Monday, January 12

'हम लोग' में खास ब्लॉग

जयपुर से प्रकाशित 'डेली न्यूज़' दैनिक अख़बार की रविवारीय पत्रिका 'हम लोग' के लिए मुझे कुछ खास चिट्ठों की जानकारी संजोने का मौका मिला। ये खास चिट्ठे अपने अनोखे विषयों के कारण अपनी अलग ही पहचान रखते हैं। इस श्रेणी में इनके अलावा और भी चिट्ठे हैं, लेकिन स्थान की सीमितता के कारण उन्हें शामिल करना संभव नहीं हो सका। यह आलेख रविवार (11 जनवरी, 2009) को प्रकाशित हुआ है।

(तस्वीर बड़े आकार में देखने के लिए इस तस्वीर पर क्लिक करें)



पाठकों की सुविधा के लिए आलेख का मूल पाठ यहां प्रकाशित किया जा रहा है-

ब्लॉग यानी वेबलॉग। इंटरनेट पर एक ऐसा साधन, जहां सहज, सुलभ और व्यापक तरीके से अपने भावों की अभिव्यक्ति व्यापक जनसमूह के सामने की जा सकती है। आधुनिक जगत में निजी डायरी की जगह ब्लॉग ने ले ली है। दुनिया भर में हर भाषा और हर विषय पर ब्लॉग लिखे जा रहे हैं। हिन्दी भाषा जगत भी इस नई क्रांति से अछूता नहीं है। हिन्दी ब्लॉग संसार में सभी तरह के ब्लॉग मौजूद हैं। व्यक्तिगत, साहित्यिक, तकनीकी, यात्रा वृत्तांत जैसे सामान्य विषय हिन्दी ब्लॉग जगत में छाए हैं।

जिन ब्लॉग या चिट्ठों को सबसे ज्यादा लिखा और पढ़ा जाता है, हालांकि उनमें कविता, कहानी, साहित्य और दर्शन का स्थान सबसे ऊपर है, लेकिन इस सभी के बीच कुछ खास ब्लॉग ऐसे हैं, जो अपने अनूठे विषय और सामग्री की बदौलत सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहे हैं। कुछ ब्लॉग पहेली या ऐसी ही दूसरी चीजों को लेकर व्यापक चर्चा का कारण बने हैं, वहीं कुछ ब्लॉग अपनी अनूठी भाषा को लेकर लोगों की पसंद बन गए हैं। ऐसे ही कुछ अनोखे चिट्ठों की पड़ताल-


भारतीय भुजंग

धनबाद, झारखंड की लवली कुमारी 'भारतीय भुजंगÓ नामक इस ब्लॉग की लेखिका हैं। इस ब्लॉग पर सांपों से जुड़ी तमाम तरह की जानकारियां दी जाती हैं। इस ब्लॉग के लेखन के पीछे लेखिका का उद्देश्य है- सांपों से जुड़ी मिथ्या बातों और भ्रमजाल से लोगों को मुक्त कराना। यहां सर्प जानकारी के अलावा सांपों से जुड़ी पहेलियां भी होती हैं और लोग सांपों से जुड़े अनुभव भी यहां साझा करते हैं।

वर्ग पहेली

भोपाल में रहने वाले रवि रतलामी इस ब्लॉग को खास तौर पर हिन्दी वर्ग पहेलियों के शौकीन लोगों के लिए लिखते हैं। यहां वर्ग पहलियां दी जाती हैं और उनके संकेतों के आधार पर उन्हें ऑनलाइन ही भरना होता है। कुछ समय बाद ही सही उत्तर ब्लॉग पर प्रकाशित कर दिया जाता है। यहां पहेली को भरने का तरीका भी सुझाया गया है। पिछले साल जून से संचालित इस ब्लॉग पर फिलहाल तीस से ज्यादा वर्ग पहेलियां मौजूद हैं।

आदित्य रंजन

अगर आप आठ महीने के बच्चे की बाल सुलभ अदाओं को नजदीक से देखना चाहते हैं, तो इस ब्लॉग पर चले आइए। यहां जोधपुर के आठ महीने के आदित्य रंजन की सभी बातें उनके मम्मी-पापा (अंजु-रंजन) रोचक अंदाज में पहुंचा रहे हैं। यहां आदित्य के वजन, ऊंचाई, सफर, खाने-पीने से लेकर सभी तरह की दूसरी जानकारियां रोचक अंदाज में लिखी जा रही हैं।


अजब अनोखी दुनिया के चित्र

कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। इस ब्लॉग का फलसफा इसी अभिव्यक्ति को जनमानस तक पहुंचाना है। महाराष्ट्र के शुभम आर्य और वरुण जायसवाल इस ब्लॉग पर ऐसी तस्वीरों को पेश करते हैं, जिन्हें देख किसी को भी अचंभा हो सकता है। साथ ही तस्वीरों के साथ हास्यप्रधान कैप्शन इस अंदाज में पेश होते हैं, जो तस्वीर को और भी जीवंत बना देते हैं।

रामपुरिया का हरियाणवी ताऊनामा

पी. सी. रामपुरिया लिखित यह ब्लॉग पढ़ते ही आपको लगेगा, कि आप हरियाणा की किसी सडक़ पर खड़े होकर ताऊ से मुखातिब है। इस ब्लॉग पर ठेठ हरियाणवी भाषा इस ब्लॉग को रोचक और पठनीय बना देती है। इस ब्लॉग की एक और खूबी है। ये ताऊ कौन है, इसे लेकर हिन्दी ब्लॉग जगत में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। जो भी हों, लेकिन पहचान के पत्ते नहीं खोलकर ही उन्होंने इस ब्लॉग को पठनीय बना दिया है।

अमृता प्रीतम की याद में

दिल्ली की रंजू भाटिया और जगदीश भाटिया लिखित यह ब्लॉग साहित्यकार अमृता प्रीतम को पूरी तरह समर्पित है। इस ब्लॉग पर अमृता की रचनाओं को सुंदर और रोचक तरीके से पेश किया गया है। साथ ही अमृता और इमरोज की जिंदगी से जुड़ी ऐसी बातें भी यहां पेश की जाती हैं, जिनके बारे में पहले कभी चर्चा नहीं हुई।

रिजेक्ट माल

यह ब्लॉग ऐसे लेखकों को मंच देने का प्रयास है, जिनकी रचनाएं अक्सर पत्र-पत्रिकाओं के लिए रिजेक्ट हो जाती हैं। यहां दिलीप मंडल, आर. अनुराधा और प्रणय प्रियदर्शी ने बीड़ा उठाया है रिजेक्ट माल को छापने का। वे दावा करते हैं कि जो कहीं नहीं छपता, वह यहां छपेगा। इस खूबी के कारण यहां कई लेखक अपनी सामग्री भेजते हैं और इसी वजह से यहां सामग्री में काफी विविधता है।

माँ !

मां विषय को लेकर यह एक सामूहिक ब्लॉग है, जिस पर कोई भी लेखक मां के प्रति अपने जज्बात पेश कर सकता है। इस पर फिलहाल 43 लेखक अपनी रचनाएं पेश कर चुके हैं। इतने लेखक होने की वजह से यहां मां के विभिन्न रूप शानदार तरीके से पेश किए गए हैं। यहां किस्से, कविताएं और गीतों को इस अंदाज में पेश किया गया है कि यह चिट्ठा हर पाठक के सामने मां के स्वरूप को साकार कर देता है।

अदालत

यह ब्लॉग खासतौर पर वकीलों और कानून के छात्रों को ध्यान में रखकर लिखा जाता है और इस पर सभी चर्चित मामलों की झलक पेश की जाती है। लोकेश और दिनेशराय द्विवेदी लिखित इस ब्लॉग पर अदालतों के खास लिंक और सूचनाएं भी पेश की जाती हैं। अदालत में भले ही कोई बार-बार न जाना चाहे, लेकिन इस ब्लॉग पर बार-बार आने से अदालती ज्ञान में बढ़ोतरी लाजिमी है।

रेडियोनामा

रेडियोप्रेमियों को समर्पित इस ब्लॉग में रेडियो से जुड़ी जानकारियों के साथ रेडियो की यादें भी बांटी जाती हैं। इस ब्लॉग पर आते ही लगता है कि जैसे पाठक पुराने आकाशवाणी वाले दौर में पहुंच गए हैं। इस ब्लॉग पर 25 से ज्यादा लेखक अपने अनुभव और यादों को पाठकों के सामने पेश कर रहे हैं। रेडियो के पुराने दौर को धरोहर के रूप में पेश करने का यह शानदार जरिया बन रहा है।

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24 comments:

  1. सभी अपने अपने अंदाज के चिट्ठे हैं .बहुत बढ़िया लगा यह लेख शुक्रिया अमृता जी के ब्लॉग को शामिल करने लिए

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  2. बहुत अच्छे चिठ्ठों का समावेश किया है आपने...इस कड़ी को आगे भी बढाइये ...
    नीरज

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  3. कैसे हो आशीष, पहचाना..??
    यहाँ ब्लॉग पर तो अच्छा-खासा कामकाज फैला रखा है यार। बहुत प्रशंसक हैं यहाँ तुम्हारे। अब उनमें मैं भी शामिल हो गया हूँ।

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  4. जिनका शामिल हुआ उनको बधाई जिनका नहीं शामिल हुआ उनका जल्द ही आने वाले अंक में शामिल हो इस उम्मीद के साथ...

    ---मेरा पृष्ठ
    गुलाबी कोंपलें

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  5. वाह वाह

    क्‍या बात है

    ब्‍लॉग बवंडर


    ब्‍लॉग सुनामी

    कब आएगा

    इसी वंडर का

    है इंतजार।


    वंडर वन डर

    या विदाउट डर
    पर रहे सदा निडर

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  6. wah bahut hi achcha selection hai..'varg paheli' blog ke baare mein pahli baar jana hai.
    sabhi blogs apne aap mein nirale hain.
    In sabhi published bloggers ko bahut bahut badhayee.aur Ashish ji bhi bahut hi sarahniy kary kar rahey hain jo in blogs ke baare mein logon ko bata rahey hain taki ve bhi inhen jaane aur inse jaankari hasil kar saken.keep it up!
    aap ko bhi dher sari shubh kamnayen.

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  7. यहां उल्लिखित सभी ब्लोग बहुप्रशंसित हैं. इनका चर्चा-विस्तार जरूरी था.
    अन्य महत्वपूर्ण ब्लोग भी आपकी ऐसी अन्य चर्चाओं में आ ही जायेंगे.
    धन्यवाद.

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  8. धन्यवाद ,
    कुछ ही महीनो हुए मुझे जयपुर छोड हुए और साथ में डेली न्यूज़ को भी . आपने याद ताज़ा कर दी जब में इसे अपने रूम में पड़ता था .

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  9. बहुत बढ़िया लगा यह लेख, हिन्दी ब्लोगिन्ग को पाठको के आगे लाने के लिये शुक्रिया । c box हटा दे यह किसी पुराने पोस्टर की तरह लग रहा है । सवाल ज्यादा है जबकि इस पर जवाब देखे तो अन्तिम जवाब ३१ दिस. को दिया गया है आज १३ जनवरी है । यह मेरी निजी राय है जरूरी नही है कि आप इस पर अमल करे ।

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  10. आशीष जी नमस्कार, सर मुझे ये बतिये की मै अपने ब्लॉग पर गूगल के या दुसरे विज्ञापन कैसे डाल सकता हूँ और मेरे दोनों ब्लॉग पर में विज्ञापन कैसे डालू हिन्दी ब्लोग्गेर्स को पैसा कमाने के टिप्स दीजिये

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  11. सभी अपने अपने अंदाज के चिट्ठे हैं .बहुत बढ़िया लगा यह लेख शुक्रिया!!!!

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  12. आपकी प्रत्येक पोस्ट से बड़ी मदद मिलती है. एक समस्या या कहें कि आपसे एक जानकारी चाह रहे है. अनुराग आर्य का ब्लॉग है दिल की बात उसका url है http://anuragarya.blogspot.com
    उसमें उनकी त्रिवेणी मजेदार रहती है. वो किस तरह से एक बॉक्स में बना कर पोस्ट करते हैं आप बताइयेगा. ऐसा ही अपने ब्लॉग पर करने का मन है.

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  13. ...बहुत खूब. आजकल हर तरफ blogs की धूम है.

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  14. बिलकुल पसंद आई कलम..बधाई हो

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  15. सूचित करने हेतु आभार।

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  16. bahut prerak aur achha paryaas hai aapkaa bdhaai

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  17. बहुत उम्दा जानकारी दी आपने. आभार आपका.

    रामराम.

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  18. धन्यवाद बताने का ..आप नही बताते तो मुझे पता भी न चलता.बहुत धन्यवाद

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