लिया कि विदेशी वेबसाइटों को हिंदी और हिंदुस्तान की ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन हम तो समझदार हैं!!!!!!!!!!!!

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18 comments:

  1. वाकई शर्म की बात है.. हमें अतिरिक्त सावधानी की जरुरत है..


    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाऐं..

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  2. विदेशी तो हमारी इज्ज़त तब न करें जब हम पहले ख़ुद अपनी इज्ज़त करनी सीख जाएं. अभी तो हम ख़ुद अपनी इज्ज़त नहीं करते, विदेशी कैसे करेंगे.

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  3. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाऐं!

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  4. आपको एवं आपके परिवार को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

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  5. This comment has been removed by the author.

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  6. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ ...

    अनिल कान्त
    मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

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  7. 60 वें गणतंत्र दिवस के पावन-पर्व पर आपको ढेरों शुभकामनायें !! ''शब्द-शिखर'' पर ''लोक चेतना में स्वाधीनता की लय" के माध्यम से इसे महसूस करें और अपनी राय दें !!!

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  8. सर, बेचारे ने बड़ा अच्छा संदेश दिया है. मानचित्र और भाषा में भूल जरूर है. एक बार पुनः गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!!! --आपका दीपक, देवघर

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  9. स्क्रैप्स (कबाड़) वाले से और क्या उम्मीद है!

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  10. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाऐं
    इन संदेशों में हिन्दी लिखने में कुछ गलतियाँ रह गई है लेकिन उनकी भावनाए शायद ठीक है ! अतः इस तरह के संदेश भेजते समय कुछ सावधानी बरतनी चाहिए !

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  11. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

    ---आपका हार्दिक स्वागत है
    गुलाबी कोंपलें

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  12. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  13. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !
    इस तरह के संदेशो से विरक्ति हो गयी है, यह भावना के साथ खिलवाड़ करते मालूम पड़ते हैं।

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  14. बहुत अच्‍छा.....गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

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  15. आपसे सहमत। अशुध्‍द भाषा में शुध्‍द भाव भी वितृष्‍णा ही पैदा करते हैं।

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  16. यह एक गम्भीर मसला है।

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  17. कृपया हमारे बक-बक पत्र पर हमारे विचारों की समीक्षा करें तो मेहेरबानी होगी
    http://prateekshujanya.blogspot.com/2009/01/blog-post.html

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  18. हेल्लो,
    अंतिम दोनों ग्राफिक्स मैंने बनाया है . भाषा में गलतियों के लिए मुझे खेद है . मैं मानता हूँ की मुझसे बड़ी गलती हुई है लेकिन आप तो इसका समाधान कर सकते थे. इस लेख को लिखने में जितना समय लगाया आपने उससे काफी कम समय में आप हमें साईट में contact form से संदेशा भेज सकते थे और मैं उसी समय इन्हें ठीक कर देता . 'Its easy to criticize than to find a solution to the problem.'
    खैर आगे से मैं ग्राफिक्स डिजाईन करते वक़्त इस बात का ख्याल रखूँगा.

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