Thursday, February 26

Google Friend Connect के फायदे और नुकसान

पिछली पोस्ट में आपको बताया गया था कि अब ब्लॉगर का Follower फीचर Google Friend Connect से जुड़ गया है और नए रंग में नजर आने लगा है। नया फीचर है तो बहुत सारी नई सुविधाएं भी मिली हैं.. साथ ही कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी वजह से इसे बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता।






गूगल फ्रेंड कनेक्ट के फायदे

1. आपके ब्लॉग का पाठक केवल गूगल अकाउंट होल्डर ही नहीं होता। यहां गूगल के अलावा याहू, एआईएम और ओपनआईडी जैसे नेटवर्क के लॉग-इन भी काम करते हैं। पिछले फीचर के लिए केवल गूगल अकाउंट ही मान्य थे।

2. गूगल फ्रेंड कनेक्ट पाठकों को आपके ब्लॉग से ज्यादा गहराई से जुड़ने में सहायता करता है। यहां वे अपने अकाउंट में लॉग-इन करने के बाद आपसे और अपने अन्य ब्लॉग मित्रों से जुड़े रह सकते हैं और अपने ब्लॉग संपर्क बढ़ा सकते हैं।

3. यहां फोलोवर्स के फोटो पर क्लिक करते ही उनका परिचय, उनके ब्लॉग और उनके मित्रों की जानकारी झट से मिल जाती है।

4. अपने सभी फोलोवर्स एक ही विंडो में more ऑप्शन पर क्लिक कर देखे जा सकते हैं। पिछले फीचर में अलग विंडो में जाना पड़ता था।

5. यहां गूगल और ब्लॉगर के अलावा ऑरकुट, फेसबुक, मायस्पेस, ट्विटर और प्लेक्सो जैसे सोशल नेटवर्क के मित्रों को भी अपने ब्लॉग के साथ जोड़ा जा सकता है। (सबसे नीचे Invite your friends का विकल्प है। )


गूगल फ्रेंड कनेक्ट के नुकसान

1. इसकी स्क्रिप्ट लोड होने में वक्त लेती है और आपके ब्लॉग का खुलने का वक्त थोड़ा बढ़ जाता है। (यही वजह है कि हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर इसे मैंने नीचे सरका दिया है और आपको भी मैं ऐसा ही करने की सलाह देता हूं।)

2. फोलोवर फीचर में नए सदस्य सबसे आगे और शेष क्रमानुसार दिखते थे। गूगल फ्रेंड कनेक्ट के जुड़ जाने के बाद ऐसा नहीं है अर्थात आपकी सदस्य संख्या तो बढ़ती जाएगी, लेकिन नए सदस्य सबसे आगे नहीं दिखेंगे।

3. जो लोग सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के पक्ष में नहीं हैं, उन्हें यह फीचर थोड़ा परेशान कर सकता है, क्योंकि इसके जरिए आपके मित्र आपको जुड़ने का अनुरोध भेजते हैं और आपको जुड़ना पड़ता है।

4. यहां रातोरात फोलोवर संख्या बढ़ाना काफी आसान है। ई-मेल पर अपने सभी मित्रों को इनवाइट कर लीजिए। वे आते जाएंगे और आपका नेटवर्क बढ़ता जाएगा। इसके अलावा फर्जी ई-मेल पतों का इस्तेमाल कर भी फोलोवर संख्या आसानी से बढ़ने का अंदेशा है। पहले यह इतना आसान नहीं था।

इसके अलावा आप गूगल फ्रेंड कनेक्ट साइट पर जाकर वहां मौजूद फीचर से और भी सुविधाएं पा सकते हैं।

ज्यादा जानकारी यहां भी उपलब्ध है।

मदद के लिए यहां क्लिक करें।

और अधिक जानकारी के लिए ये वीडियो देखे जा सकते हैं-





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ब्लॉग पर क्यों दिख रहा है Google Friend Connect ?

अगर आपने अपने ब्लॉगर ब्लॉग पर Follower फीचर लगाया है, तो आज आप एक परिवर्तन महसूस कर रहे होंगे। यहां Followers की सपाट सूची की जगह आपको Google Friend Connect का बक्सा नजर आ रहा होगा। पिछली पोस्ट में बता दिया गया था कि गूगल Friend Connect सेवा को फॉलोवर फीचर के साथ जोड़ने की तैयारी में है। यह काम लगभग पूरा हो चुका है और आज से अधिकांश ब्लॉग इसे दिखाने लगें हैं।



सवाल उठता है कि Google Friend Connect के ब्लॉगर से जुड़ने के क्या फायदे हैं और क्या नुकसान। इसकी पड़ताल करने वाली पोस्ट शाम को प्रकाशित होगी।






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Tuesday, February 24

खोए फोलोवर फिर से पाने की जुगत

अल्पना जी ने एक लिंक भेजकर उस वजह का खुलासा कर दिया है, जिसके कारण सभी ब्लॉग्स पर फोलोवर संख्या कम दिख रही है। इसकी वजह ब्लॉगर प्रशासन की ओर से की गई सैटिंग में एक छोटी सी छेड़छाड़ है। दरअसल ब्लॉगर गूगल फ्रेंड कनेक्ट को ब्लॉगर के साथ जोड़ने की जुगत में है। ऐसे में उसने उन फोलोवर्स को अपनी मर्जी से बेनामी कर दिया है, जो पहले कभी गूगल फ्रेंड कनेक्ट से जुड़ चुके हैं। अगर वे अपने डैशबोर्ड पर जाकर स्टेटस को बेनामी से सार्वजनिक कर दें तो वे फिर से फोलोवर लिस्ट में दिखने लगेंगे।





अब आप यह जांचिए कि क्या आपको भी अपने स्टेटस में बदलाव करने की जरूरत है। इसके लिए सबसे पहले अपना प्रोफाइल पेज देखिए। (डैशबोर्ड पर व्यू प्रोफाइल)

अगर यहां आपको उन ब्लॉग्स की सूची दिख रही है, जिन्हें आपने फॉलो किया है, तब तो आपको किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं।

अगर आपको सिर्फ अपने ही ब्लॉग दिख रहे हैं और आपके फोलो किए गए दूसरे ब्लॉग की सूची नहीं दिख रही तो आपको स्टेटस में बदलाव की जरूरत है।

बदलाव कैसे करें-

1. डैशबोर्ड पर जाएं

2. यहां आपको अपने ब्लॉग की सूची के नीचे Reading List मिलेगी। यह वह बक्सा है, जहां आपको फॉलो किए गए ब्लॉग्स की अपडेट मिलती है।

3. यहां नीचे MANAGE बटन है। इस पर क्लिक कीजिए।



4. अगली विंडो में स्टेटस को बेनामी (Ananomous) से सार्वजनिक (Public) कर दीजिए।



यह फीचर ऑटो सेव है, इसलिए इसे सेव करने की जरूरत नहीं। बस आप इसे Public पर सैट कर छोड़ दीजिए। सेव अपने आप हो जाएगा।

अब आप सफलतापूर्वक अपने सभी पसंदीदा ब्लॉग्स की फोलोवर सूची में सार्वजनिक रूप से शामिल हो गए हैं।

नोट- 1. अगर आप किसी तरह का बदलाव नहीं किया तो भी आप अपनी सूची में ब्लॉग्स की अपडेट पाते रहेंगे।
2. अगर आप अपने खोए फोलोवर मित्रों को फिर से सूची में देखना चाहते हैं तो कृपया यह विधि उन्हें ई-मेल कर दें। आप यहां क्लिक कर आसानी से इस पोस्ट को अपने मित्र को मेल कर सकते हैं।


इस परिवर्तन की आधिकारिक ब्लॉगर सूचना यहां है-


Update From Blogger :

"You may have noticed the number of your public Followers has decreased
over the last few hours. We are in the process of integrating with
Friend Connect.

There is small set of users that already use both Blogger Following
and Friend Connect. To avoid linking the profiles of Blogger and
Friend Connect users without their permission, we have set these users
to "anonymous". They are still following privately and will able to
make themselves public again.

With the official launch of the Friend Connect integration, we will
communicate with the affected users to encourage them to reset their
relationship to public. To reiterate, the number of Followers has not
changed, and we believe that the launch will improve the visibility of
your blog and community. We will post more details on Blogger Buzz and
here as the launch approaches.

Thanks for your patience,

Gatsby
The Blogger Team



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क्या आपके फोलोवर भी गुम हो गए?

आज सुबह ताऊ का मेल मिला कि उनके ब्लॉग के फोलोवर आधे ही रह गए। उनके बाद रंजू जी और आशुतोष जी ने भी यही शिकायत की। मैंने जब अपना खाता जांचा तो पता चला कि वहां भी सेंधमारी हो चुकी है। कल शाम तक 228 फोलोवर थे जो आज 179 रह गए हैं।



जब इस संबंध में ब्लॉगर के आधिकारिक ब्लॉग Blogger Buzz पर गए तो पता चला कि यह रिडायरेक्ट होकर गूगल के होमपेज पर ही खुल रहा है। माजरा भांपने के लिए ब्लॉगर हेल्प की मदद भी ली, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। मौटे तौर पर लग रहा है कि ऐसा ब्लॉगर सर्वर में किसी तरह की खामी की वजह से हो रहा है। अगर आपके पास इससे जुड़ी कोई सूचना हो तो टिप्पणी के माध्यम से शेयर कर सकते हैं।

अपडेट- थोड़ी पड़ताल करने पर पता चला है कि कुछ प्रोफाइल में उन ब्लॉग्स की सूची ही गायब हो गई है, जो यह बताती है कि आप किन ब्लॉग्स के फोलोवर हैं। मेरा प्रोफाइल भी इनमें शुमार है।


अपडेट-2 वजह पता चल चुकी है और अगर आप फोलोवर्स फीचर को दुरुस्त करना चाहते हैं तो अगली पोस्ट पढ़िए।

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Saturday, February 21

हिन्दी ब्लॉग जगत में भर्तियां.. (व्यंग्य)

Recruitment भारतीय चिट्ठा सेवा (हिन्दी विभाग) के लिए विभिन्न पदों पर रिक्तियां निकाली गई हैं। पदनाम, कार्यक्षेत्र, योग्यता, अनुभव और वेतन शृंखला की जानकारी संबंधित पद के साथ दी गई है। अभ्यर्थी एक से ज्यादा पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। महिलाओं व विशेष श्रेणी के चिट्ठाकारों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।




1. टिपियण अधिकारी (Comment Officer)

कार्यक्षेत्र- सभी हिन्दी चिट्ठों पर टिप्पणियां पढ़ना, तर्कसंगत टिप्पणियां करना ( एक दिन में कम से कम 100 अपेक्षित)
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं (वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयुक्त)
अनुभव- कम से कम पांच चिट्ठों की शीर्ष टिप्पणीकार सूची में शामिल होना अनिवार्य, चिट्ठाकारी में लंबा अनुभव वांछनीय
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

2. पहेली सहायक (Riddle Assistant)

कार्यक्षेत्र- हिन्दी चिट्ठों पर चल रही विभिन्न पहेलियों के जवाब देना, पहेली के एक नए ब्लॉग निर्माण में सहयोग
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं (युवा व ऊर्जावान अपेक्षित)
अनुभव- इंटरनेट पर शोध का लंबा अनुभव, पहेली संचालन के अनुभवी को प्राथमिकता, ताऊ पहेली के विजेताओं को वरीयता
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

3. प्रविष्ठि सलाहकार (Post Advisor)

कार्यक्षेत्र- नई प्रविष्ठि के विषय सुझाना (दूसरे चिट्ठों को देखकर प्रेरित होने की छूट)
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं
अनुभव- चिट्ठा लेखन का अनुभव, कॉपी-पेस्ट में महारथियों को प्राथमिकता
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

4. चिट्ठा भ्रमणकर्ता (Blog Visitor)

कार्यक्षेत्र- सभी हिन्दी चिट्ठों पर दैनिक भ्रमण, हर नए तथ्य को प्रबंधन तक पहुंचाना
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं (छह गुणा छह आंखों वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता)
अनुभव- निर्बाध ब्लॉग पठन का लंबा अनुभव अनिवार्य, हिन्दी संकलकों की समझ वांछनीय
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

5. विवाद अन्वेषक (Controversy Explorer)

कार्यक्षेत्र- चिट्ठा संसार में चलने वाले हर विवाद की पड़ताल और तदनुरूप किसी भी हाल में उसमें पड़ने की संभावना का पता लगाना
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं (महिलाओं को प्राथमिकता)
अनुभव- हंगामा और विवाद मचाने का अनुभव वांछनीय, चिट्ठा संसार में लोकप्रियता अनिवार्य
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

6. आशुकवि (Spontaneous Poet)

कार्यक्षेत्र- किसी प्रविष्ठि के लिए या टिप्पणी पर आशुकविता की रचना, लेखन का अन्य विषय नहीं मिलने पर तुरंत कविता हाजिर करने का दायित्व
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं
अनुभव- तुकबंदी में माहिर और चिट्ठों पर कविताएं पढ़ने का लंबा अनुभव
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

7. चिट्ठासंपर्क अधिकारी (Blog Relations Officer)

कार्यक्षेत्र- चिट्ठा लेखकों और पाठकों के साथ सौहार्द्रपूर्ण और सुमधुर संबंधों का निर्माण
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं (महिलाओं को प्राथमिकता)
अनुभव- इस पद के लिए वह चिट्ठाकार सर्वाधिक उपयुक्त है, जिसके ब्लॉग पर सबसे ज्यादा टिप्पणियां आती हैं।
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

8. गोठ/कार्यक्रम प्रबंधक (Meet/Event Manager)

कार्यक्षेत्र- चिट्ठा गोठ (ब्लॉगर मीट) का आयोजन और प्रबंधन, ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को जुटाने का दायित्व
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं
अनुभव- चिट्ठा गोठ करा चुके अभ्यर्थी को प्राथमिकता, सामूहिक चिट्ठों के लेखकों को वरीयता
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

9. लेखा प्रबंधक (Accounts Manager)

कार्यक्षेत्र- ठाले बैठने का काम, भविष्य में (4-5 साल बाद) कमाई हुई तो वित्त देखने की जिम्मेदारी, फिलहाल प्रविष्ठियों और टिप्पणियों का हिसाब किताब और उनकी दूसरे चिट्ठों के साथ तुलना
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं (युवक-युवतियों को प्राथमिकता)
अनुभव- नए चिट्ठाकारों के लिए उपयुक्त
वेतन- चिट्ठाउद्योग में सर्वाधिक

10. चिट्ठा मुखबिर (खबरिया) (Blog Intelligence Officer)

कार्यक्षेत्र- नामचीन चिट्ठाकारों के पल-पल की खबर जुटाना, कहां टिप्पणी कर रहे हैं, किसके साथ फोन पर बात कर रहे हैं, भविष्य में कौनसी पोस्ट कर रहे हैं, परदे के पीछे क्या चल रहा है आदि
आयुसीमा- कोई सीमा नहीं
अनुभव- हिन्दी ब्लॉग जगत में लंबा अनुभव, चिट्ठाकारों के बीच अच्छी पैठ, स्पष्ट छवि।
वेतन-
योग्यतानुसार

किसी भी पद हेतु आवेदन टिप्पणी के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन करने की कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है। टिप्पणी में उस पद का नाम जरूर लिखें, जिसके लिए आप आवेदन करना चाहते हैं।

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Thursday, February 19

क्या आप पोस्ट शिड्यूल करते हैं?

कुछ ब्लॉगर साथी जानना चाहते हैं कि कुछ ब्लॉग्स पर हर पोस्ट निश्चित समय पर कैसे प्रकाशित होती है (मिसाल के तौर पर रामपुरिया का हरियाणवी ताऊनामा और मानसिक हलचल)? प्रकाशन का समय न एक मिनट आगे और न एक मिनट पीछे। ऐसा पोस्ट को शिड्यूल कर किया जा सकता है। शिड्यूल्ड पोस्ट का मतलब है कि पोस्ट भले ही आप कब भी लिखें, उसे मनचाहे समय पर प्रकाशित कर सकते हैं। जानते हैं पोस्ट को शिड्यूल करने का तरीका-

1. पोस्ट लिखने वाला बक्सा (पोस्ट एडिटर) खोल लीजिए और उसमें अपनी पोस्ट लिख लीजिए।

2. नीचे Post Options पर क्लिक कीजिए।

3. दाहिनी ओर आपको Post date and time लिखा दिखाई देगा।

4. इसके नीचे दिए गए बक्सों में आप वह दिनांक और समय भर दीजिए, जब आप अपनी पोस्ट का प्रकाशन चाहते हैं।



5. PUBLISH POST पर क्लिक करते ही आपकी पोस्ट का प्रकाशन उसी वक्त होगा, जो आपने ऊपर तय किया है।

नोट- शिड्यूल्ड पोस्ट का विकल्प अपनाने से पहले अपने ब्लॉग की टाइम सैटिंग भारतीय समय के अनुसार कर लें। इसका तरीका इस पोस्ट में दिया गया है।

शिड्यूल्ड पोस्ट के फायदे-

1. ब्लॉग पर नियमितता आती है।

2. अगर आप छुट्टियां बिता रहे हैं और ब्लॉगिंग से दूर हैं, तब भी आपकी पोस्ट पाठकों तक पहुंच सकती है।

3. शनिवार और रविवार को पूरे हफ्ते की पोस्ट लिखी जा सकती हैं और इस विधि से उनका प्रकाशन हफ्ते भर तक किया जा सकता है।






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Tuesday, February 17

ट्यूजडे टैंगी हो गया..

अपुन को तो टैंगी ट्यूजडे का मतलब भी नहीं पता। पर आप सब के सहयोग से हिन्दी ब्लॉग टिप्स का ट्यूजडे टैंगी हो गया। कैसे?? हिन्दी ब्लॉग टिप्स की पिछली पोस्ट पचासों टिप्पणियां पाने के नुस्खे.. को ब्लॉगअड्डा वेबसाइट ने इस हफ्ते की टैंगी ट्यूजडे लिस्ट में शुमार किया है। यह बात और है कि पचासों कमेंट पाने के नुस्खे सिखाने वाली पोस्ट खुद 50 कमेंट हासिल नहीं कर पाई (अभी तक संख्या 48 है)।

अब जरा यह लिंक देखिए- BlogAdda’s Tangy Tuesday Picks - Feb. 17, 09′

यहां हिन्दी ब्लॉग टिप्स की पिछली पोस्ट के बारे में ऐसा कहा गया है-


हिन्दी ब्लॉग टिप्स यह सम्मान पाने वाला हिन्दी लेखन के क्षेत्र में संभवतः पहला ब्लॉग है। यहां हिन्दुस्तान के समूचे ब्लॉग संसार (अंग्रेजी व अन्य भाषाएं) से प्रविष्ठियां चुनी जाती हैं। यह उपलब्धि हिन्दी ब्लॉग टिप्स के सभी पाठकों को सादर समर्पित है।


ब्लॉगअड्डा की ट्विटर अपडेट यहां है








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Saturday, February 14

पचासों टिप्पणियां पाने के नुस्खे.. (व्यंग्य)





किसी साधारण सी पोस्ट पर 50 से ज्यादा टिप्पणियां (असाधारण लेखन वाले वरिष्ठ ब्लॉगर साथियों की बात यहां नहीं की जा रही है)। ऐसा करिश्मा आप भी हिन्दी ब्लॉग जगत में अक्सर देखते ही होंगे। यह कैसे? क्या वे किसी 'टिप्पणी लिक्खाड़' एजेंसी के सदस्य है? क्या वे टिप्पणियों के बदले कोई अनूठी पेशकश करते हैं? फिर ऐसा क्या है जो आम ब्लॉगर टिप्पणियों की संख्या दहाई तक भी नहीं पहुंचा पाता और इन साथियों का 'टिप्पणी मीटर' है कि रुकने का नाम ही नहीं लेता। टिप्पणियां न पाने वाले साथियों का दुखड़ा सुनकर थोड़ी सी पड़ताल की गई है। पड़ताल के रोचक नतीजों को यहां ज्यादा टिप्पणियां पाने के शीर्ष 10 नुस्खों के रूप में प्रकाशित किया जा रहा है।


1. जी भर के टिपियाइए

यह तो आधारभूत नियम है- जैसा करोगे वैसा भरोगे। आप खुद तो टिप्पणियां करते नहीं और चाहते हैं कि दूसरे लोग आपकी पोस्ट पर अपना की-बोर्ड कूटे। ऐसा भी कभी हो सकता है भला। आप ज्यादा टिप्पणियां पाने वाले सभी ब्लॉगर साथियों को देखें। वे दूसरे ब्लॉग्स के शीर्ष टिप्पणीकार सूची में सबसे आगे होंगे। और कुछ नहीं सूझता तो कुछ नमूने की संक्षिप्त टिप्पणियां यहां सुझाई जा रही हैं- 'बहुत खूब', 'बहुत बढिया..... ', 'बहुत सुंदर', 'जानकारी देने का बहुत बहुत धन्‍यवाद' आदि आदि। एक बार आप टिप्पणियां करने लगे तो कुछ ही दिन में केवल पोस्ट का शीर्षक देखकर ही पोस्टसम्मत टिप्पणी करने का हुनर सीख जाएंगे।

2.'चौधरी' या 'पटेल' बन जाइए

मैं जात-पात की बात नहीं कर रहा हूं। मैं तो 'ब्लॉग जागीरदारी' की बात कर रहा हूं। आप अपने ब्लॉग पर ऐसी सुविधा शुरू कर दीजिए, जो दूसरे ब्लॉग्स की अच्छी-बुरी पोस्ट की समीक्षा करे। फलां पोस्ट में फलां चीज अच्छी थी और फलां जी ने फलां मुद्दे पर फलां बात सार्थक लिखी। या किसी ब्लॉग-मंच से जुड़ जाइए। एक बार आप जागीरदारों की जमात में शामिल हो गए तो फिर देखिए। लोग आपको खुश करने के लिए आपके निजी ब्लॉग पर टिप्पणियों के रूप में क्या-क्या नहीं लिखते। ब्लॉग संसार में जीना है तो जागीरदार को तो खुश रखना ही पड़ेगा न।

3. मास्टरजी की तरह अंक बांटिए

टिप्पणी पाने का यह तरीका भी बहुत लोकप्रिय है। आप अपने ब्लॉग पर किसी भी तरह की पहेली या दिमागी कसरत की कार्यवाही शुरू कर दीजिए। पहेली का सही जवाब बताने के अंक बांटिए। फिर देखिए टिप्पणियों की झमाझम। खुद को विजेता देखने का शौक किसे नहीं होता। साथ ही जो पाठक सही जवाब नहीं देंगे वे भी किसी न किसी तरह से पहेली मास्टरजी का ध्यान आकर्षित करने के लिए टिप्पणियां करेंगे। आपकी टिप्पणियों की संख्या बढ़ती जाएगी।

4. विवाद को जन्म दीजिए

यह तरीका तभी अपनाइए, जब ऊपर वाले तीनों तरीके आपके लिए ज्यादा कारगर साबित न हो। अब ब्लॉग जगत का ध्यान बंटाने के लिए आप विवाद को जन्म दीजिए। किसी भी लोकप्रिय ब्लॉग पर जाइए और वहां प्रकाशित किसी बात या टिप्पणी को तूल तूल देते हुए अपने ब्लॉग पर एक पोस्ट लिखिए। तिल का ताड़ बना दीजिए। फिर देखिए, उस लोकप्रिय ब्लॉगर का विरोधी खेमा किस तरह से आपके ब्लॉग पर आपके समर्थन में जुटता है। वैसे यह काम दो ब्लॉगर आपसी समझ-बूझ से एक-दूसरे पर छींटाकशी से भी कर सकते हैं, क्योंकि इसका फायदा तो दोनों को ही होने वाला है।

5. पंगे लेना शुरू कीजिए


यह विवाद की दूसरी सीढ़ी है। इसमें आप सीधे ही लिख दीजिए कि फलां जी की यह बात मुझे पसंद नहीं आई। मैं इसका जवाब दे सकता था, लेकिन दे नहीं रहा हूं। इससे आप पंगेबाज बन जाएंगे और जिनसे आप पंगा ले रहे हैं, वे बदले की कार्यवाही करेंगे तो भी फायदा आपको ही होगा। आपकी टिप्पणियों की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। और जब आपका मकसद कामयाब हो जाए, बड़ी विनम्रता के साथ उनसे माफी मांग लीजिए। सुलह की साजिश पर भी एक पोस्ट लिख दीजिए और टिप्पणियां कमाते रहिए।

6. 'खास' शब्दों का सहारा लीजिए

अब ये 'खास' शब्द कौनसे हैं? अमा यार इतने भोले भी मत बनो। इस बात से तो आप सहमत ही होंगे कि जब भी आप ब्लॉगवाणी या चिट्ठाजगत पर पोस्ट का भंडार देख रहे होते हैं तो कई बार किसी पोस्ट के किसी 'खास' शब्द पर आपकी निगाह पड़ती है तो आप तपाक से उस पोस्ट को खोल लेते हैं। उसके बाद उसे एक सांस में पूरी पढ़ जाते हैं। और अंत में जिज्ञासा शांत नहीं होने पर टिप्पणी कर ही देते हैं। आप भी तो इस हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं।

7. खास चित्रों का सहारा लीजिए

अगर आप खास चित्रों को भी 'खास' शब्दों के संदर्भ में देख रहे हैं तो आप गलत हैं। यहां बात उन चित्रों की नहीं हो रही है। क्योंकि अगर आपने वैसे चित्र अपने ब्लॉग पर टांग दिए तो कोई आपके ब्लॉग की छवि तो खराब होगी ही, साथ ही पाठक भी कम हो जाएंगे। ये खास चित्र हैं, ऐसे चित्र जो अजीबोगरीब हों। या तो असामान्य हों या फिर समझ ही नहीं आएं। लोग उन चित्रों के कौतूहल को लेकर भी टिप्पणी करेंगे।

8. पर्सनल मेल भेजकर टिप्पणी का अनुरोध कीजिए

मार्केटिंग का जमाना है। पोस्ट की मार्केटिंग भी तो जरूरी है। कमेंट ज्यादा मिलें, इसके लिए सबसे पहले धुरंधर और अनुभवी टिप्पणीकारों के ई-मेल पते जुगाड़िए। यह काम ज्यादा मुश्किल नहीं है। आपको मुश्किल लगता है तो मुझसे ले लीजिएगा। पूरी सूची तैयार है। सभी को एक मेल भेजिए- फलां शीर्षक पर पोस्ट लिखी है। आपके दर्शन को तरस रही है। कृपया टिप्पणी कर इसे धन्य कीजिए। भाषा को आप जितनी रोचक बनाएंगे, कमेंट मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ती जाएगी।

9. 'इमोशनल अत्याचार' कीजिए

अब अपने हथियार की धार बदल दीजिए। टिप्पणियों की संख्या को फिर से बूस्टर डोज देने के लिए आप इमोशनल अत्याचार का सहारा लीजिए। नहीं समझे। एक दिन अचानक लिख दीजिए कि अब मैं ब्लॉगिंग छोड़ रहा हूं। यह मेरी आखिरी पोस्ट है। उसके बाद पाठक टिप्पणियां कर आपको मनाने की औपचारिकता निभाएंगे। अगले दिन आप मान जाइए। आपकी टिप्पणियां जरूर बढेंगी।

10. 'अपोजिट जेंडर' का खास ख्याल रखिए

यह सबसे अहम मसला है। और टिप्पणियां कमाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका। आप किसी अपोजिट जेंडर के ब्लॉग पर टिप्पणी करते वक्त थोड़ा सा पर्सनल और सॉफ्ट हो जाइए। फिर देखिए। बदले में आपको किस तरह धड़ाधड़ टिप्पणियां मिलती हैं। कविता लिखी तो भी वाह-वाह.. लेख लिखा तो बल्ले-बल्ले।


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Friday, February 13

मेरे ब्लॉग का दिल धड़कता है !

अपडेट- 1. रंजू जी और ताऊ ने ध्यान दिलाया कि यह दिल इंटरनेट एक्सप्लोरर में तो दिखता है, लेकिन मोजिला फायरफॉक्स और गूगल क्रोम में नहीं। इसलिए इसे देखने के लिए ब्लॉग को इंटरनेट एक्सप्लोरर पर खोलें।

2. वेलेंटाइन डे बीत जाने की वजह से इस दिल का प्रदर्शन इस ब्लॉग पर रोक दिया गया है। परंतु आप चाहें तो नीचे दिए गए बटन से अपने ब्लॉग पर यह दिल लगा सकते हैं।


यकीन नहीं होता.. तो हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर आकर कर्सर को देखिए। यहां आपको धड़कता हुआ दिल दिखेगा। यह साबित कर रहा है कि मेरा ब्लॉग पूरी तरह से जवान है और वेलेंटाइन डे सेलिब्रेट करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। आप सभी को प्यार के इस दिवस की शुभकामनाएं। क्या आप भी इस प्यारे से गुलाबी दिल को अपने ब्लॉग पर कर्सर के साथ चिपकाना चाहते हैं?

यह चुटकियों का काम है। आप बस (ब्लॉगर ब्लॉग) नीचे दिए बटन पर क्लिक करें और लॉग इन कर निर्देशों का अनुसरण करते जाएं। आपके ब्लॉग पर भी यह प्यारा सा दिल धड़कने लगेगा।



नोट- अगर आप यह दिल वेलेंटाइन डे के बाद अपने ब्लॉग पर नहीं रखना चाहते तो आसानी से लेआउट में जाकर इस गैजेट को डिलीट कर सकते हैं।

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Monday, February 9

हिन्दी ब्लॉगिंग आपको क्या देती है? (व्यंग्य)


बहुत से साथी अक्सर सवाल पूछते हैं कि हिन्दी ब्लॉग उन्हें क्या दे सकता है। आत्म-संतुष्टि, समय का बेहतर उपयोग वगैरह.. वगैरह। पर वे इस जवाब से संतुष्ट नहीं होते और तर्क देते हैं कि जब यह पैसा नहीं दे सकता, तो क्यों इसके पीछे दिमाग खपाया जाए। मेरे भोले और बुद्धू साथियो.. क्या पैसा ही सबकुछ है? भई.. पैसे से बड़ा भी तो कुछ होता है.. लाख रुपया खर्च कर भी आपको ये सब चीजें नहीं मिल सकतीं.. आप खुद जानिए ब्लॉग लिखने की दस खास वजहें-

1. फोकट के श्रोता

क्या मजाल है कि आप शौहर, बीवी, प्रेमी, प्रेमिका या दोस्तों के सामने अपने ज्ञान का ढिंढोरा इस तरह पीटें। कोई नहीं सुनेगा जी आपकी। पर ये ब्लॉग संसार है ना.. यहां फोकट के श्रोता हैं.. सुनेंगे ही। या यूं कहें कि सुननी तो पड़ेगी ही। नहीं सुनेंगे तो उनको कौन सुनेगा..

2. फोकट का मनोरंजन

यहां सृजन है तो विध्वंस भी है। बुद्धिमानी है तो बेवकूफी भी है। लेखक हैं तो पाठक भी हैं। और वही पाठक लेखक भी है। यह एक चेन (शृंखला) है, आप अपने जैसे लोगों को आसानी से ढूंढ़ सकते हैं। आप उनके गाल बजाइए.. वो आपके गाल बजाएंगे.. यानी फोकट में विशुद्ध मनोरंजन.. क्या मिल सकता है आपको कहीं और ऐसा..

3. फुल-टू टाइम पास

की-बोर्ड पर आपको ठक-ठक करते देख आपके साथी सोचते हैं कि आपके बराबर कोई कर्मठ नहीं है। लेकिन उन बेचारों को क्या पता कि टाइम पास करना तो आपकी मजबूरी है। आपका बहुत अच्छा टाइम पास होता है और लोगों (खासतौर पर बीवी) की नजर में आप कर्मशील बने रहते हैं।

4. खुद को पॉपुलर करने का तरीका (सेलिब्रिटी स्टेटस)

अजी अपना एक ब्लॉग है। अमिताभ जी, आमिर जी, लालू जी सभी लिख रहे हैं। तो अपुन भी लिख रहे हैं। उस पर आपका नाम और फोटो दूसरे ब्लॉग की टिप्पणियों में भी आसानी से दिखते हैं। जो ब्लॉग के बारे में ज्यादा नहीं जानते.. उनके सामने शेखी बघारी जा सकती है कि अपुन तो सेलिब्रिटी हैं जी..

5. लिक्खाड़ों की जमात (गैंग) का सदस्य बनने का मौका

आजकल खूब सामूहिक ब्लॉग लिखे जा रहे हैं। दो मिनट में उनके साथ आसानी से जुड़ जाइए। कुछ ब्लॉग्स पर तो किसी तरह की पड़ताल नहीं होती कि कौन जुड़ रहा है। उसके बाद अपने दोस्तों को दिखाइए कि यह अपुन का ब्लॉग है। देखो इस पर अपुन के अलावा फलां जी और फलां जी भी लिखते हैं। भले ही उस ब्लॉग पर आपने एक भी पोस्ट नहीं लिखी हो..

6. गूगल सर्च इंजन में खुद का नाम, फोटो, ब्लॉग देखने का सुख

थोड़ी मेहनत करने पर आप ब्लॉग के जरिए अपना चिकना-चुपड़ा सा फोटो मय नाम के गूगल सर्च इंजन में देख सकते हैं। फिर हैकड़ी दिखाइए- देख मेरा नाम गूगल पर टाइप कर.. अपुन का फोटो आएगा.. आया ना.. अपुन तो हैं ही ऐसे..

7. रद्दी से रद्दी रचनाओं पर वाहवाही लूटने का साधन

एक कविता का नमूना देखिए-- मन एक नदी.. बहता जा रहा है.. बहता जा रहा है.. समंदर की खोज में..राह के पत्थरों को तराशते.. अपनी मंजिल तलाशते। ये मैंने बस 5 सैकंड में लिखी। आप भी ऐसा ही कुछ वाहियात लिखकर पोस्ट कर दीजिए। मेरी गारंटी है कि आपको 10-15 टिप्पणियां तो मिल ही जाएंगी कि वाह.. क्या लिखा है.. सुंदर कविता.. .. जयशंकर प्रसाद जी को भी इतनी तारीफ कभी नहीं मिली होगी..

8. हर शहर में एक न एक परिचित होने का अहसास/भ्रम

दस महीने के छोटे से ब्लॉगिंग करियर के बाद कह सकता हूं कि हिंदुस्तान के हर शहर में मेरा कोई न कोई ब्लॉगर बंधु जानकार है। कभी वहां जाना हुआ तो धमक पड़ेंगे उनके घर। जेब के पैसे बचेंगे (चाय-नाश्ते और होटल के)। अब आप ही बताइए कि यह कमाई नहीं तो और क्या है..

9. फिजूल की जिम्मेदारी

कुछ ब्लॉगर साथी तो बरसों से ब्लॉग लिखते-लिखते यह भ्रम पाल बैठे हैं कि अगर उन्होंने पोस्ट नहीं की तो उनके पाठकों पर क्या बीतेगी। उनकी सुध-बुध कौन लेगा। पाठक तो उनके बच्चे हैं। तो यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे पोस्ट करते जाएं, करते जाएं और फिजूल की जिम्मेदारी का निष्ठा के साथ पालन करें.. उनको क्या पता कि उनके बच्चे तो उनको झेल रहे हैं..

10. बेहतर भविष्य

मेरे जैसे ब्लॉगर इसमें अपना बेहतर भविष्य देखते हैं.. सोचते हैं कि क्या पता भविष्य में ऊंट किस करवट बैठे.. शायद हिन्दी ब्लॉग्स पर एडसेंस मेहरबान हो जाए और कमाई होने लगे.. या पता नहीं कोई सुंदर सी कन्या इस ब्लॉग को पढ़ बैठे और वेलेंटाइन डे पर मुझे प्रपोज कर दे.. (बहुत-बहुत सुंदर हो तो ही करना..)

वजह अपनी-अपनी है.. आप मुझे टिप्पणी कर बता सकते हैं कि आपकी वाली वजह कौनसी है। अगर इनसे अलग हो तो और भी अच्छा..

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Thursday, February 5

डुप्लीकेट ब्लॉग बनाएं

सीखिए चुटकियों में अपने ब्लॉग के जैसा ही एक और ब्लॉग (बैकअप) बनाने का तरीका

पिछली पोस्ट में जानकारी दी गई थी कि किस तरह से आप दो या दो से ज्यादा ब्लॉग को एक में समाहित कर सकते हैं। इसी कड़ी में अब जानकारी दी जा रही है कि आप किस तरह से अपने ब्लॉग का डुप्लीकेट ब्लॉग तैयार कर सकते हैं। डुप्लीकेट ब्लॉग मतलब आपके ब्लॉग की प्रविष्ठियों और टिप्पणियों को एक और जगह सहेज कर रखने वाला ब्लॉग। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हैं, जिन्हें अपनी प्रकाशित प्रविष्ठियों को अक्सर एडिट करना पड़ता है। उनके लिए यह ब्लॉग किसी भी विषम परिस्थिति में बैकअप का काम कर सकता है। साथ ही जिस ब्लॉग पर एक से ज्यादा लेखक होते हैं, वहां भी आपसी तालमेल के अभाव में किसी प्रकाशित पोस्ट के साथ छेड़छाड़ या उसके डिलीट हो जाने का खतरा होता है। ऐसे में उन्हें भी अपनी सभी पोस्ट और कमेंट्स (पेज एलिमेंट समेत) का बैकअप डुप्लीकेट ब्लॉग के रूप में रखना चाहिए।

जानते हैं इसे बनाने का तरीका-

1. डैशबोर्ड पर जाइए।

2. उस ब्लॉग की सैटिंग्स पर क्लिक कीजिए, जिसका आप डुप्लीकेट ब्लॉग बनाना चाहते हैं।

3. सबसे ऊपर Blog Tools श्रेणी में Export blog पर क्लिक कीजिए।



4. यहां आपसे Download Blog का ऑप्शन पूछा जाएगा। इस पर क्लिक कर आप अपने ब्लॉग की .xml फाइल को कंप्यूटर की किसी डायरेक्ट्री में सेव कर लीजिए।

5. इसके बाद आप फिर से डैशबोर्ड पर जाइए और Create a Blog पर क्लिक कीजिए।



6. यहां थोड़ा नीचे आपको Advanced Options दिखेगा। यहां नीचे दिखाए गए चित्र के अनुसार Import Blog Tool पर क्लिक कीजिए।



7. अब यहां आप उस फाइल को ब्राउज कर लीजिए, जिसे आपने स्टेज-4 में सेव किया था।

फाइल को अपलोड करते ही आपका डुप्लीकेट ब्लॉग तैयार हो जाएगा। आप इसे भविष्य में किसी असुविधा से बचने के लिए बैकअप के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

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Wednesday, February 4

ब्लॉग 'आयात' व 'निर्यात' कीजिए

क्या आप अपने दो या दो से अधिक ब्लॉग्स का विलय कर एक बनाना चाहते हैं? अथवा क्या आप अपने ब्लॉग की चुनिंदा प्रविष्ठियों को टिप्पणियों समेत दूसरे ब्लॉग पर ले जाना चाहते हैं? ब्लॉगर ब्लॉग पर यह चुटकियों का काम है। हिमांशु जी चाहते हैं कि वे अपने ब्लॉग 'नया प्रयत्न' को 'सच्चा शरणम' में समाहित कर दें। उन्हीं के निर्देश पर आज की यह पोस्ट प्रकाशित की जा रही है। आइए जानते हैं ब्लॉग को 'आयात' व 'निर्यात' करने का तरीका-

दो ब्लॉग्स को एक में बदलने का तरीका

1. डैशबोर्ड पर जाइए।

2. उस ब्लॉग की सैटिंग्स पर क्लिक कीजिए, जिसकी प्रविष्ठियों को (टिप्पणियों समेत) आप दूसरे ब्लॉग पर ले जाना चाहते हैं।

3. सबसे ऊपर Blog Tools श्रेणी में Export blog पर क्लिक कीजिए।



4. यहां आपसे Download Blog का ऑप्शन पूछा जाएगा। इस पर क्लिक कर आप अपने ब्लॉग की .xml फाइल को कंप्यूटर की किसी डायरेक्ट्री में सेव कर लीजिए।

5. अब फिर से डैशबोर्ड पर जाकर उस ब्लॉग पर जाइए, जिसमें आप उपरोक्त ब्लॉग की प्रविष्ठियों को दिखाना चाहते हैं।

6. सैटिंग्स पर क्लिक कीजिए, और सबसे ऊपर Blog Tools श्रेणी में Import blog पर क्लिक कीजिए।



(अगर आप सभी प्रविष्ठियां दिखाने चाहते हैं तो संबंधित विकल्प चुनें और मनचाही प्रविष्ठियां चुनने की अवस्था में इस विकल्प को खाली छोड़ दें)



7. यहां आपसे उस फाइल का पता पूछा जाएगा, जिसे आपने स्टेप-4 में सेव किया था।

8. Import blog पर क्लिक कर निर्देशों का पालन करते ही पहले ब्लॉग की प्रविष्ठियां और टिप्पणियां दूसरे ब्लॉग में समाहित हो जाएंगी।



नोट- ध्यान रखें कि इस विधि से पहले ब्लॉग पर कोई असर नहीं होगा। उसे पूर्व की तरह ही देखा जा सकेगा।

अगली पोस्ट में ब्लॉग का डुप्लीकेट ब्लॉग तैयार करने का तरीका



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Tuesday, February 3

एक क्लिक पर 'कविता कोश विजेट'


अगर आप हिन्दी साहित्य और हिन्दी काव्य में जरा भी रुचि रखते हैं तो कविता कोश के बारे में तो जानते ही होंगे। यह साइट हिन्दी काव्य का महासागर है। यहां सभी नामचीन कवियों की रचनाएं पढ़ी जा सकती हैं। ब्लॉगर साथियों के लिए खुशी की बात यह है कि वे अपने ब्लॉग की साइडबार में 'कविता कोश विजेट' बस एक क्लिक पर लगा सकते हैं।
इस विजेट में कविता कोश पर नवीनतम पांच पन्नों की जानकारी तो होती ही है, साथ ही वेबसाइट के प्रमुख लिंक भी मौजूद होते हैं। इसकी मदद से आप अपने ब्लॉग के जरिए ही कविता कोश के हिन्दी काव्य महासागर में डुबकी लगा सकते हैं। देखिए, यह विजेट कैसा दिखता है-



अगर आप इस विजेट को अपने ब्लॉग (केवल ब्लॉगर ब्लॉग) पर लगाना चाहते हैं तो नीचे दिए बटन पर क्लिक कीजिए। उसके बाद साइन-इन कीजिए और ब्लॉग चुनकर विजेट सेव कर दीजिए।



और जानकारी इस पृष्ठ से ली जा सकती है।

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Monday, February 2

कमेंट बॉक्स के ऊपर मनचाहा संदेश


कई चिट्ठों पर टिप्पणी करते वक्त आपने देखा होगा कि कमेंट बक्से के ठीक ऊपर एक संदेश लिखा होता है, जिसमें ब्लॉग का लेखक अपने पाठकों से मनचाही अपील कर सकता है या उन्हें अग्रिम धन्यवाद ज्ञापित कर सकता है। रवि रतलामी जी और रंजू भाटिया जी जैसे वरिष्ठ आदरणीय ब्लॉगर ऐसे संदेशों का इस्तेमाल करते हैं। आप भी अपने ब्लॉग पर ऐसा संदेश चुटकियों में लगा सकते हैं।



आइए जानते हैं कमेंट बक्से के ऊपर मनचाहा संदेश लगाने का तरीका-

1. अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड पर जाइए।

2. Settings पर क्लिक कीजिए।

3. Comments पर क्लिक कीजिए।



4. पेज को थोड़ा स्क्रॉल कीजिए और Comment Form Message के बक्से तक जाइए।

5. इस बक्से में अपना मनचाहा संदेश लिख लीजिए (या पेस्ट कर लीजिए)।



6. परिवर्तन को सेव कर दीजिए।

अब आपके कमेंट बक्से के ऊपर आपका मनचाहा संदेश दिखने लगेगा।

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