Monday, April 28

पोस्ट पर रेटिंग लगाएं

अपने ब्लॉग पर पोस्ट करने के बाद कमेंट्स का इंतजार सभी को रहता है। अगर आपका ब्लॉग नया है तो हो सकता है कि पोस्ट पर कमेंट नहीं मिलते हों। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आपका ब्लॉग देखा ही नहीं जा रहा। पाठक आपके ब्लॉग को देख तो रहे हैं, लेकिन टिप्पणी नहीं लिख रहे हैं। एक रायशुमारी से पता चला है कि करीब अस्सी फीसदी यूजर्स केवल सर्फिंग का ही मजा लेते हैं, की-बोर्ड पर कुछ लिखना पसंद नहीं करते। तो अच्छा होगा कि आप अपने ब्लॉग पर पोस्ट के आखिर में रेटिंग की व्यवस्था कर लें। पाठक पोस्ट को अपनी पसंद के आधार पर रेट कर देगा और इसके लिए उसे अपना माउस बस एक बार चटकाना होगा। है ना सही..

यूं तो कई वेबसाइटें ब्लॉगर के लिए रेटिंग विजेट मुहैया कराती हैं। लेकिन मुझे इन दो ने खासा प्रभावित किया है।

1. आउटब्रेन-

इस साइट के जरिए हिन्दी रेटिंग विजेट को अपने ब्लॉग पर लाना काफी आसान है। साइट पर जाइए। अपने ब्लॉग सेवा प्रदाता का आइकन चुनिए। भाषा चुनिए, नाम और कूटशब्द दीजिए, ब्लॉग चुनिए और यह विजेट आपके ब्लॉग से जुड़ जाएगा।


2. पोस्टरीच

यह विजेट पाने के लिए किसी तरह की माथा-फोड़ी की जरूरत नहीं है। आप बस इस पोस्ट के नीचे लगे रेटिंग विजेट पर माउस ले जाइए। गेट विजेट नाउ पर क्लिक कर अपने विजेट को कस्टमाइज कर लीजिए। यह सेवा पोस्टरीच की ओर से मुहैया कराई गई है।

Friday, April 25

नवबार हटाएं

नवबार ब्लॉगस्पाट ब्लॉग पर सबसे ऊपर लगी पट्टी होती है। जब भी आप नया ब्लॉग बनाते हैं तो यह पट्टी नजर आती है। कई बार यह पट्टी ब्लॉग की कलर थीम से मेल नहीं खाती और देखने में अटपटी लगती है। ज्यादातर ब्लॉग अब इस पट्टी से निजात पा चुके हैं। क्या आप भी अपने ब्लॉग से इस पट्टी को हटाना चाहते हैं?


नवबार को थोड़ी सी मशक्कत से हटाया जा सकता है।

इसे हटाने के लिए ब्लॉग के टेम्पलेट या लेआउट में जाएं. वहां एडिट एचटीएमएल पर क्लिक करें। (एचटीएमएल कोड में परिवर्तन करने से पहले अपनी टेम्पलेट का बैकअप जरूर रखें। इससे आप अपनी मूल टेम्पलेट फिर से पा सकते हैं। टेम्पलेट को डाउनलोड करने का तरीका यहां दिया गया है।)

अब इसे हटाने के दो तरीके हैं।

तरीका-1

एचटीएमएल कोड में एक जगह आपको



लिखा मिलेगा। नवबार हटाने के लिए आपको इसके ठीक ऊपर




कोड पेस्ट कर देना है।

इसके बाद आप इस परिवर्तन को सेव कर दें। आपको नवबार से छुटकारा मिल चुका है।

तरीका-2

अगर आप टेम्पलेट का क्लासिक वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं तो ब्लॉग में एडिट एचटीएम पर जाएं और कोड में



तलाशें। नवबार हटाने के लिए आपको इसकी जगह




पेस्ट करना है।

परिवर्तन को सेव करते ही आपको ब्लॉग पर नवबार नजर नहीं आएगी।

नोट- क्या नवबार हटाना वैधानिक रूप से उचित है?
ब्लॉगर की शर्तों में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि नवबार को हटाया जा सकता है या नहीं। इसलिए इस पर किसी भी तरह के प्रयोग के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। चलिए हम यह कहते हैं कि हम नवबार को हटा नहीं रहे हैं, बल्कि इसे छिपा रहे हैं।

Thursday, April 24

ब्लॉग का पता बदलिए

किसी भी ब्लॉग की सफलता में उसकी सामग्री के साथ उसके यूआरएल यानी वेबपते का भी अहम योगदान होता है। क्योंकि शुरुआत में यह सर्च इंजनों में अच्छी रैंक नहीं बना पाता और इसे पाठक किसी एग्रीगेटर, आरएसएस फीड या सीधे यूआरएल का प्रयोग कर पढ़ते हैं। इसलिए अगर आपके ब्लॉग का पता याद करने में कठिन है तो यह इसकी पहुंच को सीमित कर सकता है। अगर आपका ब्लॉग अभी नया है और इसे ज्यादा लोग नहीं देखते, तो आप अपने पते को दुरुस्त कर लीजिए। यह एकदम आसान है। पता ऐसा चुनिए, जो याद रखने में आसान हो, जुबान पर सहजता से आता हो और आपके ब्लॉग के शीर्षक से मेल खाता हो। जानते हैं यूआरएल बदलने की कला-

1. सबसे पहले ब्लॉगर अकाउंट में लोग़- इन कीजिए। यहां आपको डैशबोर्ड नजर आ रहा होगा।

2. उस ब्लॉग पर क्लिक करें, जिसका यूआरएल आप बदलना चाहते हैं।

3. शीर्षक के ठीक नीचे setting टैब को चुनें।

4. इसके नीचे लगी बार में Publishing टैब को चुनें।

5. बॉक्स में नया पता लिखें और परिवर्तन को सेव कर दें। अगर आपका मनचाहा पता उपलब्ध होगा तो आपका ब्लॉग इस नए पते पर देखा जा सकता है।

यह जानकारी उन दोस्तों के लिए भी काम की है, जो अपने ब्लॉग को अपने पर्सनल डोमेन नेम पर ट्रांसफर करना चाहते हैं।

Tuesday, April 22

फेवआइकन लगाया क्या?

अब आप पूछेंगे कि ये फेवआइकन (favicon) बला क्या है? चलिए, बता देते हैं। ब्राउजर की विंडो में एड्रेस बार (जहां वेबसाइट का पता लिखा होता है) में यूआरएल (वेबपते) से ठीक पहले आपको एक आइकन दिख रहा होगा। सामान्य रूप से यह आपके ब्राउजर (जैसे इंटरनेट एक्सप्लोरर या मोजिला फायरफोक्स) का लोगो होता है। आप इसे अपनी मर्जी के मुताबिक चुन सकते हैं। यही कहलाएगा फेवआइकन।
इसे लगाना थोड़ा चालाकी भरा है, लेकिन मुश्किल बिल्कुल नहीं। चलिए एक-एक कर आपको इसकी स्टेप्स बताते हैं-

1. सबसे पहले एक इमेज चुने, जिसका इस्तेमाल आप फेवआइकन के रूप में करना चाहते हैं। (अगर यह इमेज वर्गाकार हो तो क्या कहने, क्योंकि फेवआइकन वर्गाकार ही होता है। इसका साइज सामान्य रूप से 16X16 या 32X32 होता है।)

2. online icon generator जैसे कैचवर्ड किसी सर्च इंजन में डालकर ऐसी वेबसाइट ढूंढ़े जो आपकी इमेज को .ico फा‍र्मेट में बदल दे।

3. इस इमेज को सेव कर लें और गूगलपेजेज या किसी अन्य free image hosting वेबसाइट पर इसे होस्ट कल लें। (अगर आपको इसमें समस्या आ रही है तो साइडबार में लगे चैट-बा‍क्स के जरिए मुझसे संपर्क किया जा सकता है।)

4. अब आपको इमेज का यूआरएल (वेबपता मिल गया होगा।) इसे सेव कर लें, क्योंकि अगले चरण के बाद आपको इसकी जरूरत पड़ने वाली है।

5. अब आप अपने ब्लॉग के टेम्पलेट या लेआउट में जाएं. वहां एडिट एचटीएमएल पर क्लिक करें। (एचटीएमएल कोड में परिवर्तन करने से पहले अपनी टेम्पलेट का बैकअप जरूर रखें। इससे आप अपनी मूल टेम्पलेट फिर से पा सकते हैं। टेम्पलेट को डाउनलोड करने का तरीका यहां दिया गया है।)

6. यहां आपको



लिखा मिलेगा। या हो सकता है कि आपको



लिखा मिले।

7. इसके ठीक नीचे यह कोड पेस्ट कर दें



8. इसमें URL of your icon file की जगह वह इमेज यूआरएल पेस्ट कर दें, जिसे आपने स्टेप 4 में सेव किया था।

9. save template changes बटन को क्लिक कर दें।

अब आपके ब्लॉग पर फेवआइकन लग गया है। इसे फेवरैट्स में सेव करेंगे तो भी यह आइकन आपको दिखेगा।
अगर कहीं प्रक्रिया उलझन भरी लगी हो तो बताइएगा जरूर।

Wednesday, April 16

नए ब्लॉगर्स के लिए गुर

Tips For new Bloggers.यह पोस्ट उन यूजर्स के लिए हैं, जो ब्लॉग शुरू करने की तकनीक तो जानते हैं, लेकिन इसे शुरू नहीं कर पा रहे हैं। यहां मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि अगर कोई ब्लॉग लंबे समय तक अपनी पहचान बनाए रख सकता है तो केवल अपनी अच्छी सामग्री की बदौलत। ब्लॉग के स्वरूप और इसके प्रस्तुतीकरण से भी यूजर्स प्रभावित होते हैं, लेकिन सबसे बड़ी भूमिका सारगर्भित औऱ काम की सामग्री की होती है। जानते हैं कुछ ऎसी ही काम की टिप्स के बारे में-

1. विषय का चयन- ब्लॉग शुरू करते समय इस बात का खास ख्याल रखा जाना चाहिए कि उसकी शुरूआत किस मकसद से हो रही है। अगर आप अपनी कविताएं और रचनाएं इस पर लाना चाहते हैं तो दूसरी चीजें इस पर मत डालिए। अगर आप शेयर बाजार पर चर्चा करने के लिए ब्ला‍ग शुरू कर रहे हैं तो दूसरी बातें इस पर नहीं होनी चाहिए।

2. विषय पर पकड़- जिस विषय पर आप ब्लॉग संचालित कर रहे हैं, उस पर आपकी अच्छी पकड़ होनी चाहिए। आपको नियमित रूप से अपडेट रहने की भी जरूरत है। अगर आप यूजर्स तक खास सामग्री पहुंचाएंगे, तो इसका आपको अच्छा प्रतिफल मिलेगा।

3. नियमित लिखें- ब्ला‍ग शुरू करने के बाद इसे नियमित रूप से अपडेट करना भी जरूरी है। आप इसके लिए नियमित एक पोस्ट या सप्ताह में दो पोस्ट का नियम बना सकते हैं। नियमित लिखने से आपके यूजर्स ब्लॉग पर जरूर आते हैं और सर्च इंजन के स्पाइडर भी नियमित अपडेट होने वाले ब्ला‍ग को अच्छी रैंक देते हैं।

4. भाषा पर पकड़- हिन्दी ब्लॉगर्स की सबसे बड़ी कमी यह है कि वे ब्लॉग लिखते समय साहित्यिक भाषा का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। यूजर्स को यह भाषा जटिल लगती है। भाषा सामान्य बोलचाल की होनी चाहिए। हालांकि व्याकरण औऱ वर्तनी का ध्यान रखना जरूरी है।

5. की-वर्ड का चयन- ब्लॉग के हेडर के साथ वे सभी की-वर्ड ध्यानपूर्वक लगाए जाने चाहिए, जो आपके ब्लॉग की प्रकृति को स्पष्ट करते हों। साथ ही पोस्ट के साथ लेबल भी इस्तेमाल करने चाहिए, जिससे यूजर्स अपने काम की चीज आसानी से ढूंढ़ सकें। उचित की-वर्ड और लेबल से आपका ब्लॉग सर्च इंजन के युद्ध में भी अच्छा प्रदर्शन करता है।

6. आरएसएस फीड- आरएसएस फीड से आपके ब्लॉग का दायरा बढ़ता है। पाठकों के लिए अपने ब्लॉग को किसी भी आरएसएस रीडर से जोड़ना अच्छा साबित होता है।

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Sunday, April 6

आपका साथ चाहिए

कहते हैं कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है। ब्लॉगिंग करते हुए मैंने काफी कुछ सीखा और इसके साथ कई प्रयोग भी किए। कभी इसकी टेम्पलेट बदली, तो कभी इसमें अनोखे विजेट इस्तेमाल किए। शौक ही शौक में मैंने एचटीएमएल और जावास्क्रिप्ट पर भी हाथ आजमाए और इसमें मैं काफी हद तक सफल भी रहा। मैंने औपचारिक रूप से कभी कम्प्यूटर या इससे जुड़ी चीजों के बारे में नहीं सीखा है, लेकिन मेरे शौक की वजह से मैं काफी कुछ जान गया हूं। मैं सोच रहा हूं कि क्यों न इस ज्ञान का आपके साथ आदान-प्रदान करूं। इसी सोच के साथ आज मैं इस ब्लॉग की शुरूआत कर रहा हूं।

अगर मैं आपकी किसी भी तरह की सहायता कर सका, तो मैं इस ब्लॉग के उद्देश्य को सफल मानूंगा। आप मुझसे ब्लॉगिंग से जुड़े किसी भी विषय पर विचार-विमर्श कर सकते हैं।

टिप्स:




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