Tuesday, March 30

क्या ब्लॉगर हिन्दी चिट्ठों को मिटा रहा है?

पिछले कुछ दिन से कई साथी यह सवाल मुझसे फ़ोन पर व ई-मेल के जरिए पूछ चुके हैं। उनका कहना है कि उन्हें कुछ साथियों की यह मेल मिली है कि जल्द से जल्द अपने चिट्ठों बैकअप ले लीजिए, क्योंकि ब्लॉगर अपनी सेवाएं समेटने की तैयारी में है। मैं ऐसे साथियों को यही कहना चाहता हूं कि ब्लॉगर का ऐसा इरादा कतई नहीं है। वह तो दिन-ब-दिन अपनी सेवाओं में विस्तार कर रहा है।

अपने ब्लॉग का नियमित रूप से बैकअप लेना समझदारी भरा कदम है, लेकिन ऐसा इस आशंका के साथ नहीं किया जाना चाहिए कि ब्लॉगर आपके ब्लॉग को मिटा सकता है। ब्लॉगर स्वचलित तौर पर उन्हीं चिट्ठों को मिटाता है, जो उसकी सेवा शर्तों का उल्लंघन करते हैं। ब्लॉगर समय-समय पर अपनी सेवा शर्तों में बदलाव करता है और ताजा नियम-शर्तें यहां पढ़ी जा सकती हैं। साथ ही ब्लॉगर के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (DMCA) की जानकारी यहां से ली जा सकती है।

करीब डेढ़ महीने पहले ब्लॉगर ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पर एक पोस्ट लिखी थी, जिसमें उसने इसी तरह की आशंका का समाधान किया था। इस पोस्ट में नियम व शर्तों के उल्लंघन की ही बात की गई थी।

इसलिए मेरा सुझाव है कि आप इस आशंका को पूरी तरह दूर कर दें कि ब्लॉगर अब किनारा करने के मूड में है। ब्लॉगर तो अपनी जड़ें और मज़बूत करने की कवायद में है और इसी के तहत पिछले दिनों उसने यह सुविधा भी उपलब्ध कराई है कि अब आप बिना किसी तकनीकी ज्ञान के अपनी टेम्पलेट खुद डिजाइन कर सकते हैं। आपको भी ब्लॉगर से इस आशय की मेल पिछले हफ्ते मिली होगी।

आज पुष्पेंद्र जी ने मेल भेज कर यह जानना चाहा है कि अपनी टेम्पलेट खुद कैसे डिजाइन की जा सकती है। अगली पोस्ट में इस पर विस्तृत जानकारी के वादे के साथ.. हैपी ब्लॉगिंग.





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