ब्लॉगर्स में डिप्रेशन मापने वाले इस सॉफ्टवेयर को तो आना ही था

आप ब्लॉगिंग खुशी-खुशी करते हैं या आप पोस्ट लिखते समय डिप्रेशन या अवसाद में रहते हैं? इजराइल के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर ईजाद कर लिया है, जो आपकी पोस्ट को देखते ही बता देगा कि इसे लिखने वाले व्यक्ति की मानसिक स्थिति कैसी है? डरिए मत... आपकी पोल फिलहाल नहीं खुलने जा रही है, क्योंकि यह सॉफ्टवेयर अभी केवल अंग्रेज़ी भाषा तक ही सीमित है।

इजराइल की बेन गुरियॉन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस सॉफ्टवेयर को बनाया है और इसे तीन लाख से ज्यादा ब्लॉग्स पर आजमाया जा चुका है। 78 फीसदी मामलों में इसके नतीजे पुख़्ता साबित हुए हैं। कमाल की बात यह कि अगर इसे पता चला कि ब्लॉगर की मानसिक स्थिति सही नहीं है तो यह उसे उचित परामर्श भी देगा।

इसकी विस्तृत जानकारी इस लिंक पर है...

आपको क्या लगता है? हम हिन्दी ब्लॉगर्स को इस तरह के सॉफ्टवेयर की जरूरत है या नहीं :)

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27 comments:

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

हिन्दी ब्लागर के लिये तो फ़्रस्टेसन नापने वाला यन्त्र चाहिये

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI said...

are vaah!
Jankari ke liye aabhaar.

Vaise hindi me aakar yah fail bhi ho sakta hai.
:-)

आशुतोष दुबे said...

bahut acchi jaankaari di hai aapne, lekin ye kaam karega ya nahi pata nahi .
हिन्दीकुंज

नीरज जाट जी said...

अभी यह अंग्रेजी में है, हिन्दी में आने दो। असली पता तब चलेगा।

richa said...

जहाँ तक हमें लगता है यहाँ हिंदी ब्लॉगिंग में लोग लिख के डिप्रेशन कम फ्रस्ट्रेशन ज़्यादा निकलते हैं :) और यहाँ लोग जब लाई डिटेक्टर को चीट कर सकते हैं तो ये सॉफ्टवेयर कौन सी बड़ी बात है... फिर भी जानकारी रोचक है... :)

kshama said...

Intezaar rahega! Angrezi me likh ke dekh sakte hain!

P.N. Subramanian said...

अच्छी जानकारी. अंग्रेजी का ही मिल जाए. प्रयोग कर देखा तो जा ही सकता है. आभार.

अनाम said...

वाकई ऎसा तो होना ही था...

hem pandey said...

मेरे विचार में ब्लॉग लिखते समय कौन किस मूड में है यह जानकार कोई लाभ नहीं .महत्वपूर्ण यह है कि वह क्या लिख रहा है.

vinay said...

बहुत अच्छी जानकारी दी,डिपरेशन नाप कर प्रामर्श

प्रवीण पाण्डेय said...

हम तो गमों को पचाने वालों में से हैं । इसे भी देखा जाये ।

नरेश सिह राठौड़ said...

यंहा तो ना फ्रस्ट्रेशन है ना डिपरेशन है और जब कभी होगा तब देखा जाएगा | जानकारी का आभार ,हमारे लिए समय निकालने के लिए धन्यवाद |

डॉ टी एस दराल said...

मुझे तो लगता है कि हिंदी ब्लोगर्स लिखते समय तो अच्छे मूढ़ में ही होते हैं , लेकिन टिप्पणी न मिलने से ज़रूर डिप्रेशन में चले जाते हैं । बाहर के लोगों की बात और है , वे तो वैसे भी अकेले रहकर डिप्रेशन के शिकार हो ही जाते हैं । यहाँ ये सोफ्टवेयर निश्चित रूप से फेल हो जायेगा ।

सर्प संसार said...

नाइस इन्फो।
---------
क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।

रंजन said...

इंतज़ार करते है...

Divya said...

arrey, isko padhkar hum to depression mein chale gaye..lol

निर्मला कपिला said...

वैसे धीरू भाई जी ने सही कहा है। अच्छी जानकारी है अगर ये बता दें कि बलाग वाणी कब शुरू हो रही है तब मुझे उस साफ्ट्वेयर की जरूरत नही रहेगी ब्लागवाणी के बिना डिप्रेशन हो रहा है। धन्यवाद शुभकामनायें

Ratan Singh Shekhawat said...

हमें तो शायद ही इसकी जरुरत पड़े | फिर सोफ्टवेयर काम का है किसी के तो काम आएगा

''अम्बरीष मिश्रा '' said...

अच्छी खबर आगे देखिये गा क्या क्या होता है . . .
हमारे सब्द ही मन के बारे में बताते है मतलब कि आप पेसे होंगे तो पानी पानी और पानी था तोकाय था ये सब लिखेंगे पर अगर खोज करता है तो पानी पर पानी ही लिखेगे तो सफोतवारे आप को पकड़ लेगा तो 78 % रीसर्च करने वाले नहीं होते है ये तो सभी जानते है
एक कहावत है ......
तेल देखो तेल की धार देखो ............

mrityunjay kumar rai said...

i dont think , any software can analyze the human mind w/out any physical contact. the software must not be authentic

ajit gupta said...

बढिया यंत्र है, सच्‍चाई मापक।

वाणी गीत said...

बहुत काम की जानकारी ....
मगर डिप्रेशन नाप के हो क्या जाएगा ...:):)

Vivek Rastogi said...

डिप्रेशन नापने के लिये अभी तो अंग्रेजी में लिखना पड़ेगा, इसलिये इसके हिन्दी भाषा में आने का इंतजार कर लेते हैं।

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shashisinghal said...

मुझे नहीं लगता कि इस यंत्र से कुछ लाभ होगा ....

Priya said...

Ashish, Ham to blogging to bahut hi positive lete hai....kiske pass waqt hai aaj ke zamane mein kisi ko sunney ke .....aap apne andar ki halchal apne vichar express kar sakte hai...Han less expectation ka hona zaroori hai....But technology ka aisa advancement bhi pasand aaya.

Rambabu Singh said...

आशीष जी
अगर मालूम हो की कोई अपना साथी अवसाद से पीड़ित है,यंत्र से जांचने परखने के उपरांत उन्हें उचित परामर्श की जरुरत होगी जो उन्हें यहाँ से मिल सकता है |
एलोवेरा ( हर्बल औषधियां ) सौन्दर्यशक्ति व तनावमुक्ति के लिए
http://www.aloe-veragel.com/2010/04/blog-post_21.html
भविष्य के लिए बहुत अच्छी जानकारी है |
धन्यबाद

SUNIL KUMAR said...

अच्छी जानकारी....ऎसा तो होना ही था...
http://sunilkefande.blogspot.com

 
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