Tuesday, April 28

इंतेहा हो गई ब्लॉग आतंकवाद की (टिप्पणियों पर पूरा नियंत्रण रखिए)

क्या बेनामी टिप्पणियों ने इन दिनों ब्लॉग जगत में हलचल मचाई हुई है? डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक जी की इस पोस्ट और मुंबई टाइगर ब्लॉग पर इस पोस्ट को पढ़ने से तो कुछ ऐसा ही लगता है। कोई बेनामी टिप्पणी कर शांत पानी में कंकड़ उछालता है और उसके बाद जैसे प्याले में तूफान आ जाता है। मुंबई टाइगर जी ने तो इस तरह की बेनामी टिप्पणियों के लेखक का पता लगाने की मुझसे अपील तक की है-


यहां मेरा जवाब है कि ब्लॉगर पर यह एक लाइलाज बीमारी है और इसका बचाव ही उपचार है।

मैं अनुरोध करना चाहूंगा कि अगर ब्लॉगर पर बेनामी टिप्पणी के लेखक का आप पता लगाना चाहते हैं, तो यह न तो फिलहाल संभव है और न ही नैतिक रूप से प्रशंसनीय। टिप्पणी की यह सुविधा है ही इसलिए, ताकि कोई अपनी गोपनीयता बरकरार रखते हुए अपनी बात कह सके। आपको यह मंजूर नहीं है तो या तो आप केवल पंजीकृत पाठकों को ही टिप्पणी का अवसर दें या फिर टिप्पणियों की प्रकाशन पूर्व स्वीकृति वाला विकल्प चालू रखें।

पुराने साथी बचाव की ये सभी तकनीकें अच्छे तरीके से जानते हैं। लेकिन नए साथियों के लिए यह जानना जरूरी है कि वे बचाव किस तरह कर सकते हैं। उनके लिए मैं तीन तरह के हथियारों की जानकारी दे रहा हूं-

हथियार-1

केवल पंजीकृत पाठकों को ही टिप्पणी का मौका दें-

इसके लिए ब्लॉगर पर साइन इन कीजिए। सैटिंग्स में जाइए। कमेंट्स में जाइए और नीचे चित्र में दिखाए अनुसार Registered Users - includes OpenID विकल्प को ऑन कर दीजिए। सबसे आखिर में सैटिंग्स को सेव करना मत भूलिए।



हथियार- 2

टिप्पणियों को प्रकाशन से पूर्व जांचिए और उसके बाद प्रकाशित कीजिए- कमेंट मोडरेशन

इसके लिए ब्लॉगर पर साइन इन कीजिए। सैटिंग्स में जाइए। कमेंट्स में जाइए और नीचे चित्र में दिखाए अनुसार Comment moderation को Always पर सैट कर दीजिए। अगर आप सभी कमेंट की सूचना अपनी ई-मेल में मंगाना चाहते हैं तो यहां अपना ई-मेल पता भी भर दीजिए। सबसे आखिर में सैटिंग्स को सेव करना मत भूलिए।




हथियार- 3

अवांछित टिप्पणी को डिलीट कीजिए-


मान लीजिए आपके ब्लॉग पर तमाम सावधानी के बावजूद कोई अवांछित टिप्पणी प्रकाशित हो चुकी है और इसे हटाना चाहते हैं तो इस पोस्ट में बताए गए तरीके से आप टिप्पणी को डिलीट कर दीजिए।

ब्लॉग पर टिप्पणी का विकल्प बंद कीजिए (मेरी तरफ से अनुशंसित नहीं)- अगर आप अपने ब्लॉग पर किसी भी पोस्ट पर टिप्पणियों का विकल्प रखना ही नहीं चाहते तो नीचे दिया गया तरीका अपनाइए-

इसके लिए ब्लॉगर पर साइन इन कीजिए। सैटिंग्स में जाइए। कमेंट्स में जाइए और नीचे चित्र में दिखाए अनुसार Comments विकल्प को Hide पर सैट कर दीजिए। सबसे आखिर में सैटिंग्स को सेव करना मत भूलिए।



किसी खास पोस्ट पर टिप्पणी का विकल्प बंद कीजिए

अगर आप किसी खास पोस्ट पर टिप्पणी सुविधा को बंद करना चाहते हैं तो संबंधित पोस्ट के एडिटर में जाइए और नीचे दिए गए विकल्प को चुनिए।



उम्मीद है आपको टिप्पणियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखने की जानकारी हो गई होगी।





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Monday, April 27

यूं होती है CBOX से IP Address की जानकारी

पिछली पोस्ट अब 'बदमाशी' थोड़ी मुश्किल है.. में आपको सी-बॉक्स विजेट की कुछ खूबियों की जानकारी दी गई थी। इस पर प्रकाश बादल जी की टिप्पणी मिली है और वे जानना चाहते हैं कि किस तरह से सी-बॉक्स से संदेश भेजने वाले का आईपी एड्रेस पता किया जाता है और अनचाहे संदेश को कैसे डिलीट किया जाता है।


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नरेश जी ने प्रकाश बादल जी के ब्लॉग पर साजिशपूर्ण टिप्पणी को आधार बनाते हुए पोस्ट लिखी थी कि यह विजेट बहुत खतरनाक है। इससे कोई सम्मानित ब्लॉगर इतना आहत भी हो सकता है कि वह ब्लॉगिंग से किनारा करने का भी निर्णय ले बैठे।

पिछली पोस्ट पर प्रकाश बादल जी ने यह टिप्पणी की है-

आशीष भाई आपने यह तो बता दिया कि इससे कमैंट करने वाले को ब्लॉक किया जा सकता है लेकिन आपने खुलकर नहीं बताया कि आई पी कैसे पता की जा सकती है और उस आईपी को कैसे ब्लॉक किया जा सकता हैं साथ ही अगर आप इस बात पर अगली पोस्ट डाल दें तो सीखने में आसानी होगी। क्योंकि ज़िस प्रकाश मुझ पर मेरे ही ब्लॉग के माध्यम से गाली निकालने का जो आरोप लगाया गया है उसकी शर्मिंदगी से मैं अब तक नहीं उबर पाया हूँ और ये गाली किसने मेरे ब्लॉग पर डाली है उसका पता चल पाया है। कृपया यहाँ भी बताएं कि अगर सी बॉक्स में इस तरह का कमैंट अगर कोई डाल दे तो उसे डिलीट कैसे किया जा सकता है? आपका और नरेश भाई दोनों का शुक्र गुज़ार हूँ । अगर नरेश भाई अपनी पोस्ट न लिखते तो शायद ये आपके ध्यान में शायद न आती और आपकी इतनी ज्ञान वर्धक जानकारी मुझ जैसे नये ब्लॉगर अछूते रह जाते। उम्मीद है कि मेरे प्रश्नों का उत्तर आपकी अगली पोस्ट दे देगी और मेरा ज्ञानवर्धन होगा।


इसी संदर्भ में आपको बताना चाहूंगा कि सी-बॉक्स के जरिए संदेश भेजने वाले का आईपी एड्रेस कैसे पता करें और अनचाहे संदेश को कैसे डिलीट करें।

1. अपने सीबॉक्स अकाउंट में लॉग-इन करें।

2. सबसे आखिरी विकल्प messege में जाइए और इसके उप-विकल्पों में फिर से messege चुन लीजिए।

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3. अब आपको यहां अपने सीबॉक्स विजेट में मौजूद सभी संदेश दिख रहे होंगे। उनके सामने आईपी एड्रेस भी दिख रहे होंगे। उनसे अंदाजा लगाना आसान है कि संदेश किस शहर से भेजा गया है (डायनमिक आई पी एड्रेस के मामलों को छोड़कर)। साथ ही आप यहां निश्चित आईपी एड्रेस वाले कंप्यूटर को हमेशा के लिए ब्लॉक भी कर सकते हैं औऱ अनचाहे संदेश को टिक कर उसे डिलीट भी कर सकते हैं।

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प्रकाश बादल जी, उम्मीद है कि आप यह तरीका आसानी से समझ गए होंगे। आपसे गुजारिश करता हूं कि ब्लॉगिंग से यूं किनारा न कीजिए। इससे तो ब्लॉग आतंकवाद को बढ़ावा ही मिलेगा। आइए इसके खिलाफ मिलकर लड़े। आपकी नई ग़ज़ल का इंतजार है।








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Thursday, April 23

अब 'बदमाशी' थोड़ी मुश्किल है..

पिछले दिनों नरेश जी ने अपने ब्लॉग मेरी शेखावाटी पर सी-बॉक्स विजेट के प्रति चेतावनी देते हुए एक आलेख प्रकाशित किया था। उन्होंने हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर हैल्पलाइन के रूप में लगे सी-बॉक्स में 'बदमाश' नाम से टिप्पणी की थी और चेतावनी दी थी कि इस तरह इसका कोई भी गलत इस्तेमाल कर सकता है। इसी क्रम में जब मैंने इस विजेट की सुविधाओं को पूरा खंगाला तो पता चला कि इसके जरिए ऐसी 'बदमाशी' करना उतना आसान नहीं है, जितना आम तौर पर समझा जाता है।

यह विजेट अपने मुफ्त संस्करण में ही आपको उन सभी लोगों के आईपी एड्रेस दे देती है, जिन्होंने इसके जरिए टिप्पणी लिखी है। इसलिए बुरी मानसिकता के साथ टिप्पणी करने वाले की पहचान गोपनीय नहीं रहती। दूसरी सुविधा यह है कि आप अनचाहे संदेश आसानी से डिलीट कर सकते हैं। देखिए हिन्दी ब्लॉग टिप्स के सी-बॉक्स में आपको नरेश जी की "बदमाश" टिप्पणी अब डिलीट हो चुकी है। तीसरी सुविधा यह है कि आप चिट्ठाकंटक आईपी एड्रेस को हमेशा के लिए ब्लॉक भी कर सकते हैं। यानी ब्लॉक होने के बाद उस कंप्यूटर से आपको कभी संदेश नहीं भेजा जा सकता।

अगर आप सी-बॉक्स का इस्तेमाल करते हैं और मैसेज डिलीट करना चाहते हैं या संदेश भेजने वाले का आईपी एड्रेस पाना चाहते हैं तो सबसे पहले सी-बॉक्स साइट पर जाकर लॉग-इन कीजिए। इसके बाद सबसे दाहिनी ओर स्थित मैसेज ऑप्शन पर जाइए-

बड़े आकार में देखने के लिए यहां क्लिक करें

नीचे आपको सभी सूचनाएं मिल जाएंगी। यहां आप न केवल संदेश भेजने वाले व्यक्ति का आईपी एड्रेस देख सकते हैं, बल्कि संदेश को डिलीट कर सकते हैं औऱ ऐच्छिक आईपी एड्रेस को ब्लॉक कर सकते हैं।

बड़े आकार में देखने के लिए यहां क्लिक करें

गलत इस्तेमाल किसी भी सुविधा का हो सकता है। ब्लॉग में टिप्पणी के जरिए भी कुछ भी लिखा जा सकता है। सुविधा का इस्तेमाल बंद कर देना इसका उपाय नहीं। हमें ज्यादा सावधान हो जाना चाहिए। मुझे लगता है कि हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर हेल्पलाइन मुझे पाठकों के साथ सीधे सम्प्रेषण का मौका उपलब्ध कराती है और इसको हटाना पाठकों के हित में कतई नहीं है।




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Tuesday, April 21

क्या आप भी इस blogger sign in समस्या से जूझते हैं ?

कई बार ब्लॉगर में साइन-इन करने के लिए जैसे ही यूजर नेम और पासवर्ड भरकर एंटर दबाया जाता है, कुछ ऐसा मैसेज दिखाई देता है..Your browser's cookie functionality is disabled. Please enable JavaScript and cookies in order to use Blogger. यह संदेश पढ़ते ही लगता है कि पता नहीं अब जावास्क्रिप्ट या कुकीज की कौनसी सैटिंग्स में बदलाव करना पड़ेगा।

एरर का यह पेज कुछ ऐसा दिखता है-



इसके बाद अगर मदद का बटन दबा दिया जाए तो यह बहुत सारी सैटिंग्स को जांचने की सलाह देने लगता है। ऐसे में कुछ साथी इतने परेशान हो जाते हैं कि कुछ वक्त के लिए ब्लॉगर से किनारा कर लेते हैं। बाद में जब वे फिर से इसे खोलते हैं तो आसानी से ब्लॉगर में लॉग-इन हो जाता है और डैशबोर्ड दिखाई देने लगता है।

मैंने पता लगाने की कोशिश की कि आपकी सभी सैटिंग ठीक होने पर भी आखिर यह संदेश क्यों दिखाई देता है? दरअसल जब आप गूगल की ही किसी और सेवा में किसी दूसरे नाम से लॉग-इन रहते हैं और नई विंडो में जब ब्लॉगर किसी और नाम से खोलने की कोशिश करते हैं तो कई बार गूगल तंत्र भ्रमित होकर ऐसा संदेश देता है।
इससे निजात पाने का सबसे असरदार तरीका आपको बताता हूं (आप इसे जुगाड़ की संज्ञा दे सकते हैं)-

लॉग इन करने के बाद जैसे ही यह एरर दिखाने वाला पेज खुले आप एड्रेस बार यानी यूआरएल वाले हिस्से में जाइए और नीचे चित्र में दिखाए गए यूआरएल के इस खास हिस्से को ध्यानपूर्वक डिलीट कीजिए।



इसके बाद जैसे ही आप एंटर कुंजी दबाएंगे आपका ब्लॉगर डैशबोर्ड आपके सामने होगा।




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Saturday, April 18

ब्लॉग पर आईपीएल का ताज़ा स्कोर

आईपीएल का आग़ाज़ हो चुका है और इसके जादू ने क्रिकेट प्रेमियों को जकड़ लिया है। इससे ब्लॉग लेखक और पाठक भी अछूते नहीं। क्यों न अपने पाठकों को आईपीएल के ताज़ा स्कोर की पल-पल की जानकारी दी जाए? हिन्दी ब्लॉग टिप्स ने cricketernews वेबसाइट के आंकड़ों का साभार प्रयोग कर एक खास विजेट तैयार किया है। यह आपको आईपीएल के हर मैच की ताज़ा जानकारी संक्षेप में उपलब्ध कराता है। साइडबार में देखिए यह कैसा दिखता है-


अगर आप भी इस विजेट को अपने ब्लॉग की साइडबार में लगाना चाहते हैं तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कीजिए। ब्लॉगर खाते में साइन-कीजिए और निर्देशों का पालन कीजिए। उसके बाद यह विजेट आपकी साइडबार में होगा।



अगर आपको क्रिकेट में रुचि नहीं है, तो भी यह विजेट आपको आईपीएल के समापन तक अपने ब्लॉग पर लगाना चाहिए। आपको पाठकों को तो इसमें रुचि हो ही सकती है।






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Thursday, April 16

क्या आपका भी ब्लॉगर प्रोफाइल व्यू काउंट नहीं बढ़ रहा है ?

जब भी ब्लॉगर पर किसी चिट्ठाकार का पूरा प्रोफाइल खोला जाता है तो वहां प्रोफाइल व्यूज दिखाए जाने की व्यवस्था है। यह आंकड़ा बताता है कि संबंधित प्रोफाइल का पेज इंटरनेट पर अब तक कितनी बार खोला जा चुका है? पिछले हफ्ते तक यह बखूबी काम कर रहा था, लेकिन अचानक कई साथियों ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका प्रोफाइल व्यू का आंकड़ा एक ही अंक पर आकर अटक गया है।





अभी-अभी ताऊजी ने सूचना दी कि कल तक उनके प्रोफाइल व्यूज का आंकड़ा 5000 पर अटका था और आज यह आंकड़ा 5100 पहुंच गया है। इस असमंजस की स्थिति का कारण जब ब्लॉगर टीम से जाना गया तो पता चला कि ब्लॉगर पर यह बदलाव पिछले हफ्ते ही किया गया है। यह बदलाव इसलिए करना पड़ा क्योंकि कुछ ब्लॉगर प्रोफाइलों पर इतने हिट एक साथ होने लगे कि वे ब्लॉगर टीम के लिए सिरदर्द बन गए। वहीं कुछ ब्लॉगर साथियों ने अपने व्यूज आंकड़े को अनैतिक तरीके से बढ़ाने के लिए स्वचलित स्क्रिप्ट्स का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

इसी वजह से ब्लॉगर टीम ने फैसला किया कि अब यह आंकड़ा सटीक न होकर अनुमानित होगा। यानी हर क्लिक पर प्रोफाइल व्यूज का आंकड़ा बढ़ता हुआ नहीं दिखाई देगा। कुछ दिन में यह आंकड़ा उस अनुपात में खुद-ब-खुद ही बढ़ जाएगा। देखिए इस सिलसिले में जारी की गई ब्लॉगर टीम की मूल सूचना-

Hey folks,

So many of you have noticed that profile counts have not been updating
as they have in the past, and we thought we'd step in and let you know
exactly what is going on here and why this change has been put in
place.

Basically, having completely accurate counts caused a lot of problems
for profile pages that experienced high traffic - at several times in
the past few months this has led to difficulties and slowness for the
entire service. These problems were amplified even more by a number of
users who abused the count by running automated scripts trying to bump
up their counts.

Because of this, we've switched to using an estimated count of profile
views; while it's less accurate we believe that keeping the service
running and responsive has to be our first priority. We'll change the
language on the profile pages to reflect this - thanks for your
patience and understanding.

Y'all should notice these count views beginning to update themselves
shortly. Please let us know though if after a few more days, the
counts continue to remain unchanged.

-Gatsby
The Blogger Team


अब एक अच्छी सूचना-

चिट्ठाजगत नहीं दिखाएगा ई-मेल पते


दो दिन पहले रचना जी की सूचना के आधार पर हिन्दी ब्लॉग टिप्स ने जानकारी दी थी कि चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी अपने यहां दिखाई जाने वाली कमेंट्स फीड में टिप्पणीकारों के ई-मेल पते भी दिखा रहे हैं। हालांकि यहां ई-मेल पते उन्हीं टिप्पणीकारों के दिखाए जा रहे थे, जिन्होंने अपने पते को प्रोफाइल में सार्वजनिक किए हों। लेकिन फिर भी ई-मेल पतों को यूं सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शित होते देख कुछ लोग परेशान जरूर हुए थे।

अब चिट्ठाजगत ने हिन्दी ब्लॉग टिप्स की खबर पर स्व-संज्ञान लेते हुए अपने तंत्र में बदलाव कर ई-मेल पतों का सार्वजनिक प्रदर्शन रोक दिया है। देखिए चिट्ठाजगत सेवा दल की सूचना जो इस पोस्ट पर टिप्पणी के रूप में दी गई है-


इस त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद चिट्ठाजगत..

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Wednesday, April 15

डैशबोर्ड पर ब्लॉग के शीर्षक से पहले यह क्या दिख रहा है?

यह परिवर्तन आपने भी महसूस किया होगा। ब्लॉगर डैशबोर्ड पर आपको ब्लॉग के शीर्षक से पहले दो आइकन नजर आ रहे होंगे। एक में फोन दिख रहा है और दूसरे में चिट्ठी। कुछ साथियों ने ई-मेल के जरिए जानना चाहा है कि क्या यह कोई नई सुविधा है। इसका इस्तेमाल वे कैसे कर सकते हैं?





जानकारी के लिए बताना चाहूंगा कि इनमें से एक पोस्टिंग बाय एमएमएस (फोन के जरिए पोस्ट का प्रकाशन) के लिए है और दूसरा ई-मेल पोस्टिंग (ई-मेल के जरिए पोस्ट का प्रकाशन) के लिए। ब्लॉगर पर यह सुविधा नई नहीं है। यह पहले से ही मौजूद है, बस इसे सुलभ बनाने के लिए इनके बटन डैशबोर्ड पर ही दे दिए गए हैं।



पोस्टिंग बाय एमएमएस- इस सुविधा के जरिए आप अपने मोबाइल फोन की मदद से ही अपनी पोस्ट को लिखकर प्रकाशित कर सकते हैं। हिन्दी में लिखने के लिए आपके फोन का यूनीकोड समर्थित होना अनिवार्य है। इसके लिए आपको अपने फोन को ब्लॉग के साथ रजिस्टर करना होगा। अगर आपका फोन एमएमएस समर्थित नहीं है तो आप इस सेवा का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसकी विस्तृत जानकारी के लिए यह पोस्ट पढ़ें..

ई-मेल पोस्टिंग- यह सुविधा ब्लॉगर (या ब्लॉगस्पॉट) वेबसाइट पर आए बिना ही पोस्ट प्रकाशन की अनुमति देती है। इसके लिए आप अपने ई-मेल के जरिए ही पोस्ट लिखकर उसे प्रकाशित कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी इस पोस्ट में दी गई है..

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Tuesday, April 14

फीड के जरिए ई-मेल दिख रहे हैं.. लेकिन प्राइवेसी टूटने का खतरा नहीं..

अभी-अभी रचना जी ने आप सबके ई-मेल ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत पर दिख रहे हैं पोस्ट के जरिए ध्यान दिलाया कि किस तरह से ब्लॉगर की कमेंट फीड में परिवर्तन के चलते कमेंट के साथ टिप्पणीकार का ई-मेल पता भी दिख रहा है- देखिए ब्लॉगवाणी और चिट्ठाजगत के स्नेपशॉट (साभारः हिन्दी ब्लॉगिंग की देन)।







इस मसले पर थोड़ा शोध करने के बाद इस बात की तसल्ली हुई कि यह परिवर्तन किसी प्राइवेसी (गोपनीयता) का हनन नहीं कर रहा है। यानी यहां ई-मेल पते उन्हीं लोगों के दिखाए जा रहे हैं, जिन्होंने अपने प्रोफाइल में ई-मेल पते को सार्वजनिक किया है। जिन्होंने प्रोफाइल में ई-मेल पता नहीं लिखा है उनके कमेंट के साथ केवल नाम ही दिख रहा है-


यानी प्रोफाइल पर जाकर ई-मेल तक पहुंचने का एक चरण इस बदलाव के जरिए कम कर दिया गया है। शायद यह ब्लॉगर्स के हित में ही है। अगर यहां आपका ई-मेल पता दिख रहा है और आप नहीं चाहते वह दिखे तो आप एडिट प्रोफाइल में जाकर अपने ई-मेल पते को हटा सकते हैं।

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Monday, April 13

हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर एक लाख विजिटर

आप सभी के साथ एक और खुशी का दिन बांटने का मौका मिल रहा है। हिन्दी ब्लॉग टिप्स को अब तक एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। यानी इसका विजिटर काउंट एक लाख को पार कर चुका है (देखिए दाहिनी साइडबार में)। हालांकि यह संख्या छूने में एक साल का वक्त लगा है, लेकिन फिर भी इस प्रगति को मैं संतोषजनक मान रहा हूं। अगला लक्ष्य है एक महीने में एक लाख विजिटर्स के प्यार को पाने का। आप सभी का सहयोग बना रहा तो यह मुश्किल लक्ष्य हासिल करना भी नामुमकिन नहीं है।





अगर आपने अपने ब्लॉग पर हिट काउंटर नहीं लगाया है तो आपको सुझाव दूंगा कि आप भी इसे जरूर लगाएं। पाठकों की संख्या सार्वजनिक नहीं करना चाहें तो इसे छिपाया भी जा सकता है। लेकिन ब्लॉग पर होने वाली हलचल को मॉनिटर अवश्य करें। मुफ्त में हिट काउंटर उपलब्ध कराने वाली कुछ वेबसाइटें हैं-

हिट काउंट्स

ईजी काउंटर

वेबसाइट हिट काउंटर्स

फ्री लॉग्स


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Saturday, April 11

ब्लॉग रैंकिंग का कौनसा सिस्टम क्या कहता है..

पिछली पोस्ट पढ़कर आपको पता तो चल ही गया होगा कि इंटरनेट पर अपने ब्लॉग की स्थिति जानने के लिए अलेक्सा रैंकिंग और गूगल पेज रैंक का कितना महत्व है? व्यावसायिक स्तर पर आपके ब्लॉग की वास्तविक स्थिति इन्हीं रैंकिंग के माध्यम से पता चलती है। जितनी ज्यादा रैंकिंग होगी, माना जाता है कि आपके पास उतने ही ज्यादा पाठक पहुंचते हैं। ब्लॉग को रैंकिंग देने के लिए टैक्नोरेटी और हमारे अपने चिट्ठाजगत ने भी प्रयास किए हैं। ताऊजी और अजित वडनेरकर जी के आग्रह के कारण मैंने इन सभी तंत्रों को टटोला और इन्हें पहचानने की कोशिश की। करीब तीन घंटे तक शोध के उपरांत मैं आपको कुछ बता सकने की स्थिति में पहुंचा हूं।






बात शुरू करने से पहले मैं स्पष्ट कर देना चाहूंगा कि मैंने यहां चिट्ठाजगत के शीर्ष 40 चिट्ठों (दिनांक 11-04-09 शाम 4 बजे) की सभी तरह की रैंकिंग निकालने की कोशिश की है। इसके पीछे मेरा उद्देश्य रैंकिंग तंत्र पर शोध का रहा है, न कि किसी चिट्ठे को हल्का या भारी साबित करने का।

चिट्ठाजगत
चिट्ठाजगत हिन्दी चिट्ठों की रैंकिंग एक विशेष फार्मूले से तैयार करता है। यह फार्मूला कमोबेश यह है कि आपको कितने हवाले मिले हैं, पोस्ट आप किस आवृत्ति से लिखते हैं और आपके ब्लॉग को कितनी पसंद मिली हैं।

खूबियां- हिन्दी ब्लॉग का अकेला तंत्र होने के कारण लोकप्रिय। उचित फार्मूले के कारण रैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता।

खामियां- हवाले (बैकलिंक) वही लेता है, जो पोस्ट में हो और पोस्ट भी वह जो चिट्ठाजगत पर अवतरित हुई हो। यानी जो ब्लॉग चिट्ठाजगत पर नहीं दिखेगा उसके बैकलिंक आपकी चिट्ठाजगत रैंकिंग में कोई योगदान नहीं करेंगे। दूसरी बड़ी खामी यह है कि यह सर्वकालिक हवालों को आधार बनाता है। टॉप 40 में वे चिट्ठे भी हैं, जो महीनों से अपडेट नहीं हुए हैं। दूसरी ओर अलेक्सा पिछले तीन महीनों की और टैक्नोरेटी पिछले छह महीनों के प्रदर्शन के आधार पर रैंक देता है। ऐसे में चिट्ठाजगत पर शीर्ष 10 चिट्ठों में किसी नए चिट्ठे की एंट्री बहुत मुश्किल खेल है, क्योंकि आज का नया ब्लॉगर उनसे दो-तीन साल पीछे हो चुका है।

इस चित्र में देखिए टॉप-40 चिट्ठों को क्रम चिट्ठाजगत रैंकिंग के हिसाब से-




टैक्नोरैटी


ब्लॉग रैंकिंग का यह सार्वभौमिक मंच माना जाता है। यह बैकलिंक के आधार पर ऑथोरिटी (जैसे चिट्ठाजगत के हवाले) काउंट करता है और उसी आधार पर ब्लॉग की रैंकिंग तय करता है। यह ऑथोरिटी भी केवल पिछले छह महीने के बैकलिंक से ही तय होती है है। .यानी इसमें बने रहेने के लिए आपको निरंतर परिश्रम करना पड़ता है।

खूबियां- ब्लॉग जगत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय रैंकिंग सिस्टम, व्यावसायिक स्तर पर भी रैंकिंग को महत्व।

कमियां- यहां अगर आपने अपने ब्लॉग को रजिस्टर नहीं कराया, तो यहां आपको कोई रैंक नहीं मिलेगी। यानी रजिस्टर करना जरूरी है। टॉप 40 चिट्ठों में से कुछ ऐसे हैं, जो यहां रजिस्टर ही नहीं है (रिपोर्ट में उनके ब्लॉग के सामने ERROR लिखा गया है)। इनसे अनुरोध करूंगा कि वे इस साइट पर जाकर रजिस्टर कर लें।

इस चित्र में देखिए टॉप-40 चिट्ठों को क्रम टैक्नोरैटी रैंकिंग के हिसाब से-



अलेक्सा


यह वेबसाइट पर ट्रेफिक की हलचल जानने और अपनी रैंकिंग का निर्धारण करने का सर्वमान्य हथियार है। यह आपको दुनिया की तमाम वेबसाइटों के बीच आपकी वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग देता है। यहां आपको रजिस्टर करना भी जरूरी नहीं है। यह खुद-ब-खुद ही आपके ब्लॉग पर विजिटर्स की हलचल का पता लगा लेता है और पूरी रिपोर्ट आपको सौंप देता है। अभी हिन्दी चिट्ठों में एक भी चिट्ठा ऐसा नहीं दिखा, जो शीर्ष 1,00,000 में शामिल हो। लेकिन जल्द ही कोई न कोई ब्लॉग आपको यह खुशखबरी सुना सकता है।

खूबियां- रैंक का निर्धारण यह पिछले तीन महीने के दौरान ब्लॉग पर आए विजिटर्स का पता लगाकर करता है। यानी अगर आप थोड़े भी असक्रिय हुए तो आपकी रैंक पीछे होती चली जाएगी। यहां एक दिन, सात दिन, एक माह और तीन माह के दौरान अपनी वेबसाइट पर ट्रेफिक की स्थिति जानी जा सकती है।

कमियां- अगर आपने किसी वेबसाइट के सबडोमेन के साथ अपना ब्लॉग बनाया है तो यह उस वेबसाइट (सबडोमेन समेत) के कुल पाठकों के आधार पर ही रैंक तय करेगा। यानी अगर एक डोमेन नेम पर आप दो सबडोमेन में दो ब्लॉग चला रहे हैं तो यह दोनों की स्थित अलग से नहीं बताएगा। देखिए आवाज और हिन्द युग्म की स्थित एक ही है, क्योंकि ये दोनों एक ही डोमेन पर हैं (टैक्नोरेटी में ऐसा नहीं है)। यहां वे ब्लॉगर फायदे में दिखेंगे जो किसी वेबसाइट के सबडोमेन पर अपना ब्लॉग चला रहे हैं।

इस चित्र में देखिए टॉप-40 चिट्ठों को क्रम अलेक्सा रैंकिंग के हिसाब से-



गूगल पेज रैंक

यह रैंक एक विशेष एलगोरिदम पर आधारित है, जो कमोबेश इंटरनेट पर कहीं भी मौजूद बैकलिंक्स को ही काउंट करता है।

खूबियां- यहां रैंक को सरल रखने के लिए 10 में से अंक दिए जाते हैं। सामान्य तौर पर 4 या उससे ऊपर की पेजरैंक अच्छी मानी जाती है। शीर्ष 40 हिन्दी ब्लॉग में यह मुझे 2,3 या 4 ही मिली। वेबसाइट की व्यावसायिक साथ इसकी मदद से भी तय की जा सकती है।

कमियां- यहां धैर्य की असली परीक्षा है। पेजरैंक का एक अंक बढ़ने में काफी वक्त लग जाता है।

अगर आप अपने ब्लॉग की अलेक्सा, टैक्नोरैटी या गूगल पेज रैंक चैक करना चाहते हैं तो संबंधित शब्द पर क्लिक करें।

अंत में कहना चाहूंगा कि इस तमाम विश्लेषण के आधार पर साफ है कि हिन्दी ब्लॉगर साथी अपनी चिट्ठाजगत रैंक को लेकर तो सचेत रहते हैं, लेकिन उन्हें अलेक्सा, टैक्नोरैटी या गूगल पेज रैंक से कोई लेना-देना नहीं। अगर आप भविष्य में पेशेवर ब्लॉगर बनने का सपना संजो रहे हैं तो मेरा अनुरोध है कि इन पर ध्यान दीजिए। आज की गई मेहनत कल फलीभूत होगी। इन रैंकों को वैसे तो परिश्रम और अच्छे लेखन से ही बढ़ाया जा सकता है, लेकिन फिर भी कुछ तकनीकी चीजें इन्हें बढ़ाने में आपका सहयोग कर सकती हैं। उनकी चर्चा आगे किसी पोस्ट में-

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Friday, April 10

अच्छा है.. कोई तो है जो हिन्दी चिट्ठों पर कमाई का आश्वासन दे रहा है..


कल से कई ब्लॉगर साथी सूचना दे रहे हैं कि उन्हें किसी वेबसाइट ने अपने विज्ञापन दिखाने की पेशकश की है। वेबसाइट का नाम है WuTravel. सिंगापुर की यह वेबसाइट अपने एफिलिएट प्रोग्राम के जरिए हिन्दी चिट्ठों पर विज्ञापन दिखाने की पेशकश कर रही है। सुबह मीत जी ने जानना चाहा कि क्या इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए।






मैंने उनके पास आई मेल को मंगवाया और नियम-शर्तों को खंगाला। सबसे पहले आप उनके पास आई मेल को देखिए-
पहली मेल-
Sub- We want to place our ads on your site
Hi,

We are interested to place our ads on your site. If interested, please email me.

We, WuTravel.com, are a start up travel site in Singapore.

Best Regards,
Isabella


और दूसरी मेल-

Hi,

Here are our company current marketing packages.

1) For sites PR >= 4, and Alexa in top 100,000, and site is travel topic related, we are willing to buy ads space from SGD 100 /month, and invite them to join our affiliate program

2) For other sites, we can only offer them to join our affiliate program.

You have one good site, but your site traffic is really low. Here is our offer, we are willing to invite you join our affiliate program, and send you USD 50.00 as signup reward.

Here are main features of our affiliate program.

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2) Earn passive commission FOREVER. Every visitors, you brought to our site, generate any revenue in the future, you will ALWAYS earn 70% of them.

3) 2 Level Referral Program. Affiliates are encouraged to invite other sites to join our affiliat program, and affiliates will get 10% commission generated by other affiliates.

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Let's say that you refer 2 visitors to our site a day, and both of them click once on our hotel partners ads. Within 1 year, you will make USD 292 (one click USD 0.40, 0.40 * 2 * 365 = 292).

But wait. For those visitors from your site, they come to our site and generate revenue in the future (1 year, 5 years, 10 years ...), you will still earn commission, even though your site maybe not exist any more. :)

If you can redirect more visitors to our site, you can calculate how much $$$ you will earn!!!!!

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Please reply me If you are willing to accept our offer, then I will open an affiliate account for you right now, after you put on our banner on your site, I will deposit the money for you.:)

Regards,

Isabella


आइए, अब मैं इन सेवा शर्तों के बारे में आपको विस्तार से बताता हूं।

यह सिंगापुर की ट्रेवल वेबसाइट है और इसका दुनियाभर में कई होटलों के साथ गठजोड़ है। यह अपने व्यवसाय को बढ़ाने और होटलों के विज्ञापन से अपना मुनाफा कमा रही है। इसके लिए यह ब्लॉग और वेबसाइटों की मदद ले रही है। भारत में भी कई होटल इसके साथ अनुबंधित है यही वजह है कि इसने हिन्दी चिट्ठों को भी अपना लक्ष्य बनाया है।

यह वेबसाइट नियत भुगतान 100 सिंगापुर डॉलर (करीब 3275 रुपए) प्रतिमाह पर एडस्पेस उन्हीं ब्लॉग्स से खरीदेगी जिनकी गूगल पेजरैंक 4 या उससे ऊपर हो और अलेक्सा रैंकिंग में वह ब्लॉग टॉप 1,00,000 में हो। साथ ही वह भ्रमण विषय पर लिखी जा रही हो। हिन्दी ब्लॉग संसार में इन शर्तों को पूरा करने वाला ब्लॉग मेरी नजर में संभवतः नहीं है। हिन्दी ब्लॉग टिप्स की गूगल पैजरैंक 3 है और अलेक्सा रैंकिंग करीब 6 लाख। इस लिहाज से यह ऊपर की दो शर्तों को पूरा करने के काफी करीब है। (गूगल पेज रैंक और अलेक्सा रैंकिंग पर अलग से पोस्ट लिखने की तैयारी कर रहा हूं)।

इससे कम ट्रेफिक वाले ब्लॉग्स को यह केवल अपने एफिलिएट प्रोग्राम से जुड़ने का प्रस्ताव दे रही है। एफिलिएट प्रोग्राम के तहत आपको अपने ब्लॉग पर इस वेबसाइट के विज्ञापन लगाने होते हैं और इन पर क्लिक के बदले आपको पैसा मिलता है। पूरी जानकारी ऊपर दूसरी मेल में दी गई है।

अगर आपको कंपनी की ओर से ई-मेल मिलती है और अगर आप प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं तो आपके खाते में शुरुआती स्तर पर 50 डॉलर जोड़ दिए जाते हैं। जैसे ही आपके अकाउंट में 100 डॉलर हो जाते हैं, कंपनी आपको भुगतान करने का दावा करती है। भुगतान PayPal अकाउंट में किया जाता है।

सभी शर्तें देखने के बाद मेरा मानना है कि इस तरह 100 डॉलर तक पहुंचना मुश्किल है। लेकिन साथ ही मैं यह भी कहना चाहूंगा कि अगर इस कार्यक्रम के साथ जुड़ा जाए तो बुराई भी क्या है। अगर फायदा नजर नहीं आया तो आप जब चाहें इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम से जुड़ना चाहें तो यहां क्लिक कर सकते हैं।

खाता बनाने के बाद आपको ई-मेल पर लॉग-इन नेम और पासवर्ड दिया जाता है। उसके बाद अपने खाते में जाकर विज्ञापन के लिए कोड हासिल कर सकते हैं। विज्ञापन का एक नमूना देखिए-




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अंत में कहना चाहूंगा कि अगर यह वेबसाइट हिन्दी चिट्ठों को अपने कार्यक्रम से जुड़ने का प्रस्ताव दे रही है तो आप खुद समझ लीजिए कि हिन्दी ब्लॉग की दुनिया पेशेवर दहलीज पर कदम रखने के कितनी दूरी पर है?? एडसेंस टीम .. आप इसे पढ़ रहे हो न...

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Thursday, April 9

तोड़ दीजिए ब्लॉग के भाषाई बंधन

अशोक पाण्‍डेय जी ने पिछले हफ्ते सवाल पूछा था, "आशीष भाई, ब्‍लॉग पर पेज को अंग्रेजी में ट्रांसलेट करनेवाला बटन कैसे लगाया जाता है ? मेरा मतलब भाषा से है, सिर्फ लिपि से नहीं।" यह सवाल सुनते ही मेरे दिमाग में गूगल ट्रांसलेशन सुविधा और इसके हिन्दी-अंग्रेजी अनुवाद की तमाम खामियां घूमने लगीं। एक बार तो मैंने सोचा कि अशोक जी को कहा जाए कि यह अनुवाद किसी काम का नहीं.. अर्थ का अनर्थ कर देता है। लेकिन फिर मुझे अपने एक ऐसे अमेरिकी दोस्त की याद आई, जिसे हिन्दी बिल्कुल नहीं आती। यकीन मानिए कि वह गूगल ट्रांसलेशन की मदद से मेरे ब्लॉग को अंग्रेजी में अनूदित कर पढ़ता है और उसे पता होता है कि मैंने पोस्ट में क्या लिखा है।





अगर ब्लॉग पर एक छोटा सा ऐसा बटन लगा दिया जाए, जो ब्लॉग का दुनिया की किसी भी भाषा में अनुवाद कर सके, तो बुराई ही क्या है। हो सकता है कि दूसरी भाषा का पाठक आपके लेख से जो जानकारी पाना चाहता है, उसे वह इस आंशिक अनुवाद से ही मिल जाए। इसी वजह से मैं आज आपके लिए गूगल ट्रांसलेट विजेट पेश कर रहा हूं। यह आपके ब्लॉग की साइडबार में कुछ ऐसा दिखेगा-



इसे आप अपने ब्लॉग पर नीचे दिए गए बटन की मदद से आसानी से लगा सकते हैं-


यह तो आपको पता होगा ही कि चिट्ठाजगत के गिरगिट और ब्लॉगवाणी के इंडीनेटर की मदद से ब्लॉग को भारतीय भाषाओं की लिपियों में रूपांतरित (अनुवाद नहीं) किया जा सकता है। आप गिरगिट को यहां से और इंडीनेटर को यहां से अपने ब्लॉग पर ले जा सकते हैं।

अब एक जरूरी सूचना- अगर आप अंग्रेजी को पसंद नहीं करते हैं तो यह सूचना आपके लिए है। कई बार कुछ ज़रूरी वेबसाइटें देखनी पड़ती हैं और अगर उनकी सामग्री अंग्रेजी या किसी दूसरी भाषा में होती है, तो उन्हें पढ़ने की इच्छा ही नहीं होती। मैं आपको एक ऐसा बटन दे रहा हूं, जो किसी भी वेबसाइट को हिन्दी में अनुवादित कर देता है। हालांकि यह अनुवाद स्तरहीन हो सकता है, लेकिन फिर भी आप हिन्दी में यह तो समझ ही सकते हैं कि आखिर उस वेबसाइट पर क्या बात हो रही है।

Translate in Hindi

ऊपर लिखे गए Translate in Hindi पर राइट क्लिक कीजिए औऱ "Add to Favorites" का विकल्प चुन लीजिए। इसके बाद जैसे ही आपको किसी वेबपेज का अनुवाद करने की जरूरत हो तो आप Favorites लिस्ट में जाइए और Translate in HINDI पर क्लिक कर दीजिए। पल भर में आपका वेबपेज हिन्दी भाषा में रूपांतरित हो जाएगा।

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Monday, April 6

"हिन्दी ब्लॉग टिप्स" की सालगिरह है आज







छह अप्रेल, 2008 को जब हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर पहली पोस्ट लिखी गई थी, तो पता ही नहीं था कि यह सफर इस मुकाम तक आ पहुंचेगा। इस 365 दिन की अल्पावधि में मिले पाठकों के असीम प्यार और अनंत सहयोग से मैं अभिभूत हूं और इसी की बदौलत मैं खुद को गौरवान्वित महसूस करता हूं। आप सभी का तहेदिल से आभार कि आपने इस ब्लॉग को स्वीकार किया और मुझे आपके साथ सम्प्रेषण का मौका दिया। "हिन्दी ब्लॉग टिप्स" आज इस शुभ दिवस पर आशीर्वाद की आकांक्षा के साथ सभी साथियों का धन्यवाद ज्ञापित करता है।



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Saturday, April 4

अनचाही फोन कॉल वाले मोबाइल नंबर की लोकेशन का पता लगाइए..


कुछ दिनों से एक मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आ रही थी। कोई लड़की बात करती और कहती गोवा से बोल रही है। मैंने कई बार कहा कि मुझे उससे बात नहीं करनी और वो मुझे आगे से फोन नहीं करे। लेकिन यह सिलसिला चलता रहा। मामला हद से तब गुजर गया, जब तीन दिन पहले उसका कॉल मेरे फोन पर रात में ठीक 12 बजे आया। मैं गुस्से से लाल-पीला हुआ और मैंने फोन उठा लिया।





उसके बाद क्या हुआ?? मैं अप्रेल फूल बन गया जी.. वो मेरी छह साल पुरानी एक दोस्त थी और जयपुर से ही बात कर मुझे उल्लू बनाने का प्रेंक खेल रही थी। पहली अप्रेल के आगाज के साथ ही उसने मुझे अप्रेल फूल बना दिया था। तभी मुझे लगा कि हर फोन की लोकेशन का तो पता होना ही चाहिए। अगर मैं यह पता कर लेता कि यह फोन गोवा से नहीं, बल्कि राजस्थान से ही है तो मेरी इस तरह किरकिरी नहीं होती।

लैंडलाइन फोन में नंबर से पहले कोड को देखकर पता लगाया जा सकता है, लेकिन मोबाइल फोन में ऐसी सुविधा नहीं है। इसलिए मैंने इंटरनेट की मदद ली और इस साइट की मदद से कुछ ऐसी साइटें ढूंढ़ निकालीं, जो नंबर भरते ही आपको मोबाइल फोन के कनेक्शन की लोकेशन बता देती है। आप नीचे दी गई वेबसाइटों में से किसी को भी इस काम के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं-

भारतीय मोबाइल

हैकट्रिक्स

इन्फॉर्मेशन मैडनेस

टॉप2लोकेशंस (अंतरराष्ट्रीय कॉल के लिए)


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Wednesday, April 1

विज्ञापन लगाइए, हिन्दी चिट्ठे से 5000 रुपए महीना कमाइए

अपडेट-- यह पोस्ट 1 अप्रेल 2009 को लिखी गई थी। कृपया इसे उसी संदर्भ में लिया जाए..

आखिर वह दिन आ ही गया, जब आपका हिन्दी चिट्ठा आपके लिए कमाऊ पूत साबित होने जा रहा है। प्रमुख इंटरनेट कंपनी लूफलिरपा हिन्दी ब्लॉग्स के लिए एडसेंस की तर्ज पर स्थानीय विज्ञापनों का बाजार खोलने जा रही है। आप इस वेबसाइट पर अपने ब्लॉग को आसानी से रजिस्टर करा सकते हैं और विज्ञापनों के बदले एक सुनिश्चित आय पा सकते हैं। कमाल की बात यह है कि यहां आपकी कमाई विज्ञापनों पर क्लिक से नहीं, बल्कि उन्हें दिखाने से होती है। यानी एक बार विज्ञापन लगाने के बाद हर महीने 5000 रुपए से लेकर 15000 रुपए तक की सुनिश्चित आय आपके खाते तक पहुंच जाती है।





अगर आप इस वेबसाइट पर अपने ब्लॉग को रजिस्टर कराना चाहते हैं तो नीचे दी गई तस्वीर पर क्लिक कीजिए। लेकिन ध्यान रखिए कि रजिस्ट्रेशन तभी मान्य होगा, जब आपका ब्लॉग कम से कम छह महीने पुराना हो और इस पर पचास से ज्यादा पोस्ट हो चुकी हो।



:) .. अगर यह विजेट आप अपने ब्लॉगर ब्लॉग पर लगाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कीजिए। निर्देशों का अनुसरण करते ही यह विजेट आपके ब्लॉग की साइडबार में होगा।



आज का दिन गुजरने के बाद इसे लेआउट फीचर में जाकर एक क्लिक पर डिलीट भी किया जा सकता है।

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